Thursday, December 24, 2020

❖▩ஜआज का पंचांग,26 दिसम्बर 2020,शनिवार,❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग,26 दिसम्बर 2020,शनिवार,❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
       ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

26 दिसम्बर 2020, शनिवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष मास की प्रविष्टा 27, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु,  तिथि द्वादशी 4:28प्रातः ,27 दिसंबर तक, तदन्तर त्रयोदशी, भरणी 10:36 प्रातः तक तदन्तर  कृतिका,  सूर्यउदय 6:54 प्रातः, सूर्यास्त 5:23 सायं , राहुकाल  09:32 से 10:51 प्रातः तक। 

 🌞 🛕 *राशिफल*🛕🌞 

🐏 *मेष (Aries):*धार्मिक कार्यों की तरफ प्रवृत्त होंगे। राजनीतिक सम्पर्कों का लाभ उठायेंगे। परिवार में सुख और शान्ति का वातावरण रहेगा। विद्यार्थियों के लिये दिन बहुत अच्छा व्यतीत होगा। धार्मिक क्रियाकलापों में धन खर्च करेंगे। आवश्यक कार्यों से यात्रा कर सकते हैं।

🐂 *वृषभ (Tauras):*पुरानी नकारात्मक बातों के कारण नाम खराब हो सकता है। यदि कोई स्वास्थ्य समस्या है तो चिकित्सीय परामर्श अवश्य लें। सम्बन्धों में पारदर्शिता रखें। मन किसी बात को लेकर विचलित रहेगा। धार्मिक कार्यों में मन लगाना उचित होगा।

👭 *मिथुन (Gemini):दाम्पत्य जीवन में आपसी समझ काफी अच्छी रहेगी। लवमेट्स के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे। किसी मांगलिक कार्यक्रम की रूपरेखा बन सकती है। कार्यक्षेत्र में उन्नति से उत्साहित रहेंगे। नौकरी में उच्चाधिकारी आपके प्रमोशन की चर्चा कर सकते हैं।

🦀 *कर्क (Cancer):*सम्पत्ति सम्बन्धी कार्यों में लाभ प्राप्त हो सकता है। अनुभवी व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त होगा। नया वाहन खरीदने का विचार बना सकते हैं। घर का माहौल शान्तिपूर्ण रहेगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिये लोन की योजना बनायेंगे।

🦁 *सिंह (Leo):सन्तान की उन्नति से उत्साहित रहेंगे। व्यवसाय में कोई बड़ा ऑर्डर मिल सकता है। लोग आपकी बातों और विचारों से सहमत रहेंगे। रिश्तेदारों के बीच आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। ऑफिस में लोग आपकी प्रशंसा करेंगे।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*धन को लेकर निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। अपने व्यवहार को लेकर आत्ममंथन करना चाहिये। बुरे लोगों से मिलना पड़ सकता है। व्यय बढ़ने के कारण थोड़ा परेशान रहेंगे। दिनचर्या असन्तुलित रहेगी। महत्वपूर्ण कार्यों में अवरोध आ सकता है।

⚖ *तुला (Libra):*अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव ला सकते हैं। कोई वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। प्रणय जीवन का आनन्द उठायेंगे। लवमेट्स के साथ घूमने जा सकते हैं। सत्संग में समय व्यतीत करेंगे। मित्रों का सहयोग करेंगे।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):*व्यापार में मनोनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जॉब में आपके अधिकार बढ़ेंगे। आय बढ़ाने के लिये आप काफी काम करेंगे। कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। ऋण लेने से आपको बचना चाहिये।

🏹 *धनु (Sagittarius):*सामाजिक गतिविधियों के प्रति आपकी रुचि जागृत होगी। धैर्य और समझदारी पूर्वक निर्णय लेना उचित होगा। परिवार के साथ किसी मनोरञ्जक यात्रा पर जा सकते हैं। मानसिक रूप से मजबूत रहेंगे। कारोबार में स्थिरता रहेगी।

🐊 *मकर (Capricorn):*आपको आलस्य और आराम को त्यागना चाहिये। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। घर में अनुशासन बनाकर रखें। किसी को आज धन उधार न दें। जीवनसाथी आपसे नाराज हो सकता है। कार्य पूरा करने में आपको ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी।

⚱ *कुंभ (Aquarius)* परिवार की ज़िम्मेदारी निभानी पड़ेगी। व्यवसायिक यात्रा हो सकती है। रचनात्मक कार्यों में मन लगायेंगे। आय में वृद्धि होने से मन प्रसन्न रहेगा। पूर्व में लिये गये निर्णय लाभकारी सिद्ध होंगे। रुका हुआ धन प्राप्त होगा।

