
आज मैं फिर नशे में हु
कभी ख़ुशी के नशे में तो
कभी मौत के नशे में
कभी महंगाई से परेशान लोगो के नशे में
कभी कोयला कभी स्पेक्ट्रम घोटालो के नशे में
कभी रामदेव के नशे तो कभी अन्ना के नशे में
दोस्तों आज मैं फिर नशे में हु
कभी दर्द से तडपती माँ के दुःख के नशे में
तो कभी भूख से तडपते बच्चे की भूख के नशे में
कभी गीतिका कभी अरुशी कभी दिव्या के हालात के नशे में
तो कभी कविता...