Tuesday, April 23, 2013

ईश्वर और तांत्रिक बाबा

Filled under:

ईश्वर और तांत्रिक बाबा
हम सभी समस्याओ के आने पर उनका कारण  ढूंढ़ने  निकल पड़ते है की आखिर ये समस्या हमारे  जीवन में आई कैसे हम तो सब कुछ अच्छा अच्छा कर रहे थे लेकिन उससे कुछ फर्क ही नहीं पड़ता है और इस   सवाल का जवब ढूंढ़ने हम तांत्रिक और ढोंगी बाबाओ के पास चल देते है और ढोंगी तांत्रिक बाबा  आपकी समस्याओ को जान कर वो हमे उपाय बताते है और ताबीज वैगेरह दे देते है /
और हमारे काम बनाने लगते है क्या वास्तव में तांत्रिक बाबाओं  के पास इतनी  शक्ति होती है
क्या हमारे ईश्वर  अपने असंख्य  प्रिय भक्तो की चिन्ताओ को छोड़ कर पहले तांत्रिकबाबाओ  से बात करने लगते क्या उन बाबाओ में इतनी शक्ति होती है कीईश्वर  को अपने पास रखते है किसी इन्सान के ऊपर देवी देवता आ सकते है नहीं , सब कोरी बकवास  है एक प्रकार का ढोंग या अभिनय है जो वो हमे दिखाते है /
लेकिन फिर सचाई क्या है ?
अगर तांत्रिक बाबा  सब कष्ट दूर कर देते है तो एक कष्ट दूर होते  ही दूसरा कष्ट और तीसरा और चौथा कष्ट हमारे जीवन में क्यों चला आता  है हम एक बार में कष्टों से मुक्ति क्यों नहीं पा लेते बल्कि हमेशा  के लिए उस बाबा के यहाँ आना जाना हो जाता है क्यों ?
हम अपने कष्ट को दूर करवाने गए  थे  की कष्टों को बदले  एक काम बनवाने के लिए गए थे लेकिन एक बनाने के बाद दूसरा हमसे  क्यों बिगड़ जाता है ?
ऐसा क्यों होता है ?
क्योंकि हम अंधविश्वास यानि उन बाबाओ पर ऐसा  विश्वास करते है जो होता ही नहीं है हम इतनी ज्यादा परेशान हो जाते है की हम बाबाओ के सामने क्या क्या बता देते है हम खुद नहीं जानते है तांत्रिक बाबा एक अच्छे मनोविज्ञानी होते है आपकी मनो दशा को वो बखूबी पड़ लेते है और फिर आपको आपके ही द्वारा मुर्ख बनवाते है /और कुछ ही देर में वो आपके बारे में सब जान जाते है और आपका  व्यवहार आपके बोलने का अंदाज़ भी उन्हे काफी कुछ बता जाता है /और बाबाजब आपके बारे में बताना चालू करता है तो आप नममश्तक    हो जाते है अरे बाबा तो सब जानते है /
फिर बाबा हर एक काम के बदले रूपये मांगते है क्योंकि समस्या बड़ी गंभीर है बहूत भयंकर कराकराया है मैं तो आपकी मदद कर रहा हु बस  / लेकिन  फिर पैसे कैसे वो भी मुह मांगे ?
फिर कुछ ऐसे  उपाय की आप शायद करने में डर  जाओ जिसको वो खुद करने के अलग से पैसे भी मांगते है अगर अपने कर लिया और काम न हुआ तो पूरी गलती आपकी /
कुल मिलाकर  तांत्रिक बाबा ताबीज के रूप में और कुछ उपायों के रूप में आपके अन्दर सकारात्मक उर्जा का प्रवाह कर देते है जिससे की आप  उस काम को खुद बा खुद करने लग जाते है पूरी तरह से की बाबा ने ताबीज तो बना ही दिया है अब कुछ होगा ही नहीं अब तो सारे काम ऐसे ही बन जायेंगे /
बस हमारा ध्यान उन समस्याओ से हट जाता है जिन समस्याओ पर हम ज्यादा ध्यान दे रहे थे /
और हमारी सोच बदल देते है वो  की अब हमने ताबीज पहन लिया  है अब तो कुछ कोई कर ही नहीं सकता है /इसके बाद हम उस ओर  ही पूरा ध्यान देने लगते है लेकिन वही हमसे एक और गलती होने  लगती है बाकि और ध्यान देना बंद कर देते है जहा से दूसरी समस्या जन्म ले लेती है  और फिर हम निकल पड़ते  है बाबा  के पास उपाय ढूंढ़ने के लिए /
जब दूसरी ठीक हुई तो तीसरी का उपाय ऐसे ही आजीवन हम समस्याओ से घिरे रहते है/
इन सब चीजों से बचने का एक ही उपाय है की आप एक उस ईश्वर  पर आस्था रखे और पूरा ध्यान लगाए  अपने काम  करते रहे करते रहे कैसे नहीं होगा ईश्वर कह रहा है पुरे मन से किया गया कोई भी काम बेकार नहीं जाता / बस जरुरत है हमे अपनी गलतियों ढूंढ़ने की ,की हमने भूल वश या वास्तव में किसी को कष्ट तो नहीं दिया किसी का मन तो नहीं दुखाया किसी को धोखा  तो नहीं दिया और गलती मालूम  पड़ते ही उस ईश्वर  से क्षमा मांगना /
कुछ तांत्रिक और बाबाओ ने मंत्रो  और तंत्रों से उर्जा   पैदा करके अपनी छठी इंद्रिय को कुछ प्रतिशत तक जाग्रत कर लिया होता है  ऐसे बड़ा सटीक गाड़ना आपके जीवन की कर सकते है लेकिन  ऐसे  बाबा आपसे पैसे नहीं लेते  है और नहीं आपके जीवन में एक बाद दूसरी और तीसरी समस्या आती है /और वो हमेशा आपको ईश्वर  भक्ति से सम्बंधित उपाय ही बताते  है नहीं ही वो लोभी होते है जो आपको वो दुकान सजाय कही भी मिल जायेंगे /
इसलिए अन्धविश्वास  छोड़े  और विश्वास   से नाता जोड़े जो दिख रहा है वो सत्य है जो नहीं दिख  वो असत्य है 
अज्ञानता हमेशा अन्धविश्वास को जन्म देती है  और ज्ञान  हमेश विश्वास को /
 ॐ नमः  शिवाय 

Posted By Ashish TripathiTuesday, April 23, 2013