🧜‍♀ *मीन (Pisces):*धन से जुड़े हुये मामले आपके लिये लाभकारी होंगे। कोई बुरा समाचार मिल सकता है। अपने आक्रामक रवैये पर नियन्त्रण रखें। गलतफहमी के कारण सम्बन्ध खराब हो सकते हैं। प्रिय व्यक्ति से कोई वायदा न करें।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaThursday, December 24, 2020

बारह भावो के ग्रह स्वामी के अनुसार महादशा का प्रभाव

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यह दशा , अंतर्दशा , प्रत्यंतर दशा , सूक्ष्म प्रत्यंतर दशा कैसी बीतेगी , इसका निर्धारण कुंडली में ग्रह की स्थिति के अनुसार होता है । यदि ग्रह उच्च का है या शक्तिवान है तो दशा अच्छी बीतेगी और यदि कमजोर है तो खराब । हर स्थान के ग्रह स्वामित्व के अनुसार स्थूल रूप में दशा का प्रभाव निम्न प्रकार से जाना जा सकता है
लग्नेश की दशा जातक अपने शुभचिंतकों और रिश्तेदारों से घिरे रहेंगे । 
द्वितीयेश की दशा परिवार को बसाने में व्यस्त रहेंगे । पारिवारिक जीवन सुखपूर्वक बीतेगा ।
तृतीयेश की दशा अप्रिय परिणाम , निराशा और असफलता । चतुर्थेश की दशा धन - सम्पत्ति का जुड़ना , वैभवपूर्ण जीवन होना । 
पंचमेश की दशा संतान - सुख , बौद्धिक विनोद , प्रतिभा दिग्दर्शन में सफलता , ज्ञानार्जन , लॉटरी इत्यादि से अचानक धन लाभ । 
षष्ठेश की दशा रोग , शत्रु से भय ( परंतु क्रूर ग्रह हो तो शत्रुओं या रोगों का हनन ) । 
सप्तमेश की दशा विवाह , प्रेम - संबंध , यौन - सुख ।
 अष्टमेश की दशा रोग - निवृत्ति ( या संभावित मृत्यु यदि अन्य ग्रह ऐसा इंगित करते हों ) , गड़े हुए धन का लाभ । 
नवमेश की दशा भाग्योदय , धर्म का काम , पुरखों की परम्परा आगे बढ़ाने में योगदान ।
दशमेश की दशा कार्यक्षेत्र में सफलता , राज्य से मान या मान्यता , सट्टे से लाभ । 
एकादशेश की दशा विभिन्न गतिविधियों से लाभ । मित्रों का सहयोग , आय में बढ़ोतरी । 
द्वादशेश की दशा बीमारियों पर व्यय , मानसिक पीड़ा , परोपकार में धन लगाना । 
इन ग्रह स्वामियों की दशा का प्रभाव ग्रहों की अपनी स्थित के 
अनुसार घटता - बढ़ता है । यदि कोई ग्रह किसी केन्द्र और त्रिका स्थानों का स्वामी हो तो वह योगकारक ग्रह हो जाता है और बेहद सुख परिणाम देता है । जैसे तुला और वृष लग्न दोनों के लिए शनि योगकारक ग्रह होता है क्योंकि शनि क्रमशः चौथे - पाँचवें ( केन्द्र व त्रिकोण ) और नवें - दसवें ( त्रिकोण व केन्द्र ) स्थानों का स्वामी होता है । जो ग्रह द्वितीय व सप्तम भाव का स्वामी होता है , उसे ' मारकेश ' यानी मारक स्थानों का स्वामी कहते हैं । मारकेश की दशा मृत्यु या मृत्यु तुल्य कष्ट देने वाली होती है । यदि मंगल 1,4,7,8 , 12 स्थानों में हो तो जातक ' मंगली ' कहलाता है । उसकी शादी में रुकावटें जरूर आती हैं , परंतु यदि सम शनि का मंगली जातक मिल जाए तो ऐसे विवाह बेहद सफल रहते हैं । 

Posted By KanpurpatrikaThursday, December 24, 2020

Wednesday, December 23, 2020

कुंडली मे विंशोत्तरी दशा का महत्व

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कालनिर्णय

ज्‍योतिष में किसी भी घटना का कालनिर्णय मुख्‍यत: दशा और गोचर के आधार पर किया जाता है। दशा और गोचर में सामान्‍यत: दशा को ज्‍यादा महत्‍व दिया जाता है। वैसे तो दशाएं भी कई होती हैं परन्‍तु हम सबसे प्रचलित दशा विंशोत्‍तरी दशा मानी जााती है ।

