Tuesday, December 28, 2010

ख़राब ग्रह और बाधक ग्रहों के उपाय :-

Filled under:

ख़राब ग्रह और बाधक ग्रहों के उपाय :-

108 ग्राम की मात्र में दही ले और जो बाधक या ख़राब ग्रह हो उससे सम्बंधित वस्तु दही में मिला दे दोनों का मिश्रण 108 ग्राम से ज्यादा न हो |
ग्रह वार को और उस ग्रह को होरा में शिव मंदिर जाय और शिव लिंग में 108 ग्राम दही को तीन भागो में शिव लिंग पर चढ़ाए | पहली बार दही मिश्रण चदाये और शिव लिंग को गंगा जल से धोवे फिर दही मिश्रण चढ़ाए फिर गंगा चल से शिव लिंग को साफ करे फिर तीसरी बार दही मिश्रण चढ़ाए और गंगा जल से धोए और प्राथना करते जाए की हमारे ख़राब या बाधक ग्रह की बाधकता को दूर करे और अंत में ॐ नमः शिवाय का ज़प करते हुए ग्रह से सम्बंधित 12 पुष्प शिव लिंग में अर्पित कर दे |
ग्रह          वस्तु         फूल
सूर्य         जावित्री       लाल पुष्प 
चन्द्र         दही         सफ़ेद पुष्प
मंगल        शहद         लाल पुष्प
बुध          घी          हरा पुष्प
गुरु    केशर साथ में हल्दी   पीला पुष्प
शुक्र         गुलाब जल    सफ़ेद पुष्प
शनि    सरसों का तेल            नीला फूल

Posted By Ashish TripathiTuesday, December 28, 2010

Monday, December 27, 2010

VASTU ART 2

Filled under:

Posted By Ashish TripathiMonday, December 27, 2010

VASTU PART 01

Filled under:

Posted By Ashish TripathiMonday, December 27, 2010

Friday, December 24, 2010

प्याज़ और लहेसून पर डकैती .....

Filled under:



कानपुर क्या पुरे देश में एक बार फिर से प्याज़ सहित अन्य चीजों के दाम आसमान छुने लगे है और आम आदमी की पहुच इन चीजों से दूर होती जा रही है .. और अगर सत्ता पक्षमें जो भी पार्टी हो लेकिन विपक्ष में बैठी अन्य पार्टिया अपना विरोध प्रदर्शन उनके खिलाफ करना चालू कर देती है और नायब तरीके भी ढूँढ निकलती है शायद इनके पास कोई वैकल्पिक अनुवादों के लिए क्लिक करें">क्रिएटिव आदमी रहता है तभी तो नए नए तरीके हमेशा निकाल लाते है ..
अब कानपुर से सपा के विधायक इरफ़ा सोलंकी को ही ले लीजिये उन्होने भी विरोध का नायब और अनोखा तरीका ढूँढ निकला ..
कल शाम 3 बजे के बाद सपा कार्यालय नवीन मार्केट से इरफ़ान सोलंकी का जुलुस लाव लस्कर के साथ आरम्भ हुआ और देखते ही देखते प्याज और लहेसून और अन्य सब्जियों को इरफ़ान सोलंकी जैसे ही गाड़ी पर लेकर बैठे वैसे ही उनके चारो ओर अस्त्र शस्त्र धारी कमांडो आकर खडे हो गय पहले तो लोगो को समझ ही नहीं आया की अचानक इरफ़ान सोलंकी की इतनी सुरक्षा क्यों बढ गई है लेकिन कुछ देर बाद ही मामला समझ में आया और इरफ़ान सोलंकी ने बताया की ये मेरे लिए नहीं है अगर प्याज़ और अन्य सब्जियों के दाम इस तरह ही बदते रहे तो कही इन पर डकैती न पड़ने लगे सो इनकी सुरक्षा व्यवस्था भी तो करनी पड़ेगी सो इन की सुरक्षा के लिए ही ये कमांडो लाया गए है ..
और नारे बजी करते ही इरफ़ान सोलंकी बड़ा चुरह हिओतेय ही पंजाब अब्द सिंध बैंक के पास पहुच कर नारे बजी करने लगे फिर लोगो को आश्चर्य हुआ तो बताया गया की जब सब्जिय इतनी महेंगी होंगी तो उनको लाकर में भी रखन पड़ेगा इशलिये इनको बैंक के लाकर में रखने के लिए लाकर खुलवाने आया हु कुछ देर बाद ही बैंक मंजेर ने फॉर्म लाकर दिया और इरफ़ान सोलंकी ने पंजाब एंड सिंध बैंक में लाकर भी खुलवा दिया ...
कुल मिलाकर सब्जियों या अन्य चीजों के दम बड़े लेकिन नेताओ और राजनितिक पार्टिया तो सिर्फ विरोध प्रदर्शन करके अपना काम कर लेती है लेकिन आज तक किसी के भी विरोध प्रदर्शन के बाद दम काम नहीं होते है ...

Posted By Ashish TripathiFriday, December 24, 2010

जहा लोग पीते है खून का MILKSHAKE.......

