
बताओ मैं हु कौन ?
जहा दिन में भी अँधियारा छाए
बिजली बिन पानी न आए
एक बार आप कानपुर तो आए !
जहा रोज़ रोज़ी रोटी है टूटती
गरीब ही नहीं आमिर की किस्मत है फूटती
आपको कानपुर की क्यों नहीं सूझती !
जहा सड़के न सही गड्डे है मिलते
जहा बिना ट्रेफिक के है सब भिडते
आप कानपुर में क्यों नहीं घूमते !
जहा घर से लेकर गंगा तक है गन्दगी
जहा पर अब भाई भाई की नहीं है बनती
फिर आपके कानो में कानपुर की जूं क्यों...