दोस्ती एक एहसासदोस्ती क्या है ? ये सिर्फ दो सच्चे दोस्त ही समझ सकते है ! दोस्ती की भावना में त्याग प्रेम व समर्पण निहित होता है और इर्ष्य भाव का कही नामोनिशान नहीं होता है / दोस्ती में एहसास की ऐसी डोर है जो दोस्त के दूर जाने पर भी सदाव उसके सुख दुःख का आभाव कराती है शयद यह्जएहसास की डोर सिमरन और अलान्क्रता के बीच थी / जो उनेहे एक दुसरे के सुख दुःख का एहसास कराती है थी / न जाने किसकी नज़र लगी की बचपन की दोस्ती और दोस्त दोनों बिछड़ गय और शायद .............सिमरन .... सिमरन .... माँ ने आवाज़ दी लेकिन कोई उत्तर न पाकर माँ सिमरन के कमरे में गई तो...