Filled under:



केन्या ओर तंजानिया के कुछ आदिवासी गाव ऐसे भी है जहा लोग शुबह ओर
शाम में खून का जूस पीते है.. वो भी जिन्दा जानवरों का जो की इनकी
दिनचर्या का हिस्सा है ..जो की झोपड़ पट्टियों में ओर कच्चे मकानों में
रहते है ओर अपना ज्यादा तर समय जानवरों के साथ ही बिताते है..जो की एक
प्रकार के चारवाह की तरह होते है ...जो की अपने धन को गाय के रूप में
देखते है यानि इन गावों में गौ सेवा ओर उन्हे पालने का कम ही सबसे ज्यादा
होता है जो की इनकी रोज़ी रोटी का हिस्सा है...गाव में जितनी ज्यादा गाय
आपके पास होगी आप उतने ही अमीर कहलाओगे ...इनका मुख्या भोजन दूध ओर मांस
ही है जिस पर की ये निर्वाह है ..खास बात ये है की ये सीधे जानवरों के
शरीर से खून निकल कर पीते है ..

Posted By Ashish TripathiFriday, December 24, 2010

दबंग का अंत

Filled under:




कानपुर से सटे घाटमपुर गाव में एक दबंग का अंत वहा की जनता ने ही कर दिया . दबंग का नाम राजू (25 ) था जो की एक इनामी बदमाश था और उसके ऊपर लूट हत्या पुलिस के साथ मुटभेड और अपरहण अवैध वसूली हत्या के प्रयास सहित कई मामले दर्ज थे ..मौके पर पहुचे कोतवाल ऐ . एन राय और सी.ओ प़ी प़ी सिंह मौके पर पहुचे और उन्होने बताया की ...बदमाश राजू का मूल निवास घाटमपुर के भद्रस गाव में है और कुछ दिनों पहले ही वो जेल से छुट कर आया था और अपने पुराने काम अवैध वसूली में फिर से लिप्त हो गया और और करीब 2-3 महीने पहले ही बदमाश राजू ने गाव के ही अध्यापक निर्मल कुशवाहा से रंगदारी वसूलने की कोशिश की लेकिन वो इसमे सफल नहीं हो पाया और उसका निर्मल कुशवाहा से झगड़ा भी हुआ . ..19 दिसम्बर को बदमाश राजू और अध्यापक निर्मल कुशवाहा का फिर से आमना सामना हो गया जिस पर राजू ने निर्मल कुशवाहा को गालिया देना चालू कर दिया और फिर से वसूली की बात कहने लगा जिस पर एक बार फिर से निर्मल कुशवाहा ने एतराज़ जताया और उसको वहा से चले जाने के लिए कहा लेकिन राजू इस बार कुछ और ही सोच कर आया था... और राजू ने फरसे से उनपर जानलेवा हमला बोल दिया .. दोनों के झगड़े को ग्रामीण देख ही रहे थे तभी गाव वालो ने राजू को निर्मल कुशवाहा के ऊपर हमला करते हुए देखा तो उसको ललकरा जिस पर उसने गाव वालो की ओर फिर से हमला बोलना चाहा लेकिन इस बार गाव वाले कुछ और ही इरादा किये ही थे और उन्होने राजू की धमकियों को दरकिनार करे हुए उसको दौड़ा लिया जिस पर राजू वहा से गलिय देता हुआ भगा और ग्रामीणों का हौसला इस बात पर बाद गया और उन्होने राजू को दौड़ा कर पकड़ लिया और उसके ही फरसे से उस पर हमला बोल कर उसके टुकडे कर दिए . और एक दबंग के आतंक का अंत कर दिया . वही निर्मल कुशवाहा को गंभीर हालात में एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया लेकिन ज्यादा खून बह जाने के कारण उनको सी एच सी घाटमपुर ले जाया गया जहा भी उनको कानपुर के लिए रिफर कर दिया गया था खबर लिखे जाने तक निर्मल कुशवाहा की हालात नाजुक बनी हुई थी ..

Posted By Ashish TripathiFriday, December 24, 2010

जेमनी सर्कस शरू होने से पहले ही बंद...

Filled under:



कानपुर के शास्त्री नगर इलाके के सेंट्रल पार्क में मशहूर जेमनी सर्कस कई दिनों से अपने करतब कानपुर वाशियों को दिखाने की तैय्यारी कर रहा था लेकिन आज जब जेमनी सर्कस का उद्घाटन होना था ठीक उसके एक दिन पहले ही सर्कस में काम करने वाली लड़की नेहा ने जेमनी सर्कस पर बंधक बनाने के आरोप लगाकर सर्कस शुरू होने से पहले ही बंद करवा दिया ...
सुचना मिलते ही की जेमनी सर्क में लडकिया बंधक बनाकर रखी गई है काकादेव पुलिस के होश उड़ गय और आनन फानन में पुलिस मौके पर पहुची और जाँच पड़ताद करके सर्कस को फ़िलहाल बंद कर दिया गया है ..
वाकया कुछ यु हुआ की 10 वर्षीय नेहा जो की कल शाम को अचानक सेंट्रल पार्क से बदहवाश हालात में भाग रही थी और जोर जोर से रोते हुए भागती जा रही थी .. तभी आस पास के लोगो ने उसको पकड़ कर कारण पूछा तो लड़की ने बताया की वो जेमनी सर्कस में काम करती थी जहा पर उसको बंधक बना कर रखा गया था आज मौका लगने पर वो वहा से भाग आई है ...
बकौल नेहा के वह मूलरूप से झासी की रहने वाली है जहा बड़ा गाव में माँ ने दूसरी शादी कर ली और वह पिता के साथ रहती थी गाव में ही जेमनी सर्कस करीब चार महीने पहले ही आया था जहा पर वो अपनी सहेली के साथ घुमने गई थी और वहा वह खो गई रोते ही उसको सर्कस के मैनेजेर ने देखा तो अपने पास ही रख लिया और तब से उसको अपने साथ ही रखे ही है .. यहाँ पर कई और लडकियों को बंधक बना कर रखा हुआ है गलती करने पर कोडे से मारते है काफी काम करने के बाद भी कम खाना देते है ..कुछ दिन पहले उसने गाव जाने की बात कही जिस पर उसको काफी पीटा गया और नेहा को सर्कस में ही काम करने वाले राजवीर और सोनिया के साथ कर दिया गया जो की पति पत्नी है और उसको रोज़ ही पिटते थे ...
उन लोगो की पिटाई से ही कुछ दिन पहले दार्जिलिंग की लड़की का सर फट गया था ...काकादेव थानाध्याच ने बतया की नेहा नाबालिग है और इस वजह से उसकी बयान पर किसी भी प्रकार की रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकती है लेकिन हमने सुचना के अधार पर सर्कस के मैनेजेर और राजवीर और संगीता को हिरासत में ले लिया गया है ..

