Monday, August 30, 2010

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हमसफ़र

जिंदगी के इस सफ़र में हमसफ़र गर साथ हो

जिंदगी कट जाएगी हाथ मे जो हाथ

हो उम्र भर चलती रहूँ बस तुम्हारे साथ

मैं कोई भी धोकर लगे न अब पाँव मे

अब हमारे बीच कोई न तकरार हो

आइना जब भी देखू बस तुम्हारा ही दीदार

होजिंदगी के इस सफ़र में हमसफ़र गर साथ

होजिंदगी कट जाएगी हाथ मे जो हाथ हो .....

दूरिया हो चाहे जितनी न कोई दूरी लगे .....

पास रहकर भी ये कैसी मन से मन की दूरियां

हैउम्र भर साथी मेरे बस तुम्हारा साथ

होप्यार से है जिंदगी ... जिंदगी भर प्यार हो ....

जिंदगी के इस सफ़र में हमसफ़र गर साथ

होजिंदगी कट जाएगी हाथ मे जो हाथ हो ..............
संध्या

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