Monday, January 18, 2021

❖▩ஜआज का पंचांग 20 जनवरी 2021, बुधवार ❖▩ஜ

Filled under:


❖▩ஜआज का पंचांग 20 जनवरी 2021, बुधवार ❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
          ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

20 जनवरी 2021, बुधवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, पौष मास, शुक्ल पक्ष, माघ मास की प्रविष्टा 7, उत्तरायण, दक्षिणगोल, शिशिर ऋतु, तिथि सप्तमी दोपहर 1:16 तक तदनन्तर अष्टमी, नक्षत्र रेवती दोपहर 12:36 तक तदनन्तर अश्विनी, सूर्योदय 7:00 प्रातः, सूर्यास्त 5:48 सायं, राहुकाल दोपहर 12:00 से 1:30

पंचक विचार दोपहर 12:36 तक, गण्डमूल विचार, मार्त्तण्ड सप्तमी, श्रीगुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती (प्राचीन मतेन)

🐏 *मेष (Aries):*आज आप के मन किसी महत्वपूर्ण कार्य के प्रति शंका का भाव उत्पन्न होगा। जॉब में आपका प्रदर्शन अच्छा रहेगा। मेहनत के कारण शरीर में थकावट रहेगी। आपको आज पर्याप्त मात्रा में आराम करना चाहिये। व्यवसाय की स्थिति सामान्य रहेगी।

🐂 *वृषभ (Tauras):*व्यापार में थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। आपकी दिनचर्या बाधित हो सकती है। मित्रों का समय पर सहयोग प्राप्त नहीं होगा। खर्चे आपकी आर्थिक स्थिति को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। मन में चिड़चिड़ापन छाया रहेगा।

👭 *मिथुन (Gemini):जॉब में उच्च पद की प्राति होने के योग बन रहे हैं। जो काम हांथ में लेंगे उसे समय से पूरा भी कर लेंगे। प्रिय जन को खुशी देने के लिये उन्हें कुछ सरप्राइज़ दे सकते हैं। किसी मित्र के यहाँ दावत का निमंत्रण मिल सकता है। आपके जीवनस्तर में सुधार देखने को मिलेगा।

🦀 *कर्क (Cancer):*राजनीति क्षेत्र से जुड़े लोगों को कुछ कठिनाई महसूस होगी। लेकिन उसका सामना काफी मजबूती से करेंगे। घर में रिश्तेदार आ सकते हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। करियर में कुछ साहसिक निर्णय ले सकते हैं। नये प्रोजेक्ट्स को लेकर काफी सक्रिय रहेंगे।

🦁 *सिंह (Leo):आज आप बात-बात में क्रोधित होने से बचें। लोग आपके महत्व को कम करने आँकेंगे। आज आपको जोखिम भरे कार्यों से बचना होगा। व्यवसाय में बड़े फेर-बदल न करें। माता के स्वास्थ्य की चिन्ता रहेगी।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*उत्पन्न होगा। पाचन क्रिया खराब हो सकती है। खानपान में नियंत्रण रखें। परिजनों की सेहत की चिन्ता रहेगी। लगातार काम कर रहे हैं तो आज ब्रेक ले लें। साहसिक कार्यों में आप रुचि ले सकते हैं।

⚖ *तुला (Libra):*आपको अच्छे कार्यों के लिये सम्मान प्राप्त होगा। निजी जीवन में सुख का भाव बना रहेगा। जीवन के दार्शनिक पक्ष पर काफी ध्यान देंगे। आपका मनोबल बढ़ा हुआ रहेगा। सम्पत्ति के रख-रखाव में धन खर्च होगा। व्यापार को लेकर काफी उत्साहित रहेंगे।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):*आपकी काफी मेहनत और निष्ठापूर्वक अपने कार्यों को पूरा करेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। परिवार के साथ आनन्दपूर्वक समय व्यतीत करेंगे। जो लोग नौकरी ढूँढ रहे हैं उन्हें आज जॉब के बेहतरीन प्रस्ताव मिल सकते हैं। आपकी छवि समाज में काफी अच्छी बनेगी।

