Wednesday, March 24, 2021

_शिव जो धारण करते हैं, उनके व्यापक अर्थ हैं :--_*

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*_शिव जो धारण करते हैं, उनके व्यापक अर्थ हैं :--_*
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जटाएं : -------
शिव की जटाएं अंतरिक्ष का प्रतीक हैं।

चंद्र :-----
चंद्रमा मन का प्रतीक है। शिव का मन चांद की तरह भोला, निर्मल, उज्ज्वल और जाग्रत है।

त्रिनेत्र : ----
शिव की तीन आंखें हैं। इसीलिए इन्हें त्रिलोचन भी कहते हैं। शिव की ये आंखें सत्व, रज, तम (तीन गुणों), भूत, वर्तमान, भविष्य (तीन कालों), स्वर्ग, मृत्यु पाताल (तीनों लोकों) का प्रतीक हैं।

सर्पहार : ----
सर्प जैसा हिंसक जीव शिव के अधीन है। सर्प तमोगुणी व संहारक जीव है, जिसे शिव ने अपने वश में कर रखा है।

त्रिशूल :------
शिव के हाथ में एक मारक शस्त्र है। त्रिशूल भौतिक, दैविक, आध्यात्मिक इन तीनों तापों को नष्ट करता है।

डमरू : -----
शिव के एक हाथ में डमरू है, जिसे वह तांडव नृत्य करते समय बजाते हैं। डमरू का नाद ही ब्रह्मा रूप है।

मुंडमाला :----
 शिव के गले में मुंडमाला है, जो इस बात का प्रतीक है कि शिव ने मृत्यु को वश में किया हुआ है।

छाल : ----
शिव ने शरीर पर व्याघ्र चर्म यानी बाघ की खाल पहनी हुई है। व्याघ्र हिंसा और अहंकार का प्रतीक माना जाता है। इसका अर्थ है कि शिव ने हिंसा और अहंकार का दमन कर उसे अपने नीचे दबा लिया है।

भस्म : -----
शिव के शरीर पर भस्म लगी होती है। शिवलिंग का अभिषेक भी भस्म से किया जाता है। भस्म का लेप बताता है कि यह संसार नश्वर है।

वृषभ : -----
शिव का वाहन वृषभ यानी बैल है। वह हमेशा शिव के साथ रहता है। वृषभ धर्म का प्रतीक है। महादेव इस चार पैर वाले जानवर की सवारी करते हैं, जो बताता है कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष उनकी कृपा से ही मिलते हैं।

इस तरह शिव-स्वरूप हमें बताता है कि उनका रूप विराट और अनंत है, महिमा अपरंपार है। उनमें ही सारी सृष्टि समाई हुई है।

*_एस्ट्रोलॉजर पंडित विपेंद्र कुमार उपाध्याय_*
*_काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी (BHU)_*
*_👉सम्पर्क सूत्र (78 00 40 53 04)_✍️*

