भारतीय ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जन्मकुंडली में अनेकों शुभ-अशुभ योग और ब्यक्ति पर इसका शुभ व अशुभ प्रभाव डालते है |ऐसे ही जन्मकुंडली में बनाने वाले योगो में से एक है गुरु चंडाल योग – जन्मकुंडली में चांडाल योग राहु और गुरु के युक्त या दृष्टि संबंध से बनता है जिसे हम गुरु-चांडाल योग के नाम से पुकारते है। गुरुचांडाल योग गुरु ज्ञान, धर्म, सात्विकता का कारक है, तो दूसरी तरफ राहु सदैव व्यक्ति को भ्रम में बनाये रखता है, व अनैतिक संबंध,अनैतिक कार्य, जुआ, सट्टा, नशाखोरी, अवैध व्यापार का कारक भी है। इन दो ग्रहों के युक्त प्रभाव से जातक की कुंडली में...