Thursday, March 4, 2021

❖▩ஜआज का पंचांग, 5 मार्च 2021, शुक्रवार,,❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग, 5 मार्च 2021, शुक्रवार,,❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
          ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

5 मार्च 2021, शुक्रवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष, फाल्गुन मास की प्रविष्टा 22, उत्तरायण, दक्षिणगोल, बसन्त ऋतु, तिथि सप्तमी रात्रि 7:55 तक तदनन्तर अष्टमी, नक्षत्र अनुराधा, सूर्योदय 6:48 प्रातः, सूर्यास्त 6:25 सायं , राहुकाल प्रातः 10:30 से 12:00

 तिथि श्रीनाथ-उत्सव, गण्डमूल विचार रात्रि 10:38 से

🐏 *मेष (Aries):*आज आपको मेहनत का पर्याप्त फल प्राप्त नहीं होगा। अत्यधिक मेहनत के कारण थकान हो सकती है। अपने अहम् पर नियन्त्रण रखें। खानपान और दिनचर्या को सन्तुलित रखें। अपने अनुभवों को लोगों से शेयर न करें। नयी ऊर्जा के साथ अपने कार्यों को ध्यान रखें।

🐂 *वृषभ (Tauras):*सामाजिक गतिविधियों में आप सक्रिय रहेंगे। उच्च शिक्षा को लेकर बड़े निर्णय ले सकते हैं। अपनी कार्यक्षमता को सिद्ध करने का अवसर प्राप्त होगा। जीवनसाथी की सलाह आपके बहुत काम आने वाली है। आय के नये रास्ते खुल सकते हैं।

👭 *मिथुन (Gemini) किसी कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। जीवन के उच्च दर्शन के प्रति आपका ध्यान प्रवृत्त होगा। सर्दी-जुकाम की समस्या आपको घेर सकती है। वकीलों को कोई बड़ा केस आज मिल सकता है। सेल्स और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को धन लाभ प्राप्त होगा।

🦀 *कर्क (Cancer):*जॉब और व्यवसाय के मामले में भाग्यशाली रहेंगे। आपकी रचनात्मक क्षमता में वृद्धि होगी। आप सभी कार्यों को लगन के साथ पूरे करेंगे। जीवन पथ में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। मनोविनोद और आनन्द में समय बितायेंगे।

🦁 *सिंह (Leo):आर्थिक मामलों में आपको संयमित रहना होगा। सगे-सम्बन्धियों पर आप धन खर्च करेंगे। नये सम्पर्कों से आपको लाभ प्राप्त होगा। सहकर्मियों के साथ मनमुटाव हो सकता है। कार्यक्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*नयी जिम्मेदारियों को बखूबी निभायेंगे। व्यावसायिक यात्रा से आपको लाभ प्राप्त होगा। आपको कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हो सकती है। जीवनसाथी के प्रति प्रेम भाव बढ़ेगा। आपकी योजनायें सफल होंगी। समय से पहले अपना काम पूरा कर लेंगे।

⚖ *तुला (Libra):*ऑफिस के दबाव को अपने ऊपर हावी न होने दें। विवाह में आ रही परेशानी दूर होगी। निजी परेशानियों को सुलझाने में लगे रहेंगे। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों के साथ अच्छा तालमेल रहेगा। घर के लिये कुछ नया सामान खरीद सकते हैं।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):विद्यार्थियों को उच्च शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेंगे। धन-सम्पत्ति में वृद्धि होगी। आपकी प्रतिभा और क्षमता का लोग सम्मान करेंगे। ऑनलाइन बिजनेस में आपको धन लाभ प्राप्त होगा। बहुप्रतीक्षित कार्यों को आज शुरू कर सकते हैं।

🏹 *धनु (Sagittarius):*घर के सदस्यों की सेहत का ध्यान अवश्य रखें। कुछ लोग आपकी तरक्की से ईर्ष्या की भावना रख सकते हैं। सिर में भारीपन और दर्द की समस्या हो सकती है। उधार लिया हुआ कर्ज आपको लौटाना पड़ सकता है। खर्चों को नियन्त्रित कर के रखें।