🏹 *धनु (Sagittarius):*कार्यक्षेत्र में सीनियर्स से आपकी बहस हो सकती है। प्रणय जीवन में उत्साह की कमी रहेगी। परिवार में तालमेल बिठाने में समस्या आयेगी। आज आप बहुत व्यस्त रहेंगे। विवादों से दूर रहें। भावनात्मक रूप से कमजोर महसूस कर सकते हैं।

🐊 *मकर (Capricorn):*जॉब में संघर्ष करना पड़ सकता है। मंहगी वस्तुओं की खरीदी कर रहे हैं तो मोलभाव अवश्य करें। मन में परोपकार की भावना उत्पन्न होगी। धार्मिक कार्यों के प्रति मन में आस्था कम हो सकती है। तय समय पर लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पायेंगे।

⚱ *कुंभ (Aquarius)* किसी रोमांचकारी यात्रा पर जा सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपको अचानक लाभ प्राप्त होगा। आपको कोई शुभ सूचना मिलेगी। परिवार में आनन्द का माहौल रहेगा। IT और मीडिया से जुड़े लोगों को प्रमोशन मिल सकता है।

🧜‍♀ *मीन (Pisces ) राजनीति से जुड़े लोगों को बेहतरीन लाभ मिलेगा। सन्तान का विवाह तय हो सकता है। लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल रहेंगे। धन-सम्पत्ति में वृद्धि होगी। नौकरी और व्यापार दोनों के लिये ही समय बहुत ही अच्छा रहने वाला है। ज्ञान और विज्ञान के प्रति काफी आकर्षित रहेंगे।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaMonday, January 18, 2021

पारद शिवलिंग

Filled under:

पारद शिवलिंग
वैदिक रीतियों में, पूजन विधि में, समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति में पारद से बने शिवलिंग एवं अन्य आकृतियों का विशेष महत्त्व होता है। पारद जिसे अंग्रेजी में एलम (Alum) भी कहते हैं , एक तरल पदार्थ होता है और इसे ठोस रूप में लाने के लिए विभिन्न अन्य धातुओं जैसे कि स्वर्ण, रजत, ताम्र सहित विभिन्न जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया जाता है। इसे बहुत उच्च तापमान पर पिघला कर स्वर्ण और ताम्र के साथ मिला कर, फिर उन्हें पिघला कर आकार दिया जाता है।

पारद को भगवान् शिव का स्वरूप माना गया है और ब्रह्माण्ड को जन्म देने वाले उनके वीर्य का प्रतीक भी इसे माना जाता है। धातुओं में अगर पारद को शिव का स्वरूप माना गया है तो ताम्र को माँ पार्वती का स्वरूप। इन दोनों के समन्वय से शिव और शक्ति का सशक्त रूप उभर कर सामने आ जाता है। ठोस पारद के साथ ताम्र को जब उच्च तापमान पर गर्म करते हैं तो ताम्र का रंग स्वर्णमय हो जाता है। इसीलिए ऐसे शिवलिंग को "सुवर्ण रसलिंग" भी कहते हैं।

पारद के इस लिंग की महिमा का वर्णन कई प्राचीन ग्रंथों में जैसे कि रूद्र संहिता, पारद संहिता, रस्मर्तण्ड ग्रन्थ, ब्रह्म पुराण, शिव पुराण आदि में पाया गया है।

योग शिखोपनिषद ग्रन्थ में पारद के शिवलिंग को स्वयंभू भोलेनाथ का प्रतिनिधि माना गया है। इस ग्रन्थ में इसे "महालिंग" की उपाधि मिली है और इसमें शिव की समस्त शक्तियों का वास मानते हुए पारद से बने शिवलिंग को सम्पूर्ण शिवालय की भी मान्यता मिली है ।

