
function googleTranslateElementInit() { new google.translate.TranslateElement({ pageLanguage: 'en' }, 'google_translate_element');}प्यार का अंत ....(एक सच्ची घटना )हम दोनों बड़े ही खुश थे क्योंकि अपनी बहनों से इस रक्षा बंधन में राखी जो बंधवाते, मन ही मन दोनों भाई खुश होते और कई तरह की बाते करते थे , दीदी कितना प्यार करती हमे कैसे हमारे छोटे हाथो में राखी बांधती कैसे हमारे छोटे से माथे पर तिलक करती कैसे मिठाई खिलाती ... हम दोनों...