🐊 *मकर (Capricorn):*जीवनसाथी और बच्चों से आपको लाभ मिलेगा। किसी पारिवारिक समारोह में आप जा सकते हैं। शेयर मार्केट से जुड़े लोगों को धन लाभ हो सकता है। प्रेम सम्बन्धों में रुचि बढ़ेगी। आज आप तनाव से मुक्त रहेंगे।

⚱ *कुंभ (Aquarius)*आज आपको किसी महिला के माध्यम से लाभ मिल सकता है। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखें। कुछ अनावश्यक खर्चे आपके सामने आ सकते हैं। समाज में आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

🧜‍♀ *मीन (Pisces ) *व्यापार में विरोधियों से आपको बचकर रहना चाहिये। घर में मेहमानों की चहल-पहल रहेगी। एकाग्रचित्त होकर काम करने से आपको लाभ मिलेगा। दोस्तों के साथ मिलकर काम करेंगे। अतीत के अनुभवों को भुलाकर आगे बढ़ने का प्रयास करें।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaThursday, March 04, 2021

Wednesday, March 3, 2021

❖▩ஜआज का पंचांग, 4 मार्च 2021, गुरुवार,❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग, 4 मार्च 2021, गुरुवार,❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
          ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

4 मार्च 2021, गुरुवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष, फाल्गुन मास की प्रविष्टा 21, उत्तरायण, दक्षिणगोल, बसन्त ऋतु, तिथि षष्ठी, नक्षत्र विशाखा, सूर्योदय 6:55  प्रातः, सूर्यास्त 6:24 सायं, राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:00

🐏 *मेष (Aries):*कारोबार में विस्तार करने की योजना बनायेंगे। घर में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। कार्यक्षेत्र में शानदार सफलता मिलने की प्रबल सम्भावना है। बच्चों के साथ शॉपिंग करने जा सकते हैं। उच्च अधिकारियों के बीच आपकी साख बढ़ेगी।

🐂 *वृषभ (Tauras):*धन लाभ के लिये गये प्रयास लाभकारी सिद्ध होंगे। सन्तान की चिन्ता दूर होगी। करियर में नये आयामों का स्पर्श कर पायेंगे। शत्रु आपके कार्यों में विघ्न डाल सकते हैं। उत्तम विश्लेषण क्षमता के कारण आपको व्यापार में लाभ प्राप्त होगा। उच्च अध्ययन में आप रुचि लेंगे।

👭 *मिथुन (Gemini):विद्यार्थियों को अध्ययन में कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। समाज में प्रतिष्ठा की चिन्ता रहेगी। अपनी गोपनीय बातों को किसी से साझा न करें। शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं।

🦀 *कर्क (Cancer):*प्रभावशाली लोगों के साथ आपके सम्बन्ध मजबूत रहेंगे। आज आपको काफी व्यस्त रहना पड़ सकता है। झूँठे वादों से आपको बचना चाहिये। परिवार जनों की राय को हल्के में न लें। मानसिक उद्विग्नता रहेगी। अपनी सफलताओं का आनन्द उठायें। अहंकार के कारण शुभचिन्तक आपसे नाराज हो सकते हैं।

🦁 *सिंह (Leo):प्राइवेट जॉब करने वाले जातकों के लिये दिन बहुत शुभ रहने वाला है। किसी विकट समस्या को सुलझाने का अवसर प्राप्त होगा। यात्राओं से आपको लाभ प्राप्त होगा। अधिकारी आपके कार्यों से सन्तुष्ट रहेंगे। पुराने मित्रों और सम्बन्धियों से मुलाक़ात होगी।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*सहयोगी कर्मचारियों से आपको सहायता मिल सकती है। समाज में आपकी विश्वसनीयता बढ़ेगी। फाइनेंस सम्बन्धी कारोबार में आपको लाभ प्राप्त होगा। ऑफिस में आपको अतिरिक्त काम करना पड़ेगा। परिवार और कार्यक्षेत्र में सन्तुलन बनाकर रखें।

