Monday, December 14, 2015

हिंदू धर्म में किसी भी मांगलिक कामों में केला के पूजन के पीछे क्या है कारण

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हमारे देश में पेड़ पौधे को पुज्नीय माना जात है। तो कभी किसी रुप में तो कभी औषधि के रूप में। हिंदू धर्म में कई पेड़-पौधे ऐसे है। जिनके पीछे कोई न कोई पौराणिक कथा है। इन्ही में से एक है। केला का पौधा। केले के फल, तना और पत्तों को हमारे पूजा विधान में अनेक तरह से उपयोग किया जाता है। यह शुभ और पवित्रता का प्रतीक है। केले के वृक्ष में देवगुरु बृहस्पति का वास होता है। शास्त्रों के अनुसार सात गुरुवार नियमित रूप से केले की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। हिंदू धर्म में केले के पौधे को बहुत पवित्र माना गया है साथ ही इसे कई धार्मिक कार्य उपयोग किया जाता है। लेकिन आप इस बात को नही जानते होगे कि आखिर इसकी हर मांगलिक कामों में पूजा क्यों की जाती है। तो हम आपको बताते है कि इसकी पूजा क्यों की जाती है। पुराणों के अनुसार माना जात है कि केले के वृक्ष में साक्षात विष्णु निवास करते है। गुरुवार के दिन इसीलिेए केला के वृक्ष की पूजा की जाती है। माना जाता है कि अगर केले की वृक्ष की पूजा विधि-विधान और श्रृद्धा के साथ की जाए तो भगवान प्रसन्न होते हैं और भक्तों सुख समृद्धि और शांति का वर प्राप्त होता है। केले के वृक्ष को शुभ और संपन्नता का प्रतीक माना जाता है।


केले की पवित्रता का अनुमान इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पुराने समय में इसके तने से निकाले गए पानी से ही उपवास के लिए पापड़ आदि बनाए जाते थे।  शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि केले की पूजा करने से गुरु दोष भी समाप्त होता है। अत: घर केले की पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। कुछ जगह पर घर में यानी कि घर के अन्दर केले का पौधा नहीं रखना चाहिए। माना जाता है कि गृह स्वामी के उत्थान में बाधक होता है। इसे आंगन में लगाने का विधान है। इसकी पूजा विधि-विधान से करन चाहिए। अगर आप केले की पूजा करना चाहते है तो इस तरह करें जिससे कि आपको इसका पूर्ण फल मिले। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर मौन पालन कर स्नान करें और केले के वृक्ष को प्रणाम कर जल चढ़ाएं। इसके बाद हल्दी की गांठ, चने की दाल और गुड़ समर्पित करें। कुंकू, अक्षत, पुष्प आदि चढ़ाएं और परिक्रमा करें। इस बात का ध्यान रखें कि घर के आंगन के वृक्ष को छोड़ बाहर किसी जगह लगा हो केला का वृक्ष वहां पर ये पूजा करनी चाहिए। इस तरह पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते है। जिससे आपको मनवांछित फलों का प्राप्ति होती है।.

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