Posted By Ashish TripathiFriday, December 24, 2010

Saturday, December 18, 2010

देश के लिए मिसाल कानपुर पुलिस

Filled under:

देश के लिए मिसाल कानपुर पुलिस

कानपुर में बदते क्राइम पर लगाम न कस पाने के कारण डी .आई. जी प्रेम प्रकश का तबादला कर दिया गया और उनकी जगह आए नए डी. आई .जी मुथा अशोक जैन जिन्होने आते ही शहर का हाल चाल लिया और फिर सीधे जनता से जुडने का माध्यम बनाया फेस बुक को . लेकिन चोरों ने लगातार वारदातें कर उनके इरादो को हिलाने की पुरजोर कोशिश भी की लेकिन मुथा अशोक जैन ने जो सोचा था उसको करने की ठान रखी थी . लेकिन अखबारों की हेडिंग दिन प्रतिदिन बदलती जा रही थी " डी आई जी साहब फेस बुक पर चोर घरो पर " डी आई जी को चुनोती दे चोर हुए हाई टेक " और चोरो ने उडाए लैपटॉप " अदि शीर्षक अखबारों के पन्नो पर देखने को मिल रहे थे इसी बीच डी. आई .जी मुथा अशोक जैन ने सभी थानों के थानेदारो की मीटिंग कर आदेश दिया की सभी थानेदार को थाने के नाम पर आई. डी बना कर फेस बुक पर जुडने के लिए कहा गया ताकि लोगो का सीधा जुडाव पुलिस से हो सके क्योंकि हर आदमी थाने जा कर शिकायत दर्ज करने पर हिचकिचाता है और जहा तक हो बचता ही है थानों के चक्कर लगाने से ।

इस दिशा में सबसे पहले उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के नौबस्ता थाने को फेस बुक से जोड़ा गया . लेकिन डी. आई .जी मुथा अशोक जैन की इस व्यवस्था में भी लोगो ने कहा की जिन थानों में कंप्यूटर व्यवस्था नहीं है वो क्या करेंगे और जिन थानेदरो को कंप्यूटर और इन्टरनेट की जानकारी नहीं है वो क्या करेंगे ?.लेकिन डी. आई .जी मुथा अशोक जैन ने मीटिंग में साफ कहा की फेस बुक पर जुडने मात्र से काम नहीं चलेगा जो भी फेस बुक पर शिकायत दर्ज करेगा उसको तुरंत ही कन्फर्म करके उस पर कार्यवाही की जाय जिससे जनता का विश्वास हम पर बढेगा और जनता हमें सहयोग भी करेगी.

इस दिशा में कोहना थाना ने अभूतपूर्व कार्य किया और कोहना थाने के थानेदार अलोक मणि त्रिपाठी ने फेस बुक पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर के पूरे यू प़ी ही नहीं देश में कानपुर पुलिस के हाई टेक होने का लोहा मनवा दिया और डी. आई .जी मुथा अशोक जैन के मजबूत इरादों को बल भी मिला ...

फेस बुक पर लोगो को शिकायत दर्ज करने के लिए सम्बंधित थाने का नाम लिखकर एस ओ लिख कर सर्च करना होगा ....डी. आई .जी मुथा अशोक जैन ने बताया की आम आदमी तो छोटी मोटी या बड़ी शिकायत लेकर थाने में चला जाता है लेकिन कार्पोरेट कल्चर और स्टुडेंट्स थाने जाने से घबराते है खास कर महिलाएं और लडकिया .और वही कानपुर एजुकेशन हब बन चुका है और यहाँ पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे स्टुडेंट्स थाने जाने से तब तक बचते हाई जब तक की उनके साथ बड़ी घटना न हो जाए

डी. आई .जी मुथा अशोक जैन ने बताया की इस फेस बुक के पेज को नियमित चेक भी करेंगे और थानेदारो को भी चेक करने के लिए कहा गया है .शहर के पहले तीन थानों को फेस बुक पर जोड़ा गया है पश्चिम मध्य और साऊथ इसके बाद एक एक करके सभी कानपुर के 44 थानों को फेस बुक पर जोड़ा जायेगा लोगो को इस बात की जानकारी देने के लिए की सम्बंधित थाने फेस बुक पर जुड़ चुके है के लिए मेसेज और न्यूज़ के माध्यम से बताया जा रहा है इस व्यवस्था से अधिकारी भी सीधे किन शिकायतों और क्या कार्यवाही हुई जान सकेगा ..वही शहर की जनता इस नई जमाने की पुलिसिया कार्यवाही से काफी खुश नज़र आ रही है क्योंकि इस सुविधा का लाभ सभी को मिलेगा और पुलिस भी जमाने के साथ चलेगी .