⚖ *तुला (Libra):*साझेदारी के कार्यों में आपको लाभ प्राप्त होगा। कारोबार में आपको शानदार अवसर प्राप्त हो सकते हैं। शुभ कार्यों में आपका मन लगेगा। ऑफिस में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। नयी विद्याओं को सीखने का प्रयास करेंगे। नये व्यवसाय और नयी दुकान खोलने के लिये दिन शुभ है।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):*दूसरों की बातों पर ज्यादा विश्वास न करने के बजाय स्वयं के विवेक का प्रयोग करें। आर्थिक नुकसान की आशंका है। खर्च करते समय सावधानी रखें। व्यापार की रणनीति पर पुनर्विचार अवश्य करें। मीडिया से जुड़े लोगों को अपनी ज़िम्मेदारी अच्छे से निभानी होगी।

🏹 *धनु (Sagittarius):*उच्चाधिकारी आपके कार्य से काफी प्रसन्न होंगे। परिवार में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। रिश्तों में परस्पर सद्भाव और एकता का भाव रहेगा। मन में दबी हुई अभिलाषा आज प्रकट होगी। दोस्तों के साथ मिलकर नया कारोबार शुरू कर सकते हैं। जीवनसाथी आपका मनोबल बढ़ायेगा।

🐊 *मकर (Capricorn):*आज आवश्यक कार्यों को निपटाने में विशेष रुचि लेंगे। धैर्य और संयम के साथ सभी कार्यों को पूरा करते चले जायेंगे। इसका परिणाम भी आपको शीघ्र प्राप्त होगा। माता-पिता आपकी प्रशंसा करेंगे। अपनी योग्यता को सिद्ध करने में सफल होंगे।

⚱ *कुंभ (Aquarius)*उचित अवसरों का लाभ उठाने में चूक न करें। आज आप आराम करने के मूड में रहेंगे। घूमने-फिरने और चर्चाओं में समय बितायेंगे। ललित कलाओं में आप रुचि ले सकते हैं। नकारात्मक लोगों की संगत से दूर रहें।

🧜‍♀ *मीन (Pisces ) *आय को लेकर थोड़े चिन्तित हो सकते हैं। दूसरों से सहायता की अधिक अपेक्षा न करें। मन में सन्तोष की भावना का अभाव हो सकता है। महत्व के कार्यों को प्राथमिकता दें। गलत शब्दों का प्रयोग न करें। इंश्योरेंस सम्बन्धित कारोबार में आपको लाभ मिलेगा।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
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       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaWednesday, March 03, 2021

👉आपकी कुंडली बताएगी अगले जन्म में आप क्या बनेंगे ?

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👾।।हर हर महादेव शम्भो काशी विश्वनाथ वन्दे ।👾।
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👉आपकी कुंडली बताएगी अगले जन्म में  आप क्या बनेंगे ?---
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 👉पूर्वजन्म में जातक ने जैसे कर्म किये होते हैं, अपने उन्ही कर्मों के आधार पर वह पृथ्वी पर नया जन्म लेता है। उसी के आधार पर भगवान उसे परिवार व सगे सम्बन्धी देता है। जातक अपने पूर्व जन्म के कर्मों की पोटली लेकर ही यह जन्म प्राप्त करता है, लेकिन इस जन्म में किये जाने वाले कर्मों से वह अपने भविष्य को सुधार सकता है। अपना आगे का जीवन बेहतर बना सकता है। 

 👉 हमें यह जन्म क्यों प्राप्त हुआ है? क्या उद्देश्य है इसका और क्या लिखा है हमारी तकदीर में? यह सब बताती है आपकी कुंडली। आइये जानते हैं कैसे:---

. 👉किसी भी जातक के इस जन्म से जुड़े राज को हम दो तरह से देख सकते हैं------

 1---👉पहला उसकी कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति को देखा जाता है। जातक की पत्रिका में बृहस्पति ग्रह किस भाव में है, उसकी स्थिति के अनुसार जातक के पूर्वजन्म के कर्म तथा वर्तमान का उद्देश्य का पता चलता है —

👉 लग्न भाव : --
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 👉यदि जातक की जन्मपत्रिका में बृहस्पति लग्न में स्थित हो तो जातक का जन्म किसी के आशीर्वाद या श्राप फलस्वरूप हुआ होता है और जातक को उसी के अनुसार सुख-दुःख प्राप्त होते हैं। एकांत में जब जातक चिंतन मनन करता है, तब उसे इसका भान होता रहता है।

