
सभी के जाने के बाद अवंतिका मन ही मन बडबडाते हुए , जल्दी जल्दी सफाई कर लेती हु फिर अभी रंजित को भी दवाई देनी बाकि है उसके बाद नहाना फिर खाना बनाना है / सफाई करने के बाद अवंतिका रंजित को दवाई देती है ये लो रंजित दवाई, भगवान जिंदगी में क्या क्या खेल खलता है हे ईश्वर मेरे रंजित को जल्द ठीक कर दो / रंजित को दवाई देने के बाद अवंतिका नहाने चली जाती है और फिर पूजा की तैयारी करने लगती है / और पूजा घर में भगवान की पूजा में मग्न हो जाती है...