इस कदम का लाभ उठाया सबसे पहले कानपुर के चमन गंज निवासी ताबिश अहमद ने जो की गंगा बैराज से अपने घर जा रहे थे और सड़क में वेंडी तिराहे के पास उनका बैग गिर गया और उसमे कई जरुरी कागजात थे उस समय शाम के तीन बज रहे थे और ताबीज ने हाई टेक पुलिस का लाभ उठाया और तुरंत ही फेस बुक पर कोहना थाने में शिकायत दर्ज करवा दी.जिस पर की कोहना थानेदार अलोक मणि त्रिपाठी ने तुरंत ही सम्बंधित नम्बर पर फ़ोन करके कन्फर्मेशन किया कन्फ़र्म होते ही शिकायत दर्ज कर ली ..

ताबिश ने इस तरह फेस बुक पर लिखा था
Tabish Ahmed

* Mark as Spam
* Report as Abuse

Tabish Ahmed Dear Sir,
Respectfully i inform to you.

I am coming from ganga bairaaj to my home at near your poclie station at wendy tiraha. i lost my bag, in my bag some important documents so please register my complain in your police station and inform me.

...Name: Mohammad Tabish
Father`s Name Mr. Badrudduja
Add : 88/326 Chaman ganj Kanpur 208001
Mobile no: 9889714576
See MoreDecember 10 at 3:१२प्म


इसका जवाब भी तुरंत ही कोहना थाने ने दिया जो इस प्रकार था


Kohana Kanpur Police
dear tabish
your complain has been registered at my police station..
The inquiry officer of this case is
Sub inspector pradeep kumar rai..
his mobile number is 9452434098.
...any time u contact me or my officer.
thank you.See More
December 10 at 3:46pm
इस बात से ताबिश तो खुश ही और डी आई जी मुथा अशोक जैन ने नई इबारत भी कानपुर शहर पर लिख दी साथ ही शहर की जनता को विश्वाश भी हो गया की अब हम भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा सकते है..


(पुलिसवाला के लिए कानपुर से आशीष त्रिपाठी की रिपोर्ट
9307950278 )
सआभार पुलिसवाला.इन वेब साईट (http://policewala.in/article-detail.php?ArticleID=603&CategoryID=२१)

Posted By Ashish TripathiSaturday, December 18, 2010

Thursday, December 2, 2010

Wednesday, December 1, 2010

वहशी दरिन्दे

Filled under:


कानपुर किसी समय औद्योगिक राजधानी के नाम से जाना जाता था लेकिन धीरे धीरे कुछ एसा हुआ की राजनीती ने कानपुर की वास्तिविक पहचान को जला दिया और कई मिलो के बंद होने से हजारो लोग रोज़ी रोटी के लिए परेशान हो गय .. फिर क्या था किसी तरह अपने बच्चो को तंग हाली में पला .. लेकिन अब वो समय आ गया है कि कानपुर की औद्योगिक पहचान तो खो गई है लेकिन यहाँ क्राइम का स्तर बढ गया है और सबसे चौकाने वाली बात ये है की जोघटनाएँ घट रही है उसमे सबसे ज्यादा घटनाओ में युवा सम्लित है और शिकार बन रही है लडकिया और महिलाय कही चैन स्नेचिंग तो कही रेप तो कही सामूहिक दुष्कर्म .. स्थान भी इसे की किसी को भगवान कहा जाता है तो किसी स्थान को मंदिर जी मैं बात कर रहा हु की कभी कानपुर के एक नामी अस्पताल में वार्ड बॉय एक बीमार लड़की से रेप करता है और लड़की की मौत हो जाती है .. तो कही एक स्कूल के तथाकथित प्रधानचर्या के स्कूल में ही एक मासूम बच्ची से रेप के बाद हत्या कर दी जाती है इसको हत्या ही कहेंगे की अपना शिकार बनाया और जब हालात बिगड़ी तो उसको उसके घर भिजवा दिया और बच्ची रास्ते मे ही मर गई .. इधर कुछ महीनो में वहशी दरिंदो की संख्या में काफी इजाफा हुआ है इन वहशी दरिंदो में एक बीमारी होती है जिसको की पीडोफिलिया कहते है इनकी हरकते अजीब होती है ये अपने सगे रिश्तो को भी नहीं बख्सते है और इनको पहचानना बड़ा ही मुश्किल काम होता है इस तरह का एक वाकया कानपुर के ही जाजमऊ इलाके में हुआ जहा एक व्यक्ति अपनी ही 4 और 6 साल की लडकियों के साथ छेड़खानी करता था ...जिसकी इन आदतो से उसकी पत्नी भी परेशां रहती और उसको समझाती थी इस बीमारी से ग्रसित लोग बडे ही खतरनाक होते है . इस बीमारी की शुरुआत बचपन से ही होती है लेकिन इसकी पहचान करना बड़ा ही मुश्किल काम होता है इस तरह के रोगियों में बच्चो के साथ सेक्स करने में मज़ा आता है .. लेकिन बात ये है की इस तरह के लोगो का पता घटना होने के बाद ही चलता है कानपुर में इसे अनगिनत केश हो चुके है जिसमे वहशी दरिन्दे बच्चियों को अपना शिकार बना चुके है जिसमे कई की तो मौत तक हो चुकी है ... तारीख २९ नवम्बर शाम के करीब ६ बज चुके थे तभी एक घर से चीखने की आवाज़ आती है जब मोहल्ले के लोग पहुचे तो वहा का नज़ारा देख कर चौक जाते है .. क्योकि उनके पड़ोस में रहने वाले बर्रा दामोदर नगर निवासी राज मिस्त्री का काम करने वाले किशन साहू की 12 साल की लड़की की साबड़ से पीट पित कर हत्या कर दी गई थी और उसका पिता किशन साहू चिला चिल्ला कर रो रहा था .. लड़की पूजा की माँ कुछ ही दिन पहले अपने गृह प्रदेश छत्तीसगढ़ गई हुई थी घर में पिता किशन साहू ने बेटी पूजा को रोक लिया था की पूजा घर में राह कर खाना बनाएगी .. वो इलाके में बने एक खली प्लाट में झोपडी बना कर रहते थे .. किशन साहू के अनुसार वो रोज़ की तरह अपने काम पर चले गई थे और शाम को आकार देखा तो बच्ची खून से लथ पथ पड़ी थी तब उन्होने अपने रिश्तेदार के यहाँ सूचना दी और उनके साथ जा कर के पुलिस को सूचना दी पुलिस भी मौके पर पहुची और घटना स्थल का नज़ारा देख कर पुलिस के भी होश उड़ गय क्योकि पूजा के सर पर साबड़ जैसी किसी चीज़ से मरा गया था और मारने वालो की संख्या दो से ज्यादा ही थी और उसकी स्थित को देख कर पुलिस को रेप की आशंका लगी और उन्होने डॉग स्क्वायेड बुला कर छान बीन भी कराइ लेकिन शुरुआत में कोई भी सुराग नहीं मिला बल्कि कुत्ता बगल के प्लाट में जा कर कुछ देर बैठा रहा जिससे की पुलिस को आस पास के ही लोगो पर शक हुआ और उसने पूजा के शव को सबसे पहले देखने वाली उसकी सहेली संध्या से कई बार पूछ ताछ की और और आखिर में पुलिस ने प्रेम संबंधो के बारे में संध्या से पूछा तो तो उसने बताया की पूजा की ही एक सहेली का मोहल्ले के ही राज बहादुर से प्रेम सम्बन्ध थे जो की अक्सर पूजा से राज बहादुर के बारे में बात किया करती थी .. लेकिन राज बहादुर आए दिन पूजा से भी छेड़ छाड़ करने लगा इस पर उसने एतराज़ किया और और एक दिन पूजा ने राज बहादुर को मुहल्ले की ही एक अन्य युवती के साथ देखा .. तब पूजा को पता चल की राज बहादुर का कई लडकियों से प्रेम सम्बन्ध है इस बात को पूजा ने अपनी सहली से भी बताया .. जिस पर राज बहादुर और उसकी सहेली में झगड़ा भी हुआ .. इस पर राज बहादुर ने पूजा खिलाफ कुछ करने का मन बना लिया ... और 29 नवम्बर को सुबह ११ बजे के करीब राज बहादुर शराब और मांस लेकर आया और अपने दोस्तों जो की पूजा के घर के पास रहने वाले और प्रेस करने वाले दयाराम और चट्टा संचालक के साथ बैठ कर शराब प़ी और पूजा के बारे में राज बहादुर दोनों से बाते करने लगा की उसने मेरे प्यार में अडंगा ड़ाल दिया है और खुद भी कुछ नहीं करने देती है .. शराब के नशे में तीनो ने पूजा के साथ रेप करने की योजना बना डाली .. उधर पूजा इन सब बातो से अन्जान .. पिता किशन के जाने के बाद घर की सफाई कर रही थी और घर की सफाई करने के बाद उसने गैस पर नहाने के लिए गर्म पानी रखा और चारपाई पर बैठ कर पानी गर्म होने का इंतज़ार करने लगी .. तभी राज बहदुर अपने साथियों दया राम और राजेश के साथ पूजा के घर में दाखिल होगया और पूजा ने तीनो को देखते ही पूछा की आप लोग यहाँ क्या करने आये है इस पर राज बहादुर ने कहा हम तो पका ही दीदार करने आये है ..पूजा ने राज बहादुर को धक्का देते ही चिल्ला कर बहार भागने का प्रयास किया लेकिन राजेश ने उसको धर दबोचा और उसका मुह बंद कर के जमीन पर पटक दिया और उसके साथ हरकते करने लगा .. जबकि राज बहादुर और दया राम पूजा को कस कर पकडे ही थे फिर बारी बारी से तीनो ने रेप कर दिया ... बीच बीच में जब पूजा चिल्लाती तो शराब के नशे में वहशी दरिन्दे उसको लोहे की राड से पिटते भी जा रहे थे ... लेकिन राजेश और राज बहादुर के रेप करने के बाद ही पूजा बेहोश हो चुकी थी ...लेकिन इन लोगो ने उसके बाद किसी को पता न चले इस पर राज बहादुर ने राजेश से साबड़ लाने को कहा और राजेश बगल के प्लाट से साबड़ ले आया और फिर राज बहादुर ने पूजा के सर अपर अनगिनत वार कर के उसकी जिंदगी ख़त्म कर दी ..... और फिर तीनो वहा से एक एक करके वहा से भाग गय . जब किशन साहू पूजा के पिता घर आये तो उनके होश उड़ गय ..क्योकि खून इतना ज्याद बह गया था की झोपड़ी के बाहर तक आ गया था ... पुलिस ने शुरू में ही गैंग रेप की बात कही और शक के घेरे में आस पास के 15 लोगो को हिरासत में लेकर पूछ ताछ की लेकिन 9 लोगो को दुसरे ही दिन छोड़ दिया गया .. 3 दिन बीत जाने के बाद भी अभी पुलिस किसी नतीजे में नहीं पहुची थी ...उधर पूजा की खून से ;लथपथ लाश देखकर पूजा के पिता किशन बहुत ज्यादा सहेम गया और उसने अपना घर छोड़ कर अपने रिश्ते दार चचेरे जीजा के साकेत नगर स्थित घर में शरण ली लेकिन वो एक ही बात कहे रहा था की हमने किसका क्या बिगाड़ा था जो मेरी बेटी की हत्या कर दी.. ऐसा न हो की हत्यारे मुझे भी मार दे .. वाही मुहल्ले के लोग भी काफी ज्यादा सहेम गय थे और किसी भी दरवाजे में दस्तक होती है किसी अनजाने डर से सभी सहेम जाते थे .. इलाकाई लोगो का कहना था की अब बच्चो के बहार खेलने में भी डर लगता है वही राजनिति कर रहे नेता भी अपनी तरह से उसको सान्तवना देते रहे वही कुछ संस्थाओ ने उसका केस लडने में मदद करने का भरोसा दिलाया ...वही जब पूजा की लाश को देखकर पोस्टमार्टम हाउस के डाक्टरों को भी बड़ी ही हैरानी हुई और उन्होने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया की पूजा के साथ गैंग रेप हुआ है ...और इनकी संख्या करीब तीन या चार ही हो सकती है ...जिन्होने बड़ी ही बेरहमी से क़त्ल किया है क्योकि पूजा के शरीर के हर हिस्से में चोट के निशान है ..वही तीसरे दिन शाम तक पुलिस यह कह रही थी की हमे सुराग मिल चुके और हम हत्यारे के काफी करीब पहुच चुके है .. और चुठेय दिन डी आई जी ए के मुथा जैन ने पत्रकारों के सामने तीन वहेशी दरिंदो को पेश किया जिन्होने पूजा को बेरहेमी से रेप करने के बाद साबड़ से पीट पीट कर हत्या कर दी थी ..