 👉द्वितीय व अष्टम भाव : ---
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 👉यदि कुंडली में बृहस्पति ग्रह द्वितीय या अष्टम भाव में स्थित हो तो जातक पूर्वजन्म में संत महात्मा रहा होता है। वर्तमान में यह धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं तथा इनका जन्म अच्छे परिवार में होता है। यह इच्छापूर्ति हेतु इस जन्म में आये होते हैं।

 👉तृतीय भाव :---
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👉 यदि गुरु तृतीय भाव में उपस्थित हों तो जातक का जन्म किसी महिला के आशीर्वाद या श्राप के कारण हुआ होता है और यह महिला वर्तमान जन्म वाले परिवार की ही होती है। इनका जीवन आशीर्वाद के फलस्वरूप सुखमय या श्राप के फलस्वरूप कष्टों से युक्त होता है।

 👉चतुर्थ भाव : --
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 👉कुंडली में बृहस्पति ग्रह का चतुर्थ भाव में स्थित होना उसके पूर्वजन्म में इसी परिवार का होने का संकेत देता है, जो किसी उद्देश्य की पूर्ती हेतु दोबारा उसी परिवार में जन्म लेता है और अपने उद्देश्य की पूर्ति कर मृत्यु को प्राप्त हो जाता है।

 👉नवम भाव : ---
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👉 गुरु ग्रह का नवम भाव में उपस्थित होना पितरों की कृपादृष्टि उनके आशीर्वाद को दर्शाता है। ऐसे व्यक्ति इस जीवन में त्याग व ब्रह्म ज्ञान की प्रवृत्ति रखता है तथा भाग्यशाली होता है।

 👉दशम भाव : ----
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 👉जन्मपत्रिका में गुरु का दशम भाव में स्थित होना पूर्व में धार्मिक विचारों वाला होना बतलाता है। इस जन्म में वह समाज सुधारक का कार्य करता है। वह उपदेशक होता है, लेकिन पूजा-पाठ का दिखावा नहीं करता।

 👉पंचम/एकादश भाव :----
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 👉 गुरु यदि पंचम या एकादश भाव में उपस्थित हो तो जातक पूर्व जन्म में तंत्र-मंत्र एवं गुप्त विद्या का जानकार होता है। जिसके कारण इस जन्म में उसे मानसिक अशांति बनी रहती है तथा दुष्ट आत्माओं द्वारा कष्ट व परेशानी पाता रहता है। जातक को संतान सुख भी कम प्राप्त होता है।

 👉दशम भाव - 
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 👉बृहस्पति का दशम भाव में उपस्थित होना जातक का जन्म गुरु का ऋण चुकाने  के उद्देश्य से होता है। वह धार्मिकता से जीवन जीता है तथा उसके निवास के आसपास मंदिर आदि होता है।

2--- 👉बृहस्पति द्वारा जहां पूर्व जन्मों के कृत्य जाने जाते हैं,वहीं शनि की स्थिति द्वारा भाग्य-कुभाग्य अथवा प्रारब्ध देखा जाता है। जिसे जातक की कुंडली के निम्न भावों में स्थिति को देखकर पता लगाया जा सकता है —

 👉प्रथम भाव : यदि शनि और राहु जातक की जन्मपत्रिका के प्रथम भाव में होता है तो जातक पूर्वजन्म में जड़ी-बूटियों का जानकार होता है। वर्तमान जन्म में ऐसा जातक एकांतप्रिय व शांत स्वभाव का होता है तथा इन्हें अदृश्य शक्तियों से सहायता प्राप्त होती है।

 👉द्वितीय भाव: ---शनि या राहु की द्वितीय भाव में स्थिति जातक के पूर्व जन्म में व्यक्तियों के सताने व कष्ट पहुंचने के विषय में बतलाती है। जिसके परिणाम स्वरुप जातक शारीरिक बाधा में रहता है और इनका बचपन आर्थिक कष्टों में गुजरता है।

 👉तृतीय भाव: ---यदि जातक के तृतीय भाव में शनि या राहु हों तो जातक घर की अंतिम संतान होता है। जातक को भविष्य का ज्ञान अदृश्य शक्तियों द्वारा होता रहता है।

