Tuesday, September 30, 2014

ये प्रेमी नहीं जेहादी है

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ये प्रेमी नहीं जेहादी है
ये प्रेमी नहीं जेहादी है
ये प्यार और समय की बर्बादी है
अब दो दिल नहीं दो धर्म मिलते है
अब प्यार नहीं लव होता है
और इस प्रक्रिया को जेहाद कहते है
और प्यार करने वालो को जेहादी कहते है
धर्म तोड़ता नहीं जोड़ता है
और नेता भी तोड़ता नहीं मोड़ता है
और आज उन्ही नेताओ ने दो धर्मो के प्रेम को
मोड़ दिया है और ऐसे प्रेमियों को तोड़ दिया है
 नेता ये नहीं जानता की दिल धर्मो को देखकर नहीं धड़कता है
आंखे हिन्दू और मुस्लिम चेहरों को देखकर नहीं मिलती
पहले गलती दिल करता था और सजा दिमाग को भुगतनी पड़ती थी
आज गलती मुस्लिम या हिन्दू करता है और सजा दिलो को भुगतनी पड़ती है
ये प्यार नहीं लव है और ये प्रेमी नहीं जेहादी है
अब तो सिर्फ समय बर्बाद है इसलिए लव जेहाद है  /

Posted By Ashish TripathiTuesday, September 30, 2014