Friday, April 22, 2011

काजोल करीना और दीपिका पादुकोण देंगी कानपुर में पोस्ट ग्रेजुएशन के पेपर ....

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काजोल करीना और दीपिका पादुकोण देंगी कानपुर में पोस्ट ग्रेजुएशन के पेपर ....

खेल जारी है शिक्षा माफियाओ का और इस बार खेल ऐसे खेला की करीना इमरान और काजोल को परीक्षा देनी पड़ जाय...मामला कुछ यु हुआ की छत्रपती साहू जी महाराज विश्वविद्यालय और शिक्षा माफियाओ ने खेल कुछ यु खेला की एम् . ए. प्रथम वर्ष की छात्राओं के वास्तविक फोटो की जगह काजोल और करीना के इण्डिया ऍफ़ .एम् .वेब साईट के फोटो लगा दिए गए.. और जब ये परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने पहुची तब उनकी वास्तविक फोटो न होने पर उन्हे पेपर नहीं देने दिए गय ....यहाँ ठेके पर फॉर्म भरने वालो का की ऐसी गलती हुई की छात्राओं का भविष्य अन्धकार में चला गया ...और व्यक्तिगत परीक्षार्थी को शर्मिंदा भी होना पड़ा ..एम् ए प्रथम वर्ष की करीब 08 छात्राओं के प्रवेश पत्र में भूमिका चावला करीना कपूर और काजोल के इण्डिया ऍफ़ .एम् .वेब साईट से फोटो ग्राफ लगा दिए गय ..और जब ये छात्रायें परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने पहुची तो कल्यानपुर के डॉ. राम मनोहर लोहिया महाविद्यालय ने सम्बंधित सभी छात्राओं को परीक्षा में बैठने से मना कर दिया गया ...
वही छत्रपती साहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति हर्ष कुमार सहेगल ने कहा ये मामला अपनी तरह का अलग है और जानकारी है दोषियों के खिलाफ कार्यवाही होगी ..एसा कैसे हुआ जबकि विश्वविद्यालय स्तर से सत्यापन फार्म और प्रवेश पत्र के फोटो ग्राफ का सत्यापन क्यों नहीं हुआ ..कुल मिलकर ठेके पर फॉर्म भरवाने और विश्वविद्यालय के आपसी गलतियों से नुकसान छात्रायें छात्रायें उठा रही है,विश्वविद्यालय प्रशासन छात्राओं किसी भी प्रकार का रहम करने के मुद में नहीं है क्योंकि प्राइवेट फॉर्म भरने में छात्राओं की अपनी गलती हुई है क्योंकि ऑनलाइन फॉर्म में सारी जानकारी छात्राओं को खुद ही भरनी थी इस लिए पहली नज़र में छात्राओं का ही दोष नज़र आता है ॥
जिन छात्राओं के साथ ये घटना हुई है उनमे समाज शास्त्र एम् ए प्रथम वर्ष की रखी और वंदना में काजोल की फोटो और जया की फोटो के स्थान पर इमरान की और ज्योति की फोटो पर करीना , कल्पना और सुमन की जगह सोनल चौहान की , आरती की जगह भूमिका और रूचि की जगह दीपिका की फोटो लगी है ..अब जबकि छात्राओं का के साथ ऐसा खेल खेला गया है तब विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी गलती नहीं मनाने को तैयार है जबकि छात्राओं का कहना है की परीक्षा शुरू होने से पहले ही हम सभी ने विश्वविद्यालय के चक्कर लगाय लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई ..ऐसे में सवाल ये उठता है की विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद उनका सत्यापन क्योँ नहीं किया अगर कुछ फॉर्म में गलतिय थी तो उनको सही करवाने की व्यवस्था क्योँ नहीं की गई ..खैर मामला रोचक हास्य पूर्ण और चिंतनीय है....

Posted By Ashish TripathiFriday, April 22, 2011