 👉चतुर्थ भाव:  ---इस भाव में शनि या राहु उपस्थित हो, जातक मानसिक रूप से परेशान रहता है तथा उदर रोग से पीड़ित होते हैं, इन्हें सर्प भय लगा रहता है, बहुधा यह सर्पों के विषय में जानकारी रखना पसंद करते हैं।

 👉षष्ठ भाव: ---वर्तमान में ये जातक भ्रमित अथवा संतान सम्बन्धी कष्टों से घिरे रहते हैं। इनकी शिक्षा में रुकावटें आती रहती हैं। इससे पूर्व जन्म का जातक द्वारा हत्या अपराध के दोष से ग्रसित होना पाया जाता है।

 👉सप्तम भाव: ---इस भाव में शनि या राहु पूर्वजन्म में विपरीत लिंग से संबंधित दुर्व्यवहार को दर्शाते हैं।   

 👉अष्टम भाव: ---इस भाव में शनि-राहु होने से जातक पूर्वजन्म में तंत्र-मंत्र करने वाला रहा होता है। यही कारण है कि इस जन्म में उसे अनावश्यक भय लगा रहता है, बहुधा ये मानसिक रूप से ग्रसित पाए जाये जाते हैं।

 👉दशम भाव:--- इस भाव में शनि व्यक्ति का कर्मठ व मेहनती होना बताता है। पूर्वजन्म में इसने घोर यातनाएं पायी होती हैं। जिसके चलते इस जीवन में यह व्यक्ति बहुत सफल जीवन जीता है परन्तु इसकी तरक्की धीरे-धीरे ही हो पाती है।

 👉द्वादश भाव:--- ऐसे जातक का जन्म सर्पो के आशीर्वाद से होता है तथा यह अपने गृहस्थान से दूर कामयाब होते हैं। पूर्वजन्म में इन्हें निम्न योनी की प्राप्ति हुई होती है लेकिन इस जीवन में यह समस्त सुख प्राप्त करते हैं।

 👉विशेष ----यदि किसी की पत्रिका में शनि राहु इकठ्ठे किसी भी भाव में हों तो जातक प्रेत-दोष का शिकार होता है। जिस कारण जातक का शरीर हमेशा भारीपन लिए तथा स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां बनी रहती हैं। ये आलसी एवं क्रोधी स्वभाव के होते हैं तथा पूजा-अर्चना के समय इन्हें नींद व उबासी आती रहती है।

Posted By KanpurpatrikaWednesday, March 03, 2021

Monday, March 1, 2021

*किसे कहते हैं 'ब्रह्म मुहूर्त ?*ब्रह्म मुहूर्त में उठने से सेहत और भाग्य दोनों संवर जाते हैं !!

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*किसे कहते हैं 'ब्रह्म मुहूर्त ?*
ब्रह्म मुहूर्त में उठने से सेहत और भाग्य दोनों संवर जाते हैं !!

ब्रह्म का मतलब परम तत्व या परमात्मा।
 मुहूर्त यानी अनुकूल समय। 24 घंटे में 30 मुहूर्त होते हैं। 30 मुहूर्त में 8 प्रहर होते हैं। ब्रह्म मुहूर्त रा‍त्रि का चौथा प्रहर होता है। चौथा प्रहर उषा नाम से है। आठ प्रहर के नाम:- दिन के चार पूर्वान्ह, मध्यान्ह, अपरान्ह और सायंकाल। रात्रि के चार:- प्रदोष निशिथ, त्रियामा एवं उषा।
सूर्योदय के पूर्व के प्रहर में दो मुहूर्त होते हैं। उनमें से पहले मुहूर्त को ब्रह्म मुहूर्त कहते हैं।
 दिन-रात का 30वां भाग मुहूर्त कहलाता है अर्थात 2 घटी या 48 मिनट का कालखंड मुहूर्त कहलाता है। उसके बाद वाला विष्णु का समय है जबकि सुबह शुरू होती है, लेकिन सूर्य दिखाई नहीं देता। हमारी घड़ी के अनुसार प्रात: 4.24 से 5.12 का समय ब्रह्म मुहूर्त है।
 
प्रातः काल उठते ही अपनी दोनों हथेलियों को ध्यान से देखें और नियम इस श्लोक को पढ़ें !

