Friday, July 8, 2011

आज मैं भी वही हु और आप भी वही है

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आज विचार भी वही है और दिमाग भी वही है
आज दोस्त भी वही है और दुश्मन भी वही है
तरीका भी वही है पर तरकीब कुछ नई है
आज इन्सान भी वही है और भगवान भी वही है
बस मान्यता कही है पर विश्वाश कही है
आज बच्चे भी वही है और बचपना भी वही है
लेकिन खेल कुछ और है और खिलौना कोई और है
आज संसकृति भी वही है और संस्कार भी वही है
बस सोच नई है और पीड़ी नई है
आज दाल भी वही है और रोटी भी वही है
बस स्वाद कही है और मिलावट कही है
पेट्रोल भी वही है और डीज़ल भी वही है
बस दाम कही है पर गाड़िया कई है
आज डाक्टर भी वही है और दुआ भी वही है
बस दवा कुछ नई है और मर्ज़ नए है
आज मैं भी वही हु और आप भी वही है
बस तालिया कही और मंच कही है
आज विचार भी वही है और दिमाग भी वही है

Posted By Ashish TripathiFriday, July 08, 2011