विंशोत्‍तरी दशा नक्षत्र पर आधारित है। जन्‍म के समय चन्‍द्रमा जिस नक्षत्र में होता है, उसी नक्षत्र के स्‍वामी से दशा प्रारम्‍भ होती है। दशाक्रम सदैव इस प्रकार रहता है -
सूर्य, चन्‍द्र, मंगल, राहु, गुरु, शनि, बुध, केतु, शुक्र।

जैसा कि विदित है कि दशा क्रम ग्रहों के सामान्‍य क्रम से अलग है और नक्षत्रो पर आधारित है, अत: इसे याद कर लेना चाहिए। माना कि जन्‍म के समय चन्‍द्र शतभिषा नक्षत्र में था। पिछली बार हमने जाना था कि शतभिषा नक्षत्र का स्‍वामी राहु है अत: दशाक्रम राहु से प्रारम्‍भ होकर इस प्रकार होगा -

राहु, गुरु, शनि, बुध, केतु, शुक्र, सूर्य, चन्‍द्र, मंगल

कुल दशा अवधि 120 वर्ष की होती है। हर ग्रह की उपरोक्‍त दशा को महादशा भी कहते हैं और ग्रह की महादशा में फिर से नव ग्रह की अन्‍तर्दशा होती हैं। इसी प्रकार हर अन्‍तर्दशा में फिर से नव ग्रह की प्रत्‍यन्‍तर्दशा होती हैं और प्रत्‍यन्‍तर्दशा के अन्‍दर सूक्ष्‍म दशाएं होती हैं।

जिस प्रकार ग्रहों का दशा क्रम निश्चित है उसी प्रकार हर ग्रह की दशा की अवधि भी निश्चित है जो कि इस प्रकार है

ग्रह दशा की अवधि (वर्षों में)
सूर्य 6
चन्‍द्र 10
मंगल 7
राहु 18
गुरु 16
शनि 19
बुध 17
केतु 7
शुक्र 20
कुल 120

 आज कल जन्‍म पत्रिकाएं कम्‍प्‍यूटर से बनती हैं और उसमें विंशोत्‍तरी दशा गणना दी ही होती है। सभी पंचागों में भी गणना के लिए विंशोत्‍तरी दशा की तालिकांए दी हुई होती हैं।

Posted By KanpurpatrikaWednesday, December 23, 2020

❖▩ஜआज का पंचांग,25 दिसम्बर 2020,शुक्रवार,❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग,25 दिसम्बर 2020,शुक्रवार,❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
       ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

25 दिसम्बर 2020, शुकवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष मास की प्रविष्टा 26, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु,  तिथि एकादशी 1:54 प्रातः 26 दिसंबर तक, तदन्तर द्वादशी, अश्वनी 7:37 प्रातः तक तदन्तर  भरणी  सूर्यउदय 6:54 प्रातः, सूर्यास्त 5:23 सायं , राहुकाल  10:50 से 12:09 दोपहर तक। 

तिथि विशेष : मोक्षदा एकादशी,गीता जयंती

 🌞 🛕 *राशिफल*🛕🌞 

🐏 *मेष (Aries):*अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा रखें। प्रयासों के बाद कार्य सिद्ध होंगे। अनावश्यक यात्रा करने से आपको बचना चाहिये। मन में असन्तुष्टि का भाव पनप सकता है। जॉब में आ रही समस्या दूर होगी। कामुक विचारों के प्रभाव में हो सकते हैं।

🐂 *वृषभ (Tauras):*वात रोगों के कारण परेशान हो सकते हैं। कारोबार में थोड़ी सुस्ती रहेगी। यात्रा में परेशानी होगी इसीलिये आज लम्बी यात्रा पर जानें से बचें। अचानक कुछ खर्चे सामने आ सकते हैं। बुरी संगत से दूरी बनाकर रखना चाहिये।

👭 *मिथुन (Gemini):भूमि-सम्पत्ति के मामलों में लाभ प्राप्त हो सकता है। नया कारोबार शुरू करने की प्रेरणा मिलेगी। आवश्यक कार्यों से यात्रा हो सकती है। स्वास्थ्य के प्रति काफी सावधान रहेंगे। दोस्तों के साथ बढ़ियाँ समय व्यतीत करेंगे। अचानक धन लाभ होने के योग बन रहे हैं।

