
आज विचार भी वही है और दिमाग भी वही हैआज दोस्त भी वही है और दुश्मन भी वही हैतरीका भी वही है पर तरकीब कुछ नई हैआज इन्सान भी वही है और भगवान भी वही हैबस मान्यता कही है पर विश्वाश कही हैआज बच्चे भी वही है और बचपना भी वही हैलेकिन खेल कुछ और है और खिलौना कोई और है आज संसकृति भी वही है और संस्कार भी वही हैबस सोच नई है और पीड़ी नई हैआज दाल भी वही है और रोटी भी वही हैबस स्वाद कही है और मिलावट कही हैपेट्रोल भी वही है और डीज़ल भी वही हैबस दाम कही है पर गाड़िया...