तीसरे दौर की बातचीत के पूर्व जिस तरह से रूस और यूक्रेन के बीच एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं उससे यह तय हो गया है कि इस शांति समझौते की टेबल में 11 दिन बाद भी कोई निष्कर्ष निकलता नहीं दिख रहा है जिससे युद्ध विराम की स्थिति हाल फिलहाल तो नहीं दिख रही है बल्कि इस बात का सबसे बड़ा डर है कि अगर यह वार्ता विफल होती है तो उत्तेजना में रूस हमले और तेज कर सकता है विदित हो कि 11 दिन में सबसे ज्यादा नुकसान यूक्रेन के शहर ओडिशा खानकिव विनित्सिया का हुआ है इन्हीं ने सबसे ज्यादा आक्रमण झेले हैं हालांकि यूक्रेन की राजधानी कीव पर...