खबरों से खबर तक .....एक पत्रकार जो खबरों को लिखता है मुद्दों को उठता है लोगो के सामने सच्चिया लता है अनजानेपहलुओ से लोगो को रूबरू करवाता है लेकिन क्या कभी ऐसा भी हो सकता है की छिपी हुई खबरों को जनता के सामने लाने वाला पत्रकार ही खुद एक दिन छिपी हुई खबर बन जाय और आम इन्सान से भी बदतर स्थित में जा कर रोती रोटी के लिए मोताज़ हो जाय ॥देश के नाम चीन अखबारों में प्रमुख पदों में रहे , एक पत्रकार को जरुरत है अपनी मदद के लिए कुछ हाथो की जो उसका साथ दे सके क्या आप देंगे साथ ॥ उस कलम के सिपाही का जिसका अपने ही साथ छोड़ गय हो ...नाम:-इन्द्र भूषण रस्तोगीयोग्यता...