Saturday, February 26, 2022

भारतीय मूल के लोगों को सुरक्षित कैसे लाया जाए

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जहां यूक्रेन में रूसी हवाई हमलों से सारी दुनिया के देशों के साथ भारत के सबसे हालत खराब है क्योंकि यूक्रेन में भारत के लगभग 20000 छात्र-छात्राएं भी फंसे हैं यूक्रेन पर कब्जा करने के लिए रूस ने मिसाइलों से लेकर तमाम आधुनिक संसाधनों को इस युद्ध में झोंकने में जुटा हुआ है ऐसी सूरत में दूसरे विश्व युद्ध के बाद किसी देश की इतनी बड़ी सैन्य कार्रवाई है जिसमें हजारों लोग मारे जा चुके हैं यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उनके घर वाले लगातार विदेश मंत्रालय से संपर्क साधने में जुटा हुआ है जिसमें राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के पास भी उन्हें सुरक्षित लाने की गुहार की जा रही है यहां तो 20000 छात्र छात्राओं के जीवन का सवाल है कि कोई मिसाइल यह छोड़कर तो दागी नहीं जाती कि इससे केवल यूक्रेन के लोगों को नुकसान पहुंचेगा भारतीय छात्रों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि कल जिस तरह रूसी हवाई हमले व मिसाइलों से रिहाईशी अपार्टमेंट्स को ध्वस्त किया गया उसे भारत के छात्र छात्राओं पर दिन पर दिन खतरा बढ़ रहा है ऐसी सूरत में इतनी बड़ी तादाद में छात्र छात्राए एक ही स्थान पर तो होंगे नहीं अलग-अलग स्थानों मे होंगे | यूक्रेन का विदेश मंत्रालय हो या अन्य सुरक्षा एजेंसियां जब वह अपने नागरिको  सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं तो दूसरे की सुरक्षा वह कैसे करेंगे ऐसी स्थित में भारत देश के विदेश मंत्रालय के पास बड़ी विकट स्थिति फंसी हुई है कि वह आखिर क्या करे | आखिर रूस की इस सरासर यूक्रेन पर की जा रही दादागिरी में अपने भारतीय मूल के लोगों को कैसे निकालें छोटी मात्रा में तो इस भारतीय मूल के लोग हैं ही नहीं इनकी संख्या 20 हजार के आस पास है  ऐसी परिस्थितियों में यहां फंसे लोगों के परिवारी जनों का सब्र टूटता जा रहा है वह यूक्रेन को एक के बाद एक तबाह होते टीवी चैनल पर देख रहे हैं जिनके धमाके उनके कानों में सुनाई  दे रहे है उसके बाद उनकी हालत बहुत खराब है ऐसे में भारत के पास दिलासा के अलावा कोई चारा नहीं है जबकि भारत अच्छी तरह जान रहा है कि रूस अपनी सैनिक कार्रवाई व हवाई हमले अभी हाल फिलहाल रोकने में रहा ऐसी स्थिति में भारत विकट स्थिति में फंसा है वह क्या करें जिसके लिए वे रूस के विदेश मंत्रालय व राष्ट्रपति से तत्काल संपर्क में जुटा है कि वह अपने मूल के लोगों को वहां से सुरक्षित कैसे निकाले |

Posted By KanpurpatrikaSaturday, February 26, 2022

तीसरे युद्ध की ओर का इशारा तो नहीं

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तीसरे युद्ध को रोकने का पक्षधर बना भारत इस समय रूस के यूक्रेन में हमले के बाद दुनिया को दो भागों में बढ़ता हुआ देखने के बाद असमंजस की स्थिति में खड़ा है हालांकि उसे यूक्रेन में फंसे लगभग 20000 भारतीयों को सुरक्षित करने की चिंता बढ़ी है क्योंकि रूस ने आज जिस तरह से हवाई हमले रिहायशी इलाकों में तेज किए हैं उससे जनहानि का खतरा बढ़ गया है जिस पर भारतीय नागरिकों को वेस्टर्न बॉर्डर पर सुरक्षित पहुंचाने की अपील की जा रही है क्योंकि रूस यूक्रेन की राजधानी को निशाना बनाए हैं यूक्रेन में रोज-रोज के बड़े हवाई हमले से पूर्वी युक्रेन के 2 शहरों ने सरेंडर कर दिया है जिस तरह रूस ने यूक्रेन के हवाई अड्डों पर जिस तरह से हमले बढ़ा दिए हैं उससे इस बार रूस का जिस तरह से आक्रामक रुख है उसे भले ही दुनिया दो भागों में बांट गई हो जिसमें यूरोपीय संघ की जिस तरह से अमेरिका में तत्कालीन युद्ध रोकने के लिए बैठक बुलाई है उसे नहीं लग रहा है कि इस बार भी इस बैठक का कोई प्रभाव रूस में पड़ने वाला नहीं है क्योंकि रूस के पास खुद ही वीटो पावर है हालांकि रूस के बढ़ते हवाई हमलों से यह तो स्पष्ट हो गया है कि वह यूक्रेन को इस बार लेकर रहेगा क्योंकि रूस के हवाई हमलों से जिस तरह से रिहाईसी इलाकों में दहशत मच गई है उससे माना जा रहा है कि युद्ध अच्छे के लिए तो होता नहीं है जिसमें जान माल का नुकसान दोनों का ही होता है ऐसी परिस्थितियों में जिस तरह से यूक्रेन में स्थितियां बनी है उससे लगभग 20,000 जो भारतीय नागरिक फंसे हैं उनके लिए भारत में जबरदस्त चिंता की लहर है भारत की समझ में नहीं आ रहा है कि वह पहले अपने नागरिकों को बचाए हालांकि जिस तरह से इस युद्ध में दुनिया के देश दो भागों में बैठ गए हैं उसे अगर इस बार तीसरा विश्व युद्ध होता है तो बड़ी तबाही होगी क्योंकि अमेरिका सहित तमाम देश यूक्रेन की ओर है तो चीन उत्तर कोरिया ईरान समेत तमाम देश रूस के साथ हैं फिलहाल भारत संधि के चलते अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहा है |

Posted By KanpurpatrikaSaturday, February 26, 2022