Posted By KanpurpatrikaWednesday, March 24, 2021

*★★ ज्योतिष - पंच-तत्व*

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*★★ ज्योतिष - पंच-तत्व*

•• ग्रहों के बलवान होने से जातक में तत्व-वृद्धि होती है और शरीर लक्षण से विद्वान जान लेते है कि - जातक पर किस ग्रह का सर्वाधिक प्रभाव है । 
देखें -मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि किस तरह बलवान होकर तत्व-रूप में अपना प्रभाव प्रकट करते है । सूर्य और चंद्र का इसमे समावेश नही है । केवल पंचतारा ग्रह ही ऐसे अपना प्रभाव प्रकट कर पाते हैं । सूर्य - सितारा है, जो पंचतारा ग्रहों को सक्रिय करता है और चंद्र, पृथ्वी का उपग्रह है - जो पृथ्वी और सूर्य के तालमेल से अपना प्रभाव प्रकट करता है ।  बाकि के बचे पंचतारा ग्रह - अपना तत्व प्रकट करने में समर्थ है । हालांकि - सूर्य और चंद्र भी अग्नि-तत्व प्रधान और जल-तत्व प्रधान ग्रहों से सम्बद्ध बनाये तो अपने-अपने तत्व की वृद्धि करते हैं । सूर्य - अग्नि-तत्व की और चंद्र - जल-तत्व की वृद्धि करते हैं ।
• अगर - मंगल बलवान हो तो जातक में अग्नि-तत्व प्रबल होगा । ऐसे में - जातक अधिक भूख वाला, चंचल, फुर्तीला, निडर, पतला, बुद्धीमान, अधिक खाने वाला, तीखा स्वभाव, गोरा रंग और स्वाभिमानी होता है । जब अग्नि तत्व की छाया जातक में प्रकट होती है - तब जातक सोने की चमक की तरह चमकदार दिखता है । उसकी आँखों मे आकर्षण और सफलता भरे कार्य होते हैं तथा प्रचुर धनलाभ होता है ।
अष्टक वर्ग के अनुसार मेष, सिंह और धनु राशि बलवान हो और कुण्डली अनुसार 1, 5 और नवम भाव बलवान हो तो - अग्नि-तत्व और भी प्रबल हो जाता है ।
• अगर - बुध बलवान हो तो जातक में पृथ्वी-तत्व प्रबल होता है । ऐसे में जातक स्वाभाविक गन्ध युक्त, कपूर और कमल की खुशबू वाला, भोग भोगने वाला, सदैव सुखी, बलवान, क्षमाभाव से युक्त और शेर की तरह दबंग आवाज वाला होता है । जब शरीर मे बलवान पृथ्वी-तत्व की छाया प्रकट होती है - तब जातक की त्वचा कान्ति युक्त, दाँत और नाखून विशेष चमकदार, धर्म और अर्थ का लाभ पाने वाला तथा भरपूर सुख पाता है ।
अष्टक वर्ग के अनुसार वृषभ, कन्या और मकर राशि बलवान हो और कुण्डली अनुसार 2, 6 और दशम भाव बलवान हो तो - पृथ्वी-तत्व और भी प्रबल हो जाता है ।
• अगर - गुरु बृहस्पति बलवान हो तो जातक में आकाश-तत्व प्रबल होता है ।  ऐसे में - जातक शब्दार्थ को जानने वाला, बातों के गूढ़ अर्थ समझने वाला, नीति विशारद, ज्ञानी, स्पष्टवादी, खरा, बड़े मुँह वाला लम्बे कद वाला होता है । जब शरीर की आकाश-तत्व की छाया प्रकट होती है - तब जातक वाक्पटु, देखने मे सुन्दर, मनोहर बात बोलने वाला और मनोहर बात सुनने वाला होता है ।
प्रकारान्तर से गुरु बृहस्पति में आकाश-तत्व के अलावा वायु-तत्व की भी प्रबलता रहती है ।  ऐसे में - कुण्डली में वायु-तत्व राशियाँ और वायु-तत्व भाव बलवान हो और ऐसे किसी राशि अथवा भाव में बलवान गुरु बृहस्पति हो और लग्न-लग्नेश से संबंध बना ले तो आकाश-तत्व की बढ़ोतरी हो सकती है ।
• अगर - शुक्र बलवान हो तो जातक में जल-तत्व प्रबल होता है । ऐसे में - जातक कान्तियुक्त, उत्तरदायित्व को उठाने वाला, प्रिय वचन बोलने वाला, अधिकार-युक्त, अनेक मित्रों वाला, कोमल स्वभाव वाला और विद्वान होता है । जब - जल-तत्व की छाया शरीर मे प्रकट होती है - तब जातक कोमलता से व्यवहार करने वाला, स्वस्थ, अभीष्ट सिद्धी पाने वाला, मनोरथ पूर्ण करने वाला और अनुकूल भोजन पाने वाला होता है । 
अष्टक वर्ग के अनुसार कर्क, वृश्चिक और मीन राशियां बलवान हो और कुण्डली अनुसार 4, 8 और 12 भाव बलवान हो तो - जल-तत्व और भी प्रबल हो जाता है ।
• अगर - शनि कुण्डली में बलवान हो तो जातक में वायु-तत्व प्रबल होता है । ऐसे में - जातक दानी स्वभाव वाला परन्तु क्रोधी होता है । गोरा रंग, घूमने का शौकीन, अधिकार-युक्त, न दबने वाला और पतले शरीर वाला होता है । जब - वायु-तत्व की छाया शरीर मे प्रकट होती है  - मन मे मलिनता आ जाती है, विचार दृढ़ और तीव्र नही रहते, निर्णय करने में भूल होती है, वायु-रोग, शोक और सन्ताप होते है । ये कदाचित शनि की विशेषता है । 
अष्टक वर्ग के अनुसार मिथुन, तुला और कुम्भ राशियां बलवान हो और कुण्डली अनुसार 3, 7 और एकादश भाव बलवान हो तो - वायु-तत्व और भी बलवान हो जाता है ।