Posted By Ashish TripathiWednesday, December 01, 2010

Wednesday, November 24, 2010

कानपुर में शेर आया.....

Filled under:


कानपुर में शेर
यु तो देश में क्या दुनिया में लगातार शेर (बाघ) काम होते जा रहे है एक अनुमान के मुताबिक सिर्फ भारत में ही पिछले 3 सालो में करीब 75 शेरो की मौत हो चुकी है ...लेकिन फिर भी भारत में कुछ अलग तरह के शेरो ( भ्रष्टाचारी लोग ) की संख्या लगातार बडती जा रही है ये शेर उन शेरो से ज्यादा खतरनाक है..ओर ये विलुप्त भी नहीं होंगे ...
लेकिन एक अजीब वाक्या हुआ पिछले दिनों कानपुर में एक शेर आया बीच शहर में घूम रहा था ...शेर कब आया कहा से आया क्यों आया किसके बुलाने पर ये किसी को नहीं पता ...लेकिन अजूबे की तरह जिसने भी देखा देखता रह गया...क्योंकि न तो कानपुर ओर न ही उसके आस पास के जिलो में कही सर्कस लगा है न ही कोई एसा जंगल है जहा शेर हो सो आश्चर्य तो होना ही था.... तभी एक मिश्रा जी तपाक से वहा पहुचे ओर वो भी देखते हुए बोले की भैया भीड़ क्यों लगी है लोगो ने बताया मिश्रा जी शेर आया है.. मिश्रा जी ने तुरंत ही पूछ दिया की किसके यहाँ आया है भीड़ ने जवाब दिया की आपके यहाँ ही ये है कब से आपका इंतज़ार कर रहा है आप कहा थे लेकिन मिश्रा जी ने बुरा नहीं माना ओर मुह बना कर अपना मोबाइल निकला ओर तपाक से अपने परिचित के पत्रकार को मिला दिया फिर क्या था पत्रकार महोदय ने उनसे कुछ देर में वहा आने का आश्वाशन दिया ओर मिश्रा जी से कहा की आप की भी फोटो आयेगी आप वही पर रुकियेगा ओर ये बताइए की कब कहा कैसे आया ... मिश्रा जी समाज की हर एक बातो पर नज़र रखते थे सो उन्होने तुरंत ही बता दिया की कहा से आया कहा है ओर क्या हो रहा है .. फिर क्या था पत्रकार महोदय ने तुरंत ही BREAKING न्यूज़ चलवा दी अपने चैनल पर ...

कानपुर में शेर आया लोग भयभीत ..

और पत्रकार महोदय तुरंत ही कैमरामैन लेकर घटना स्थल पर पहुच गए .. फिर क्या था कुछ ही देर में नेशनल चैनल से लेकर प्रादेशिक ओर लोकल से लेकर मोहल्ला स्तर के चैनल ओर समाचार पत्र के पत्रकार पहुच गय ओर सभी अपनी अपनी अपनी दलील देने लगे ...

और तो ओर सभी चैनल अपने अपने स्तर पर दावा भी करने लगे की सबसे पहले उनके चैनल ने ये खबर दी ओर उन्ही के पास EXCLUSIVE तस्वीर है...और तुरंत ही फ़ोनों का क्रम चालू हुआ तो सभी चैनल ही उस और दौड़ पडे...
की शेर कैसे आया
दूसरी और से पत्रकार ने जवाब दिया
की किसी ने देखा तो नहीं लेकिन फिर भी स्थानीय लोगो ने बताया की पैदल ही आया है ...
जान मॉल का कोई खतरा हुआ क्या ...
जवाब आया की अभी तक तो नहीं हुआ है आगे की संभावना जताई जा रही है ...
और लोगो ने कहा है की शेर ने आकर सभी प्रमुख मार्गो को जाम कर दिया है अभी तक जाम से जूझ रहा शहर एक बार फिर जाम की गिरफ्त में
ऐसी भी हेड लाइन चलने लगी...