इसका पूजन करने से संसार के समस्त द्वेषों से मुक्ति मिल जाती है। कई जन्मों के पापों का उद्धार हो जाता है। इसके दर्शन मात्र से समस्त परेशानियों का अंत हो जाता है। ऐसे शिवलिंग को समस्त शिवलिंगों में सर्वोच्च स्थान मिला हुआ है और इसका यथाविधि पूजन करने से

मानसिक, शारीरिक, तामसिक या अन्य कई विकृतियां स्वतः ही समाप्त हो जाती हैं। घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है।

पौराणिक ग्रंथों में जैसे कि "रस रत्न समुच्चय" में ऐसा माना गया है कि 100 अश्वमेध यज्ञ, चारों धामों में स्नान, कई किलो स्वर्ण दान और एक लाख गौ दान से जो पुण्य मिलता है वो बस पारे के बने इस शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही उपासक को मिल जाता है।

अगर आप अध्यात्म पथ पर आगे बढ़ना चाहते हों, योग और ध्यान में आपका मन लगता हो और मोक्ष की प्राप्ति की इच्छा हो तो आपको पारे से बने शिव लिंग की उपासना करनी चाहिए। ऐसा करने से आपको मोक्ष की प्राप्ति भी हो जाती है।

पारद एक ऐसा शुद्ध पदार्थ माना गया है जो भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है। इसकी महिमा केवल शिवलिंग से ही नहीं बल्कि पारद के कई और अचूक प्रयोगों के द्वारा भी मानी गयी है।

धातुओं में सर्वोत्तम पारा अपनी चमत्कारिक और हीलिंग प्रॉपर्टीज के लिए वैज्ञानिक तौर पर भी मशहूर है।

पारद के शिवलिंग को शिव का स्वयंभू प्रतीक भी माना गया है। रूद्र संहिता में रावण के शिव स्तुति की जब चर्चा होती है तो पारद के शिवलिंग का विशेष वर्णन मिलता है। रावण को रस सिद्ध योगी भी माना गया है, और इसी शिवलिंग का पूजन कर उसने अपनी लंका को स्वर्ण की लंका में तब्दील कर दिया था।

कुछ ऐसा ही वर्णन बाणासुर राक्षस के लिए भी माना जाता है। उसे भी पारे के शिवलिंग की उपासना के तहत अपनी इच्छाओं को पूर्ण करने का वर प्राप्त हुआ था।

ऐसी अद्भुत महिमा है पारे के शिवलिंग की। आप भी इसे अपने घर में स्थापित कर घर में समस्त दोषों से मुक्त हो सकते हैं। लेकिन ध्यान अवश्य रहे कि साथ में शिव परिवार को भी रख कर पूजन करें।

पारद के कुछ अचूक उपायों का विवरण निम्नलिखित है, जिन्हें आप स्वयं प्रयोग कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति कर सकते हैं:

1.

अगर आप अध्यात्म पथ पर आगे बढ़ना चाहते हों, योग और ध्यान में आपका मन लगता हो और मोक्ष के प्राप्ति की इच्छा हो तो आपको पारे से बने शिवलिंग की उपासना करनी चाहिए। ऐसा करने से आपको मोक्ष की प्राप्ति भी हो जाती है।

2. अगर आपको जीवन में कष्टों से मुक्ति नहीं मिल रही हो, बीमारियों से आप ग्रस्त रहते हों, लोग आपसे विश्वासघात कर देते हों, बड़ी-बड़ी बीमारियों से ग्रस्त हों तो पारद के शिवलिंग को यथाविधि शिव परिवार के साथ पूजन करें। ऐसा करने से आपकी समस्त परेशानियां ख़त्म हो जाएंगी और बड़ी से बड़ी बीमारियों से भी मुक्ति मिल जाएगी।

3.