*सुरेश भारद्वाज - उल्हासनगर, मुम्बई ।*

Posted By KanpurpatrikaWednesday, March 24, 2021

❖▩ஜआज का पंचांग,25 मार्च 2021, गुरुवार ❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग,25 मार्च 2021, गुरुवार ❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
          ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

25 मार्च 2021, गुरुवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1943, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, चैत्र मास की प्रविष्टा 12, उत्तरायण, उत्तरगोल, बसन्त ऋतु, तिथि एकादशी सुबह 9:48 तक तदनन्तर द्वादशी, नक्षत्र आश्लेषा, सूर्योदय 6:29 प्रातः , सूर्यास्त 6:38 सायं, राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:00

तिथि:  गण्डमूल विचार, आमलकी एकादशी व्रत, गोबिन्द द्वादशी

🐏 *मेष (Aries):*आपके स्वभाव में उग्रता आ सकती है। लोगों की मदद करने का अवसर नहीं चूकेंगे। दूसरों के काम में आप जबरदस्ती हस्तक्षेप न करें। मित्रों के साथ किसी गम्भीर विषय पर चर्चा करेंगे। घर में अतिथियों का आगमन हो सकता है। मेहनत से आप पीछे न हटें।

🐂 *वृषभ (Tauras):*आपको कारोबार में वृद्धि के लिये आर्थिक सहायता मिल सकती है। करियर में आपको सीनियर्स और गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त होगा। मीडिया से जुड़े लोगों को शानदार लाभ मिलेगा। विद्यार्थी पढ़ाई के प्रति अपना फोकस बना कर रहेंगे। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बितायेंगे।

👭 *मिथुन (Gemini)* रिश्तों में मिठास का भाव रहेगा। आपकी सम्पत्ति में वृद्धि होगी। सेहत को अच्छा बनाये रखने के लिये नियमित व्यायाम करें। सुबह से ऊर्जावान महसूस करेंगे। अपनी तार्किक क्षमता का कुशल उपयोग कर पायेंगे। लेन-देन के मामलों में जल्दबाज़ी न करें।

🦀 *कर्क (Cancer):*करियर में उल्लेखनीय सफलता मिल सकती है। व्यापार में उलटफेर का सामना करना पड़ेगा। कार्यस्थल में आपको काफी ध्यान देना पड़ सकता है। भविष्य की योजनाओं को गम्भीरता से एनालिसिस करेंगे। जीवनसाथी को करियर में अच्छे अवसर मिलेंगे।

🦁 *सिंह (Leo):किसी विषय में आ रही समस्या आज दूर हो जायेगी। व्यापार में साझेदारों के बीच तालमेल की कमी आ सकती है। लक्ष्यों को पूरा करने के लिये आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। पुरानी बातों को लेकर ज्यादा परेशान न हों। खानपान में आपको ध्यान रखना चाहिये।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*पैतृक सम्पत्ति में वृद्धि होगी। आत्मविश्वास के कारण आपको काफी लाभ प्राप्त होगा। नयी सम्पत्ति खरीद सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षा में आपको आशा से उत्तम परिणाम मिलेंगे। कुछ अच्छा सीखने का प्रयास करेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों बड़ा जनसमर्थन मिल सकता है।