।।करागे वसति लक्ष्मी, करमध्ये सरस्वती। 
कर मूले स्थितो ब्रह्मा, प्रभाते कर दर्शनम्॥

 
* ब्रह्म मुहूर्त में उठने वाले लोग बुद्धिमान व उत्साही होते हैं और सोते रहने वालों का जीवन निस्तेज हो जाता है।
 
ब्रह्म मुहूर्त में क्या करें : --
ब्रह्म मुहूर्त में 4 कार्यों में से कोई एक कार्य करें: 1.संध्या वंदन, 2.ध्यान, 3.प्रार्थना और 4.अध्ययन। वैदिक रीति से की गई संध्या वंदन सबसे उचित। उसके बाद ध्यान फिर प्रार्थना। विद्यार्थी वर्ग को संध्या वंदन के बाद अध्ययन करना चाहिए। अध्ययन के लिए यह समय सबसे उत्तम माना गया है।

।।ब्रह्ममुहूर्ते या निद्रा सा पुण्यक्षयकारिणी।
अर्थात : ब्रह्ममुहूर्त की निद्रा पुण्य का नाश करने वाली होती है।)
 
ब्रह्म मुहूर्त में क्या न करें :-
 नकारात्मक विचार, बहस, वार्तालाप, संभोग, नींद, भोजन, यात्रा, किसी भी प्रकार का शोर आदि। यह देखा गया है कि बहुत से लोग इस समय जोर-जोर से आरती आदि पूजन-पाठ करते हैं। कुछ तो हवन करते हैं, यह अनुचित है। इससे वे खुद को और दूसरों को संकट में डाल देंगे। विद्वान मनुष्य को चाहिए कि वे ऐसे लोगों से दूर रहें।

* वैज्ञानिक शोधों से ज्ञात हुआ है कि, ब्रह्म मुहुर्त में वायुमंडल प्रदूषणरहित होता है। इसी समय वायुमंडल में ऑक्सीजन (प्राणवायु) की मात्रा सबसे अधिक (41 प्रतिशत) होती है, जो फेफड़ों की शुद्धि के लिए महत्वपूर्ण होती है। शुद्ध वायु मिलने से मन, मस्तिष्क भी स्वस्थ रहता है। ऐसे समय में शहर की सफाई निषेध है।

* वैज्ञानिक खोजों से पता चला है कि इस समय ऑक्सीजन 41 प्रतिशत, करीब 55 प्रतिशत नाइट्रोजन और 4 प्रतिशत कार्बन डाईआक्साइड गैस रहती है। सूर्योदय के बाद वायुमंडल में ऑक्सीजन कम और कार्बन डाईआक्साइड बढ़ती है। 
 
* आयुर्वेद के अनुसार इस समय बहने वाली वायु को अमृततुल्य कहा गया है। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर टहलने से शरीर में संजीवनी शक्ति का संचार होता है।
 
* यह समय अध्ययन के लिए भी सर्वोत्तम बताया गया है, क्योंकि रात को आराम करने के बाद सुबह जब हम उठते हैं तो शरीर तथा मस्तिष्क में भी स्फूर्ति व ताजगी बनी रहती है। सुबह ऑक्सिजन का लेवल भी ज्यादा होता है तो मस्तिष्क को अतिरिक्त ऊर्जा प्रदान करता है जिसके चलते अध्ययन बातें स्मृति कोष में आसानी से चली जाती है।
 
ब्रह्म मुहूर्त में उठने का पौराणिक महत्व...?

* इस समय संपूर्ण वातावरण शांतिमय और निर्मल होता है। देवी-देवता इस काल में विचरण कर रहे होते हैं। सत्व गुणों की प्रधानता रहती है। प्रमुख मंदिरों के पट भी ब्रह्म मुहूर्त में खोल दिए जाते हैं तथा भगवान का श्रृंगार व पूजन भी ब्रह्म मुहूर्त में किए जाने का विधान है।
 
* जल्दी उठने में सौंदर्य, बल, विद्या और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। यह समय ग्रंथ रचना के लिए उत्तम माना गया है।
 
