
हिंदुस्तान से इंडिया तक कभी कभी मुझे ये सोच कर बड़ा आश्चर्य और दुःख भी होता है की क्या ये वही हिंदुस्तान है जिसको आज़ादी दिलाने के लिए हमारे शहिदो ने अपने जान की कुर्बानी दी थी अगर वो भी चहाते और अपने देश से प्रेम न करते होते तो उस समय ही भारत को गुलाम बना रहने देते और शायद तब का हिंदुस्तान भ्रस्ट न होता /लेकिन नहीं उन्होने अपनी मात्र भूमि जहा पर उन्होंने जन्म लिया था की रक्षा की और अपने प्राणों कों नयोछौवर कर दिया / लेकिन उन्हे क्या मालूम था की...