⚖ *तुला (Libra):*सन्तान के व्यवहार से काफी प्रसन्न रहेंगे। परिवार का माहौल खुशनुमा रहेगा। प्रेमी जन आपका मनोबल बढ़ायेंगे। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक शाम का आनन्द लेंगे। व्यापार में नकदी की समस्या का समाधान होगा। दूसरों की खुशियों में शामिल होंगे।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):घर वालों के साथ शॉपिंग के लिये जा सकते हैं। सेहत काफी अच्छी रहेगी। बुद्धिमान लोगों के बीच आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अच्छे अवसर मिलेंगे। नयी नौकरी के लिये इंटरव्यू दे सकते हैं। अति आत्मविश्वास के कारण लोग आपसे दूरी बना सकते हैं इसीलिये धरातल पर रहें।

🏹 *धनु (Sagittarius):*अनचाहे भय से व्याकुल हो सकते हैं। यदि बहुत इच्छा न हो तो यात्रा न करें। आपका मन प्रसन्न रहने वाला है। अनुभवी लोगों को भी धोखा हो सकता है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में हानि होने की सम्भावना है। स्थितियाँ आपके नियन्त्रण में रहेगी।

🐊 *मकर (Capricorn):*लवमेट्स के साथ अपना व्यवहार अच्छा रखें। व्यापार में नकदी की समस्या आज दूर हो सकती है। फैशन डिजाइन वाले क्षेत्र से जुड़े लोगों को बेहतरीन परिणाम मिलेगा। धार्मिक क्रियाओं में भाग लेंगे। परिवार के लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।

⚱ *कुंभ (Aquarius)*आज आपको काफी दौड़धूप करनी पड़ेगी। बेरोजगार बहुत ही अच्छी रहेगी। रुका हुआ धन आज आपको प्राप्त होगा। अपने अधिकारों का गलत उपयोग कर सकते हैं। सहयोगियों के साथ आपके सम्बन्ध मधुर रहेंगे। प्रेम सम्बन्धों को विवाह में परिणित करने का विचार बनायेंगे।

🧜‍♀ *मीन (Pisces ) *दोस्तों के प्रति अपना व्यवहार अच्छा रखें। रिश्तों में नम्रता बनाकर रखना जरूरी है। अपनी योग्यता को विकसित करने का अवसर मिलेगा। उग्रता के कारण काम बिगड़ सकते हैं। कारोबार में आपको शानदार सफलता मिलेगी। माता के प्रति अपना व्यवहार अच्छा रखें।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaWednesday, March 24, 2021

Tuesday, March 23, 2021

आमलकी एकादशी व्रत का मुहूर्त, व्रत विधि और कथा।

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🌷 *आमलकी एकादशी व्रत* 🌷

 *आमलकी एकादशी /रंग भरनी एकादशी व्रत 25 मार्च 2021 ,गुरुवार को रखे🙏* 

हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह व्रत हर साल फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन रखा जाता है। होली से 4 दिन पहले पड़ने के कारण इसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं। 

धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति आमलकी एकादशी व्रत को विधि-विधान से रखता है उसे भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद मिलता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन व्रत का लाभ व्रती को तभी मिलता है जब वह आमलकी एकादशी की व्रत कथा को सुनता या पढ़ता है। 