अगर आपको धन सम्पदा की कमी बनी रहती है तो आपको पारे से बने हुए लक्ष्मी और गणपति को पूजा स्थान में स्थापित करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि जहां पारे का वास होता है वहां माँ लक्ष्मी का भी वास हमेशा रहता है। उनकी उपस्थिति मात्र से ही घर में धन लक्ष्मी का हमेशा वास रहता है।

4. अगर आपके घर में हमेशा अशांति, क्लेश आदि बना रहता हो, अगर आप को नींद ठीक से नहीं आती हो, घर के सदस्यों में अहंकार का टकराव और वैचारिक मतभेद बना रहता हो तो आपको पारद निर्मित एक कटोरी में जल डाल कर घर के मध्य भाग में रखना चाहिए। उस जल को रोज़ बाहर किसी गमले में डाल दें। ऐसा करने से धीरे-धीरे घर में सदस्यों के बीच में प्रेम बढ़ना शुरू हो जाएगा और मानसिक शान्ति की अनुभूति भी होगी।

पारद को पाश्चात्य पद्धति में उसके गुणों की वजह से Philospher's stone भी बोला जाता है। आयुर्वेद में भी इसके कई उपयोग हैं।

5. अगर आप उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं, हृदय रोग से परेशान हैं, या फिर अस्थमा, डायबिटीज जैसी जानलेवा बीमारियों से ग्रसित हैं तो आपको पारद से बना मणिबंध जिसे कि ब्रेसलेट भी कहते हैं, अच्छे शुभ मुहूर्त में पहननी चाहिए। ऐसा करने से आपकी बीमारियों में सुधार तो होगा ही आप शान्ति भी महसूस करेंगे और रोगमुक्त भी हो जाएंगे।

पारे के शिवलिंग के पूजन की महिमा तो ऐसी है कि उसे बाणलिंग से भी उत्तम माना गया है। जीवन की समस्त समस्याओं के निदान के लिए पारद के उपयोग एवं इससे सम्बंधित उपाय अत्यंत प्रभावशाली हैं। यदि इनका आप यथाविधि अभिषेक कर, पूर्ण श्रद्धा से पूजन करेंगे तो जीवन में सुख और शान्ति अवश्य पाएंगे।

Posted By KanpurpatrikaMonday, January 18, 2021

जानिए कुंडली के मास्टर प्लेनेट के बारे में जो देता है सक्सेस

Filled under:

कुंडली का  मास्टर प्लेनेट
हर कुंडली में नौ ग्रह और बारह राशियों का अध्ययन किया जाता है परन्तु कुंडली केवल इन्ही पर निर्भर नहीं करती. कुंडली में एक विशेष ग्रह होता है जो कुंडली का प्राण होता है. वह विशेष ग्रह कुंडली का  मास्टर प्लेनेट है. अगर यह ग्रह कमजोर है तो कुंडली में कोई सफलता नहीं मिलती. अगर केवल वही ग्रह मजबूत है तो व्यक्ति जीवन में खूब सफलता पाता है.   

मेष लग्न:-
- इस लग्न के लिए सूर्य चमत्कारी परिणाम देता है
- सूर्य को मजबूत करके हर तरह की सफलता पायी जा सकती है
- साथ ही हमेशा स्वास्थ्य को अच्छा रक्खा जा सकता है  
- नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करना बेहद लाभकारी होता है    
   
वृष लग्न:-
- इस लग्न के लिए सब कुछ शनि ही है।
- शनि मजबूत रहे तो हर समस्या का समाधान हो जाता है।
- शनि को ठीक रखकर धन और सेहत की समस्या से बच सकते हैं  ।
- शनि को मजबूत करके वैभव और रिश्तों का वरदान मिलेगा  ।  
- कोई भी बीमारी बड़ा रूप धारण नही कर पायेगी।
- हर शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं  ।

मिथुन लग्न:-
- इस लग्न का कर्म और कर्म का फल दोनों बुध पर निर्भर है
- बुध को ठीक रखकर अपनी सोच को ठीक रख सकते हैं
- साथ ही आर्थिक मजबूती पा सकते हैं
- बुध के कमजोर होने पर बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है  
- नित्य प्रातः भगवान गणेश की उपासना सर्वोत्तम होगी  