लेकिन शेर अभी भी अपने स्थान पर खड़ा चुप चाप शांत और एकाग्र मन से सबकी बाते सुन रहा था ..
तभी एंकर का सवाल आता है की सुरक्षा व्यवस्था की क्या स्थित है..
रिपोर्टर ...जैसे ही शेर आने की खबर आई वैसे ही स्थानीय थाने से लेकर आला अधिकारी सभी दल बल के साथ तुरंत ही हमेशा की तरह दो घंटे बाद पहुचे है...लेकिन कोई भी अधिकारी अभी भी कुछ बता पाने में असमर्थ है ..वही वन विभाग के अधिकारी अभी तक नहीं पहुचे है और जब हमने उनसे बात करने की कोशिश की तो उनका जवाब था की शहर में शेर आ ही नहीं सकता है ..शेर जैसा ही कोई जानवर आया होगा फिर भी हम पूरी स्थित पर नज़र रखे  हुए है ...
और इस तरह से पूरे दिन स्थानीय नेता से लेकर सांसद तक शेर के चक्कर में अपने काम छोड़ कर न्यूज़ चैनल के फ़ोनों में व्यस्त रहे ...
मौजूदा सरकार ने अपने कार्यकाल में हुए कार्यो का गुणगान किया और शेर को विपक्षी पार्टियों का काम बता दिया वही विपक्षी पार्टी के नेता ये कहते नज़र आय की उनके कार्यकाल में शेर क्या गधे भी कभी सडको पर नहीं दिखाई दिए इसी सुरक्षा व्यवस्था की हमरी सरकार में ...और मौजूदा सरकार पूरी तरह से खोखली है ...और इस तरह शेर पर राजनेता भी राजनीती करने लगे ...

लेकिन शेर अभी भी वही पर खडे अपनी शांत मुद्रा में खड़ा राजनेताओ से लेकर सभी की बाते सुन रहा था ...और सोचने लगा की क्या अगर इस धरती में आने की जगह अगर हम मंगल पर जाते तो शायद इतना बवाल नहीं होता मैं तो सिर्फ रास्ता भूल गया था सो शहर की ओर आ गया ..कोई मुझे सही जगह पहुचने की जगह मेरे को शेर ही मानने से इंकार कर रहे है तो कोई विपक्षी पार्टी का कारनामा बता रही है ..वही मीडिया अपने कैमरे लगाय फोटो खीचते जा रही थी लेकिन मुझे लगता है इस सरकार में और मौजूदा सरकार में पता नहीं कितने शेर मौजूद है और उन्हे पकडने के लिए कभी किसी ने कदम नहीं उठाय  .....
फिर मेरे आने में इतना हंगामा क्यों समझ में नहीं आता की गलती किसकी है शायद मीडिया की जिसने जरा सी बात को इतना तूल दे दिया जिसने कभी शायद हमारी घटती आबादी पर इतना हल्ला नहीं मचाया होगा लेकिन किसी फिल्म के प्रमोशन के लिए अपना स्टूडियो तक बेच देते है .. .
मुझे तो लगता है की हम जंगल में ही ठीक है कम से कम धीरे धीरे हमारी आबादी कम तो हो रही है .. अगर हम भी इन शेरो की तरह लगातार बदते रहते तो शायद इंसानों के रहने के लिए जगह ही नहीं बचती ...
इतनी बाते शेर सोच ही रहा था की वन विभाग की टीम आती है और और शेर को चिड़ियाघर ले जाती है और सभी चैनेल्स की हेड लाइंस भी बदल जाती है...और फिर किसी बेखबर सी खबर को BREAKING NEWS बनाकर फिर हल्ला मचाना चालू कर दिया ...

..