आइए जानते हैं आमलकी एकादशी व्रत का मुहूर्त, व्रत विधि और कथा।

 👉 *आमलकी एकादशी व्रत मुहूर्त👇* 

 **एकादशी तिथि प्रारंभ ** 
 
24 मार्च 2021 ,बुधवार को सुबह 10 बजकर 23 मिनट से

 *एकादशी तिथि समाप्त* - 

25 मार्च 2021, गुरुवार को सुबह 09=47 मिनट तक

 *एकादशी व्रत पारण का समय* - 

26 मार्च 2021, शुक्रवार को सुबह 06:18 से 08:21 तक

*एकादशी का व्रत सूर्योदय तिथि 25 मार्च 2021, गुरुवार को ही रखें* 🙏
 
*विशेष :  बुधवार  को एवं गुरुवार एकादशी व्रत के दिन खाने में चावल का प्रयोग बिल्कुल भी ना करें चाहे आपने व्रत न रखा हो तो भी🙏*

 👉 *आमलकी एकादशी व्रत विधि* 👇

 प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें। व्रत का संकल्प लें और फिर विष्णु जी की आराधना करें।भगवान विष्ण़ु को पीले फूल अर्पित करें। घी में हल्दी मिलाकर भगवान विष्ण़ु का पूजन करें। पीपल के पत्ते पर दूध और केसर से बनी मिठाई रखकर भगवान को चढ़ाएं। एकादशी की शाम तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाएं।भगवान विष्णु को केले चढ़ाएं और गरीबों को भी केले बांट दें। भगवान विष्णु के साथ माता श्री लक्ष्मीजी का पूजन करें और गोमती चक्र और पीली कौड़ी भी पूजा में रखें।

 👉 *आमलकी एकादशी का धार्मिक महत्व* 👇

धार्मिक मान्यता के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। मान्यता है कि सृष्टि की रचना के समय भगवान विष्णु ने आंवले को पेड़ के रूप में प्रतिष्ठित किया था। इसलिए आंवले के पेड़ में ईश्वर का स्थान माना गया है। आमलकी एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है अगर आपके नजदीक में आंवले का वृक्ष नहीं है तो बाजार से आंवला लाकर पूजा में श्री विष्णु भगवान को अर्पित कर सकते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

👉 *आमलकी एकादशी कथा* 👇 

एक वैदिश नाम का नगर था जिसमें सभी लोग आनंद सहित रहते थे. उस नगर में सदैव वेद ध्वनि गूंजा करती थी तथा पापी, दुराचारी तथा नास्तिक उस नगर में कोई नहीं था. उस नगर में चैतरथ नाम का चन्द्रवंशी राजा राज्य करता था. वह अत्यंत विद्वान तथा धर्मी था. उस नगर में कोई भी व्यक्ति दरिद्र व कंजूस नहीं था. सभी नगरवासी विष्णु भक्त थे और आबाल-वृद्ध स्त्री-पुरुष एकादशी का व्रत किया करते थे.

एक समय फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी आई उस दिन राजा, प्रजा तथा बाल-वृद्ध सबने हर्षपूर्वक व्रत किया. राजा अपनी प्रजा के साथ मंदिर में जाकर पूर्ण कुंभ स्थापित करके धूप, दीप, नैवेद्य, पंचरत्न आदि से धात्री (आंवले) का पूजन करके उस मंदिर में सब ने रात्रि को जागरण किया.
रात के समय वहां एक बहेलिया आया, जो अत्यंत पापी और दुराचारी था. वह अपने कुटुम्ब का पालन जीव-हत्या करके किया करता था,भूख और प्यास से अत्यंत व्याकुल वह बहेलिया इस जागरण को देखने के लिए मंदिर के एक कोने में बैठ गया और विष्णु भगवान तथा एकादशी माहात्म्य की कथा सुनने लगा,इस प्रकार अन्य मनुष्यों की भांति उसने भी सारी रात जागकर बिता दी.
प्रात:काल होते ही सब लोग अपने घर चले गए तो बहेलिया भी अपने घर चला गया. घर जाकर उसने भोजन किया. कुछ समय बीतने के पश्चात उस बहेलिए की मृत्यु हो गई ..मगर उस आमलकी एकादशी के व्रत तथा जागरण से उसने राजा विदूरथ के घर जन्म लिया और उसका नाम वसुरथ रखा गया. युवा होने पर वह चतुरंगिनी सेना के सहित तथा धन-धान्य से युक्त होकर  ग्रामों का पालन करने लगा.
वह तेज में सूर्य के समान, कांति में चन्द्रमा के समान, वीरता में भगवान विष्णु के समान और क्षमा में पृथ्वी के समान था. वह अत्यंत धार्मिक, सत्यवादी, कर्मवीर और विष्णु भक्त था. वह प्रजा का समान भाव से पालन करता था. दान देना उसका नित्य कर्तव्य था.

