*१, अस्त ग्रह से आप क्या समझते हैं?*
अस्त ग्रह से आशय उन ग्रहों से है, जो अंशात्मक रूप से सूर्य के इतने निकट होते हैं कि वह अपना प्रभाव खो देतें हैं।
फलदीपिका के अनुसार ग्रहों का सूर्य से इतना सामीप्य की वह सूर्य के तेज में दिखाई नहीं देते, उसे अस्त ग्रह कहते हैं।
*२, अस्त ग्रहों के क्या फल होते हैं?*
अस्त ग्रह अपने पूर्ण फल देने मे अक्षम होते है।
*३, कोई भी ग्रह अस्त कब होता है?*
*चन्द्रमा* सूर्य से 12° आगे या पीछे हो तो अस्त होता है। यह अमावस्या का समय होता है।
*मंगल* यह सूर्य से 17° आगे या पीछे अस्त रहता है।
*बुध* मार्गी...