* वाल्मीकि रामायण के मुताबिक माता सीता को ढूंढते हुए श्रीहनुमान ब्रह्म मुहूर्त में ही अशोक वाटिका पहुंचे। जहां उन्होंने वेद व यज्ञ के ज्ञाताओं के मंत्र उच्चारण की आवाज सुनी।
 
* वर्ण कीर्ति मतिं लक्ष्मीं स्वास्थ्यमायुश्च विदन्ति। ब्राह्मे मुहूर्ते संजाग्रच्छि वा पंकज यथा॥
-भाव प्रकाश सार-93
अर्थात : ब्रह्म मुहूर्त में उठने से व्यक्ति को सुंदरता, लक्ष्मी, बुद्धि, स्वास्थ्य, आयु आदि की प्राप्ति होती है। ऐसा करने से शरीर कमल की तरह सुंदर हो जाता है।
 
वेदों में भी ब्रह्म मुहूर्त में उठने का महत्व और उससे होने वाले लाभ का उल्लेख किया गया है।
॥प्रातारत्नं प्रातरिष्वा दधाति तं चिकित्वा प्रतिगृह्यनिधत्तो।
तेन प्रजां वर्धयमान आयू रायस्पोषेण सचेत सुवीर:॥-
 
ऋग्वेद-1/125/1
अर्थात- सुबह सूर्य उदय होने से पहले उठने वाले व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। इसीलिए बुद्धिमान लोग इस समय को व्यर्थ नहीं गंवाते। सुबह जल्दी उठने वाला व्यक्ति स्वस्थ, सुखी, ताकतवाला और दीर्घायु होता है।

॥यद्य सूर उदितोऽनागा मित्रोऽर्यमा। सुवाति सविता भग:॥- सामवेद-35
अर्थात- व्यक्ति को सुबह सूर्योदय से पहले शौच व स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद भगवान की पूजा-अर्चना करना चाहिए। इस समय की शुद्ध व निर्मल हवा से स्वास्थ्य और संपत्ति की वृद्धि होती है।
 
॥उद्यन्त्सूर्यं इव सुप्तानां द्विषतां वर्च आददे॥-
 अथर्ववेद- 

अर्थात- सूरज उगने के बाद भी जो नहीं उठते या जागते उनका तेज खत्म हो जाता है।
व्यावहारिक महत्व - व्यावहारिक रूप से अच्छी सेहत, ताजगी और ऊर्जा पाने के लिए ब्रह्ममुहूर्त बेहतर समय है। क्योंकि रात की नींद के बाद पिछले दिन की शारीरिक और मानसिक थकान उतर जाने पर दिमाग शांत और स्थिर रहता है। वातावरण और हवा भी स्वच्छ होती है। ऐसे में देव उपासना, ध्यान, योग, पूजा तन, मन और बुद्धि को पुष्ट करते हैं।

Posted By KanpurpatrikaMonday, March 01, 2021

❖▩ஜआज का पंचांग 2 मार्च 2021, मंगलवार,❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग 2 मार्च 2021, मंगलवार,❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
          ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

2 मार्च 2021, मंगलवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष, फाल्गुन मास की प्रविष्टा 19, उत्तरायण, दक्षिणगोल, बसन्त ऋतु, तिथि चतुर्थी, नक्षत्र चित्रा, सूर्योदय 6:54 प्रातः , सूर्यास्त 6:23 सायं, राहुकाल अपरान्ह 3:00 से 4:30

तिथि: अंगारकी श्रीगणेश चतुर्थी

🐏 *मेष (Aries):*आज आपको उधार लेन-देन से बचना चाहिये। आपके सहयोगी आपका भरोसा तोड़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपका प्रदर्शन काफी प्रभावी रहने वाला है। परिजनों के साथ हास्य-विनोद में समय व्यतीत होगा। कठोर भाषा का प्रयोग न करें।

🐂 *वृषभ (Tauras):*आपकी सक्रियता काफी बढ़ने वाली है। सिद्धांतों के बजाय आज आप परिस्थितियों को यथार्थ दृष्टिकोण से परखेंगे। लव लाइफ में सुखद अनुभूति होगी। किसी समारोह में जा सकते हैं। इंजीनियरिंग के छात्रों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