एक दिन राजा शिकार करते हुए जंगल में बहुत दूर निकलगये.तभी कुछ जंगली और पहाड़ी डाकुओं ने राजा को घेर लिया.इसके बाद डाकुओं ने शस्त्रों से राजा पर हमला कर दिया. मगर देव कृपा से राजा पर जो भी शस्त्र चलाए जाते वो पुष्प में बदल
जाते.डाकुओं की संख्या अधिक होने से राजा चेतनाहीन होकर धरती पर गिर गए. तभी राजा के शरीर से एक दिव्य शक्ति प्रकट हुई और समस्त राक्षसों को मारकर अदृश्य हो गई. जब राजा की चेतना लौटी तो, उसने सभी राक्षसों का मरा हुआ पाया. यह देख राजा को आश्चर्य हुआ कि इन डाकुओं को किसने मारा❓तभी आकाशवाणी हुई- हे राजन! यह सब राक्षस तुम्हारे आमलकी एकादशी का व्रत करने के प्रभाव से मारे गए हैं. तुम्हारी देह से उत्पन्न आमलकी एकादशी की वैष्णवी शक्ति ने इनका संहार किया है. इन्हें मारकर वह शक्ति पुन: तुम्हारे शरीर में प्रवेश कर गई है... यह सुनकर राजा प्रसन्न हुआ और वापस लौटकर राज्य में सबको एकादशी का महत्व बतलाया

🙏 *ओम नमो नारायणाय* 🙏
मनीष तिवारी baba

Posted By KanpurpatrikaTuesday, March 23, 2021

❖▩ஜआज का पंचांग,24 मार्च 2021, बुधवार ❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग,24 मार्च 2021, बुधवार ❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
          ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

24 मार्च 2021, बुधवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1943, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, चैत्र मास की प्रविष्टा 11, उत्तरायण, उत्तरगोल, बसन्त ऋतु, तिथि दशमी सुबह 10:24 तक तदनन्तर एकादशी, नक्षत्र पुनर्वसु, सूर्योदय 6:31am, सूर्यास्त 6:38pm, राहुकाल दोपहर 12:00 से 1:30,गण्डमूल विचार रात्रि 11:12 से

🐏 *मेष (Aries):*आपके व्यर्थ के खर्चे तो कम होंगे लेकिन अचानक से कहीं धन खर्च करना पड़ेगा। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक सम्बन्ध मजबूत होंगे। गले में किसी प्रकार का इन्फेक्शन परेशान कर सकता है। भौतिक सुविधाओं में वृद्धि होगी। जीवनसाथी की भावनाओं का अनादर न करें।

🐂 *वृषभ (Tauras):*ऑफिस में विरोधियों से सतर्क रहें। व्यवसायी वर्ग की कोई बड़ी समस्या आज हल हो सकती है। गम्भीर विषयों का अध्ययन करेंगे। सामाजिक क्षेत्र में आपकी सक्रियता और वर्चस्व बढ़ेगा। दूसरों की सहायता करने से आपका मन उत्साहित रहेगा।

👭 *मिथुन (Gemini)* आज कारोबार को लेकर कुछ असमंजस में रहेंगे। शुभ समाचार की इच्छा मन में बनी रहेगी। अपनी गुप्त बातें किसी से शेयर न करें। मुँह में छाले की समस्या हो सकती है। आज हो सके तो मौन रहें या कम से कम बोलें इससे विवादों से बचे रहेंगे।

