*_शिव जो धारण करते हैं, उनके व्यापक अर्थ हैं :--_*==जटाएं : -------शिव की जटाएं अंतरिक्ष का प्रतीक हैं।चंद्र :-----चंद्रमा मन का प्रतीक है। शिव का मन चांद की तरह भोला, निर्मल, उज्ज्वल और जाग्रत है।त्रिनेत्र : ----शिव की तीन आंखें हैं। इसीलिए इन्हें त्रिलोचन भी कहते हैं। शिव की ये आंखें सत्व, रज, तम (तीन गुणों), भूत, वर्तमान, भविष्य (तीन कालों), स्वर्ग, मृत्यु पाताल (तीनों लोकों) का प्रतीक हैं।सर्पहार : ----सर्प जैसा हिंसक जीव शिव के अधीन है। सर्प तमोगुणी व संहारक जीव है, जिसे शिव ने अपने वश में कर रखा है।त्रिशूल :------शिव के हाथ में एक मारक शस्त्र...