👭 *मिथुन (Gemini):वाहन चलाते समय आपको सावधानी रखनी चाहिये। परिजनों से आपकी राय अलग हो सकती है। रिश्तों में सन्तुलन बनाये रखना आपके लिये चुनौतीपूर्ण होगा। राजनीतिक लोगों के लिये दिन थोड़ा भारी हो सकता है। शान्तचित्त होकर अपने कार्यों को अंजाम दें।

🦀 *कर्क (Cancer):*व्यापार में आपको पुराने मित्रों से लाभ मिल सकता है। आज दिन आपके लिये विशेष रूप से शुभ रहने वाला है। वैवाहिक जीवन खुशहाल रहेगा। जीवनसाथी से आपको उचित परामर्श भी प्राप्त होगा जो आपके लिये लाभकारी रहने वाला है। रोजगार के नये अवसर मिल सकते हैं।

🦁 *सिंह (Leo):कोई महत्वपूर्ण कार्य बनते-बनते बिगड़ सकता है। मांसपेशियों में दर्द की शिकायत हो सकती है। व्यापार में लाभ के लिये नयी युक्तियों को प्रयोग में लायेंगे। लोगों के लिये आप प्रेरक सिद्ध हो सकते हैं। ऑफिस में आपका प्रभाव पहले के मुक़ाबले ज्यादा मजबूत होगा।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*कारोबारी यात्रा कर सकते हैं। बौद्धिक और सामाजिक कार्यक्रमों के प्रति आपका रूझान बढ़ेगा। व्यापार में साझेदारी कर सकते हैं। धार्मिक कर्मकाण्डों से दूरी न बनायें। सरकारी कार्यों में आ रही बाधा को येन-केन प्रकारेण दूर कर ही लेंगे।

⚖ *तुला (Libra):*अधूरे कार्यों के कारण थोड़े मायूस हो सकते हैं। सूचनाओं के आदान-प्रदान में चूक न हो इसका ध्यान रखें। यदि आवश्यक न हो तो आज बहुत यात्रा न करें। नया काम शुरू करने के लिये दिन बहुत शुभ नहीं है। अपनी सेहत को लेकर लापरवाही न करें। आज नये विषयों के प्रति जिज्ञासु हो सकते हैं।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):*दैनिक कार्य थोड़े विलम्ब से पूर्ण होंगे। अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभायेंगे। व्यापार में बड़ा लाभ मिल सकता है। सन्तान सुख में वृद्धि होगी। पुरुष जातक महिलाओं के प्रति व्यवहार अच्छा रखें। आर्थिक स्थिति मजबूत होने से नयी आशाओं का संचार होगा।

🏹 *धनु (Sagittarius):*बदलते मौसम को लेकर सावधान रहें। धूप में ज्यादा बाहर न निकलें। जोखिम भरे निवेश आपके लिये लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं। आपके दिमाग में कुछ प्रगतिशील विचार आयेंगे। स्वयं के प्रति मन में दबी गलत और नकारात्मक भावनाओं को दूर करें। दिन आपके लिये शुभ ही रहेगा।

🐊 *मकर (Capricorn):*भावनात्मक रूप से स्थिर रहें। कारोबार में उतार-चढ़ाव की स्थिति रहेगी। बच्चों को खेलकूद के दौरान सावधान रहना चाहिये। दूसरों के सामने खुलकर अपनी बातों को रखें। बॉस की बातों की अवहेलना कदापि न करें। आपकी सलाह से लोगों को लाभ प्राप्त होगा।

⚱ *कुंभ (Aquarius)*समाज में अपनी सक्रियता कम रखें। नया वाहन और मशीनरी आज न खरीदें। धन सम्बन्धित मामलों को शाम तक सुलझा लेंगे। ऐसे लोगों से दूर रहें जो आपसे नकारात्मक विषयों को रेखांकित करते हों। परिवार का ध्यान रखें।

🧜‍♀ *मीन (Pisces ) *अधिकारी वर्ग से आपको सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ डिनर पर बाहर जा सकते हैं। रिश्तों में प्रेम की मिठास बढ़ेगी। छात्र अच्छे प्रदर्शन को लेकर काफी स्वप्रेरित रहेंगे। शत्रुओं पर आप भारी पड़ेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों से आपकी मित्रता बढ़ सकती है।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
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       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaMonday, March 01, 2021