कर्क लग्न:-
- इस लग्न के पास सबसे बड़ी शक्ति मंगल है।
- मंगल ठीक रहे तो सब ठीक रहता है।
- ख़ास तौर से दुर्घटनाओं और सेहत की समस्या से रक्षा होती है।
- व्यक्ति जीवन में कम प्रयास करके भी सफलता पाता है  
- हनुमान जी की उपासना खूब लाभकारी होती है  ।

सिंह लग्न:-
- इस लग्न की ताकत बृहस्पति और मंगल हैं
- यह हर तरह के उतार चढ़ाव से बचाएंगे   ।
- इससे आपके जीवन में संघर्ष कम होता जाएगा ।       
- साथ ही साथ आपका प्रभाव बढ़ता जाएगा  ।  
- सूर्य की उपासना सदैव लाभकारी होगी  ।

कन्या लग्न:-
- इस लग्न के लिए शुक्र सबसे ज्यादा बेहतरीन परिणाम देता है   
- शुक्र को मजबूत करके वैभव और रिश्तों का वरदान मिलेगा।
- साथ ही व्यक्ति  व्यक्तित्व प्रभावशाली हो जाता है   
- व्यक्ति जीवन में बहुत विलास और ग्लैमर प्राप्त करता है      
- शिव जी की उपासना करना विशेष लाभकारी होता है 
  
तुला लग्न:-
- इस लग्न की चाभी शनि के पास है  
- शनि अगर बेहतर हो तो व्यक्ति अपूर्व सफलता प्राप्त करता है  
- जीवन में कभी भी किसी चीज़ का अभाव नहीं होता
- व्यक्ति समाज में हमेशा एक विशिष्ट स्थान प्राप्त करता है  
- शनिवार को अन्न या भोजन का दान करना लाभकारी होगा  ।   

वृश्चिक लग्न:-
- वृश्चिक लग्न के लिए बृहस्पति सर्वाधिक महत्वपूर्ण है
- बृहस्पति को ठीक रखकर धन, संतान और ज्ञान का वरदान मिल सकता है
- बृहस्पति को ठीक रखने से लाभ ही लाभ होगा  
- एक पीला पुखराज, स्वर्ण या पीतल में पहनें
- इसे तर्जनी अंगुली में, बृहस्पतिवार प्रातः धारण करें

धनु लग्न:-
- इस लग्न की शक्ति मंगल के पास है
- मंगल को ठीक रखकर संघर्ष कम होगा    
- मुकदमों और विवादों से छुटकारा मिलेगा    
- शनि के हर दुष्प्रभाव से रक्षा होगी    
- यथाशक्ति  हनुमान जी की उपासना करें।  

मकर लग्न:-
- इस लग्न के लिए शुक्र सर्वाधिक महत्वपूर्ण है
- शुक्र से ही इनको विद्या, बुद्धि, करियर और धन की प्राप्ति होती है
- शुक्र ही इनका स्वास्थ्य ठीक रखेगा और संतान की समस्या दूर करेगा
- एक हीरा अथवा जरकन धारण करना लाभकारी होगा  
- जहाँ तक हो सके शराब और नशे से परहेज करें।
   
कुम्भ लग्न:-
- हालांकि इस लग्न के लिए बुध और शुक्र दोनों अनुकूल होते हैं
- फिर भी आपके लिए शुक्र ज्यादा महत्वपूर्ण है  
- शुक्र के कारण ये करियर की ऊंचाइयों को छू पाएंगे।
- और हर तरह की मानसिक समस्याओं से बचे रहेंगे।
- ज्यादा से ज्यादा सफ़ेद वस्त्र धारण करें  ।
- यथाशक्ति शिव जी की उपासना करें । 

मीन लग्न:-
- मीन लग्न की ताकत चन्द्रमा में छिपी होती है
- चन्द्रमा के कारण ही ये ज्ञानी, शानदार और सफल हो पाते हैं
- चन्द्रमा से आप अच्छाi करियर और संपत्ति पा सकेंगे।
- एक मोती चांदी में अवश्य धारण करें  
- इसे सोमवार रात्रि को, कनिष्ठा अंगुली में पहनें।

Posted By KanpurpatrikaMonday, January 18, 2021