🦀 *कर्क (Cancer):*स्वादिष्ट भोजन का आनन्द उठायेंगे। किसी जरूरी काम को कल पर टालना आपके लिये उचित होगा। दिन के पहले भाग में आपको आशा के अनुरूप परिणाम प्राप्त होंगे। छोटे बच्चों के प्रति स्नेह और वात्सल्य का आनन्द लेंगे। पिछले अनुभवों का आप बेहतर लाभ उठा पायेंगे।

🦁 *सिंह (Leo):जीवनसाथी को मानसिक रूप से समर्थन अवश्य दें उन्हें आपके सहयोग की आवश्यकता पड़ सकती है। विरोधी आपके विरुद्ध कुछ गलत काम कर सकते हैं। आसपास के लोगों से अपने सम्बन्ध प्रगाढ़ रखें। घरेलू खर्च बढ़ने से आपका बजट गड़बड़ा सकता है। नये प्रोजेक्ट्स में आप रुचि लेंगे।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*आपके सभी काम आसानी से बनते चले जायेंगे। अपनी शारीरिक फिटनेस का ध्यान रखें। जॉब में आपको मेहनत का बेहतरीन परिणाम मिलेगा। परिवार में नवीन कार्ययोजना बन सकती है। शेयर मार्केट से आपको बेहतरीन लाभ मिलेगा। राजनीति से जुड़े लोगों को उच्च पद मिल सकता है।

⚖ *तुला (Libra):*धार्मिक समारोह में जाने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक लाभ मिलने से मन प्रफुल्लित रहेगा। जीवनसाथी के साथ भावपूर्ण सम्बन्ध बनेंगे। अवसरों का शानदार लाभ मिलेगा। घर के सदस्यों की सुख-सुविधा पर ध्यान दें। अधिकारी वर्ग आपसे प्रसन्न रहेगा।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):परिजनों की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। बेरोजगार लोगों को नयी नौकरी मिल सकती है। विचारों में लचीलापन हमेशा बनाकर रखें। सरकारी कार्यों से आपको धन लाभ हो सकता है। धार्मिक कार्यों में आपका मन लगेगा। यात्रा से आपको लाभ मिलेगा।

🏹 *धनु (Sagittarius):*पुराना रुका हुआ काम आपके लिये परेशानी बन सकता है। एलर्जी और खांसी-जुकाम की परेशानी हो सकती है। रचानात्मक कार्यों में आप रुचि लेंगे। लोग आपके कार्यों में बाधा डालने का प्रयास करेंगे। मन में असन्तोष की भावना न पनपने दें।

🐊 *मकर (Capricorn):*आपके स्वभाव में परोपकार की भावना रहेगी। किसी बड़े प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी कर सकते हैं। मित्रों के साथ पुरानी यादें ताजा कर सकते हैं। आपके द्वारा निर्णयों से भविष्य में लाभ प्राप्त होगा। आपकी मध्यस्थता से बड़े विवाद सुलझ सकते हैं। दिन आपके लिये काफी अच्छा रहेगा।

⚱ *कुंभ (Aquarius)*अपने करियर के साथ कभी भी समझौता न करें। आपको अपनी ज़िम्मेदारी निष्ठा के साथ निभानी चाहिये। आपके व्यवहार में बदलाव आ सकता है। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक फिल्म देखने का मूड बनायेंगे। ऑफिस में सहकर्मियों से मनमुटाव हो सकता है।

🧜‍♀ *मीन (Pisces ) *खेलकूद और अन्य कला से जुड़े विषयों में विशेष रुचि ले सकते हैं। पुरुष जातकों को महिलाओं के सहयोग से लाभ मिल सकता है। अधीनस्थ कर्मचारियों पर पूर्ण नियन्त्रण बनाये रखें। प्राइवेट जॉब कर रहे जातक छुट्टी की मांग कर सकते हैं। विद्यार्थियों के लिये दिन शुभ परिणामकारी है।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaTuesday, March 23, 2021