Posted By Ashish TripathiWednesday, November 24, 2010

Wednesday, November 17, 2010

हिंदुस्तान से इंडिया तक





हिंदुस्तान से इंडिया तक

कभी कभी मुझे ये सोच कर बड़ा आश्चर्य और दुःख भी होता है की क्या ये वही हिंदुस्तान है जिसको आज़ादी दिलाने के लिए हमारे शहिदो ने अपने जान की कुर्बानी दी थी अगर वो भी चहाते और अपने देश से प्रेम करते होते तो उस समय ही भारत को गुलाम बना रहने देते और शायद तब का हिंदुस्तान भ्रस्ट होता /लेकिन नहीं उन्होने अपनी मात्र भूमि जहा पर उन्होंने जन्म लिया था की रक्षा की और अपने प्राणों कों नयोछौवर कर दिया / लेकिन उन्हे क्या मालूम था की उनकी शहादत के बाद हिंदुस्तान यानि आज का इंडिया भ्रस्टाचार गद्दारी और बेशर्मी की भेट चढ़ जायेगा / यहाँ तक की उन शहीदों की शहादत वाले दिन भी बहुत से राज नेता उन्हे भूल जाते है ,की आज उन वीर सपूतों को याद करना है
न्हे तो बस यही याद रहता है की कैसे नम्बर दो से पैसे कमाने है और स्विस बैंको में पैसा जमा करना है /उनका यही तो नारा है अपना काम बनता क्या जानेगी जनता
लार्ड मैक्ले जब भारत आया था और वापस गया तो उसने एक ही बात कही थी की कौन कहता है भारत
अशिक्षित है और गंदे लोगो का देश है और वहा के लोगो की संस्कृति और सभ्यता उनकी पहचान है /अगर भारत पर राज करना है तो उसकी जड़ो कों काटो और उसकी संस्कृति कों सबसे पहले नष्ट करो/क्योंकि उसकी जड़ो में संस्कृति सभ्यता और संस्कार कूट कूट कर भरे है अगर इन जड़ो कों काटना है तो इन जड़ो में अपनी भाषा यानि अंग्रेगी का पानी डालो /अगर ये हो गया तो इण्डिया पर 50 साल क्या 500 सालो तक राज किया जा सकता है और हुआ भी यही कल का हिन्दुस्तान आज का इंडिया जो बन गया है आज हर कोई इंग्लिश कों स्टेटस सिम्बल है
अगर आपको इंग्लिश बोलनी नहीं आती है तो आप गिरे हुए नीचे लोगो में से है फिर फिर चाहे आपके संस्कार सभ्यता और विचार भले क्यों अच्छे हो लेकिन उनकी गिनती नहीं की जाती है। आज हर कोई इंग्लिश इंग्लिश और इंग्लिश बोलना चाहता है अगर आज लार्ड मैक्ले जिन्दा होता तो बहुत खुश होता
दूसरी ओर पश्चिमी सभ्यता ने भी हमे जकड रखा है हमारी भारतीय संस्कृति के हिसाब से दीक्षा ग्रहण करते समय या उस दिन जब आपको सम्मान मिलता है तो साधारण और सुसज्जित कपडे पहनने होते है और उस दिन हवन पूजन भी होता है लेकिन पश्चमी सभ्यता में जकड़ा आज का भारत दीक्षांत समारोह वाले दिन काले गाऊन पहन कर शोभा बढाते है लेकिन क्या भारतीय संस्कृति के हिसाब से ऐसे शुभ दिन काले कपडे पहेनना हमेशा अशुभ माना जाता है। लेकिन फिर भी आज क्या हो रहा है सभी जानते है माँ
सरस्वती की फोटो भी रखी जाती है और दीप प्रजव्लित करके थोड़ी सी पूजा भी की जाती है लेकिन कुछ देर बाद ही डी जे की धूम में माँ सरस्वती कों पीछे कर दिया जाता है और उसी स्टेज पर नाच गाना चालू हो जाता है क्या यही हमारी संस्कृति है / नहीं लेकिन फिर क्यों?

मैने ये सवाल कई लोगो से पुछा लेकिन किसी के पास इसका जवाब नहीं था / की क्यों हिंदुस्तान से इण्डिया होने पर ऐसा हुआ हुआ लेकिन कोई नहीं जानता लेकिन काफी खोजबीन के बाद मैने ये निष्कर्ष निकला की हिन्दुस्तान में कुल
शब्द होते है और इण्डिया मे 5 आप सोच रहे होंगे की इसका क्या मतलब है / मैं कोई अंक शास्त्री तो नहीं लेकिन फिर भी हिन्दुस्तान से इन्डिया में कुल 3 शब्दों का अंतर है और वो 3 शब्द है सभ्यता संस्कृति और संस्कार जो की आज के इण्डिया में नहीं है
जब ये 3 चीजे ही हमारे पास नहीं है तो हॉल क्या होगा आप सभी जानते हो
हम खुसहाल कैसे होंगे
खुशहाल तो वो है जो आज भी अपने वतन को बेचने में जरा भी हिचकिचाते नहीं है /
जिसका इमान ही बिक चुका हो वो क्या बेच सकता है आप अंदाज़ा भी नहीं लगा सकते हो
.लेकिन आज के समाज में पुलिस प्रसाशन ओर राज नेता सभी बिक चुके है कोई ईमानदार होकर बिकता है तो कोई बीच बाज़ार खुले आम .और जो इस भ्रष्टाचार भरी बाज़ार में अपने आप को नहीं बेच सकता अपनी ईमानदारी संस्कृति और सभ्यता उसको इस भारत में जीने का हक ही नहीं है
/यही है हिंदुस्तान से इन्डिया तक का सफ़र।


रपा दिया कहर चीर दिया शहर
हर तरफ हर ओर मचा है शोर
कही सड़क में गड़्डे है तो कही गड़्डे में सड़क
नेता भी नहीं है पीछे वो भी है तलवार खीचे
शायद जनता इसी से हमारी राजनीती सीचे
हर बार करते है हमारे सब कम दिखाने को
हर बार आते है किसी ने बहने को
क्या झुठा क्या सच्चा क्या पता
सबका मालिक एक है ये हमको है पता
जनता रोती है खीजती है
पर जीने को मजबूर है
लेकिन नेता कही मंदिर तो कही
खेल की राजनीती में मशगुल है
शहर शहर नहीं कब्रिस्तान बना है
इसलिए ही तो गड़्डे में रोज़ इन्सान मरा है
कभी प्रिंस तो कभी विनय तो कभी कल्लू है
मीडिया भी इन सब के पीछे सीधा करता अपना उल्लू है
सुना था कानून के हाथ काफी लम्बे है
इसलिए ही तो अपराधी इनसे हाथ मिलकर कर खडे है
कभी सपना कभी ज्योति तो कभी कविता बनती है शिकार
क्योकि आज के युग में हर इन्सान के मन मे है विकार
कभी संसद में नेता तो कभी सड़क में लडते है साड़
अरे मेरे भाई यही तो नहीं है आज का हिन्दुस्तान

इस लेख में लिखी किसी भी बात से अगर किसी को कष्ट होता है तो उस केलिए
माफ कीजिए

i

Posted By Ashish TripathiWednesday, November 17, 2010