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Wednesday, March 24, 2021

_शिव जो धारण करते हैं, उनके व्यापक अर्थ हैं :--_*

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*_शिव जो धारण करते हैं, उनके व्यापक अर्थ हैं :--_*==जटाएं : -------शिव की जटाएं अंतरिक्ष का प्रतीक हैं।चंद्र :-----चंद्रमा मन का प्रतीक है। शिव का मन चांद की तरह भोला, निर्मल, उज्ज्वल और जाग्रत है।त्रिनेत्र : ----शिव की तीन आंखें हैं। इसीलिए इन्हें त्रिलोचन भी कहते हैं। शिव की ये आंखें सत्व, रज, तम (तीन गुणों), भूत, वर्तमान, भविष्य (तीन कालों), स्वर्ग, मृत्यु पाताल (तीनों लोकों) का प्रतीक हैं।सर्पहार : ----सर्प जैसा हिंसक जीव शिव के अधीन है। सर्प तमोगुणी व संहारक जीव है, जिसे शिव ने अपने वश में कर रखा है।त्रिशूल :------शिव के हाथ में एक मारक शस्त्र...

Posted By KanpurpatrikaWednesday, March 24, 2021

*★★ ज्योतिष - पंच-तत्व*

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*★★ ज्योतिष - पंच-तत्व*•• ग्रहों के बलवान होने से जातक में तत्व-वृद्धि होती है और शरीर लक्षण से विद्वान जान लेते है कि - जातक पर किस ग्रह का सर्वाधिक प्रभाव है । देखें -मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि किस तरह बलवान होकर तत्व-रूप में अपना प्रभाव प्रकट करते है । सूर्य और चंद्र का इसमे समावेश नही है । केवल पंचतारा ग्रह ही ऐसे अपना प्रभाव प्रकट कर पाते हैं । सूर्य - सितारा है, जो पंचतारा ग्रहों को सक्रिय करता है और चंद्र, पृथ्वी का उपग्रह है - जो...

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❖▩ஜआज का पंचांग,25 मार्च 2021, गुरुवार ❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग,25 मार्च 2021, गुरुवार ❖▩ஜ🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞  🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*          ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ25 मार्च 2021, गुरुवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1943, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, चैत्र मास की प्रविष्टा 12, उत्तरायण, उत्तरगोल, बसन्त ऋतु, तिथि एकादशी सुबह 9:48 तक तदनन्तर द्वादशी, नक्षत्र आश्लेषा, सूर्योदय 6:29 प्रातः , सूर्यास्त 6:38 सायं, राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:00तिथि:  गण्डमूल विचार, आमलकी एकादशी व्रत, गोबिन्द द्वादशी🐏...

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