🦀 *कर्क (Cancer):*जीवनसाथी के साथ मधुर सम्बन्ध होंगे। परिजनों के साथ बैठकर कोई योजना बना सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती है। प्रियजन की प्यार भरी बातों से काफी प्रभावित रहेंगे। विद्यार्थियों के लिये दिन बहुत ही अच्छा रहेगा।

🦁 *सिंह (Leo):किसी पुराने मित्र और रिश्तेदार से मिलना हो सकता है। उच्चाधिकारी आपसे प्रसन्न रहेंगे। व्यापार में धन लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। दाम्पत्य सम्बन्धों में नयी ताजगी आयेगी। रुके हुये कार्य आज पूरे होंगे।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*आज झूंठे सम्बन्धों से पर्दा उठ सकता है। यथार्थ को स्वीकारें और भविष्य की योजना बनायें। विरोधियों से आपको सावधान रहना चाहिये। सर्दी और बुखार से पीड़ित हो सकते हैं। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को लेकर चिन्तित रहेंगे। व्यर्थ के प्रेम सम्बन्धों में समय बर्बाद न करें।

⚖ *तुला (Libra):*ऑफिस में आपको पदोन्नति मिल सकती है। पारिवारिक कार्यों को भाग लेंगे। आपसे कुछ नये लोग जुड़ सकते हैं। सब कुछ सोच-समझकर और योजनाबद्ध तरीके से करेंगे। घर का वातावरण बहुत ही सुखद रहेगा। मनोवांछित कार्य आज पूरे हो सकते हैं।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):*करियर में बदलाव की योजना बना सकते हैं। सभी काम सही समय पर पूरे हो जायेंगे। उच्चाधिकारी आपसे काफी प्रसन्न रहेंगे। बड़ों की राय मानना आपके लिये बहुत बेहतर होगा। सर्विस सेक्टर से जुड़े हुये लोगों के लिये दिन सुखद होगा।

🏹 *धनु (Sagittarius):*आपकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। नये मकान की खरीदी कर सकते हैं। धन प्राप्ति के लिये नये स्तोत्र बना सकते हैं। लोगों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास करेंगे। आपको कोई उपहार मिल सकता है। उच्च अध्ययन में आप रुचि लेंगे।

🐊 *मकर (Capricorn):*आपको आज बहस से बचना चाहिये। सन्तान सुख में कमी आयेगी। संयमित होकर काम करना चाहिये। नकारात्मक प्रवृत्ति के लोगों के कारण दूर रहें। अधिक व्यस्तता से बचें और स्वयं को ही समय दें। साहस के साथ कार्य करें।

⚱ *कुंभ (Aquarius)* समाज में आपका महत्व बढ़ेगा। जॉब और व्यापार में शानदार सफलता मिलेगी। कोई महत्वपूर्ण कार्य आज पूरा कर सकते हैं। दाम्पत्य जीवन की किसी समस्या को आज सुलझा लेंगे। यात्रा मनोरञ्जक और लाभदायक रहेगी।

🧜‍♀ *मीन (Pisces):*आपका मनोबल ऊँचा रहेगा। परिवार में बहुत ही अच्छा माहौल रहेगा। बुजुर्गों से आपको बहस नहीं करना चाहिये। आप अतिवादी रवैये से बचें। घरवालों से विचार-विमर्श कर के कोई कार्य शुरू करें तो बेहतर होगा। आपकी योग्यता उभर कर सामने आयेगी।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaWednesday, December 23, 2020

Tuesday, December 22, 2020

कुंडली मे ऐसे जाने सफलता और समृद्धि के योग

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कुंडली मे ऐसे जाने सफलता और समृद्धि के योग

किसी कुण्‍डली में क्‍या संभावनाएं हैं, यह ज्‍योतिष में योगों से देखा जाता है। भारतीय ज्‍योतिष में हजारों योगों का वर्णन है जो कि ग्रह, राशि और भावों इत्‍यादि के मिलने से बनते हैं। हम उन सारे योगों का वर्णन न करके, सिर्फ कुछ महत्‍वपूर्ण तथ्‍यों का वर्णन करेंगे जिससे हमें पता चलेगा कि जातक कितना सफल और समृद्ध होगा। सफतला, समृद्धि और खुशहाली को मैं 'संभावना' कहूंगा।

किसी कुण्‍डली की संभावना निम्‍न तथ्‍यों से पता लगाई जा सकती है
1- लग्‍न की शक्ति
2- चन्‍द्र की शक्ति
3- सूर्य की शक्ति
4- दशम भाव की शक्ति
5- योग

लग्‍न, सूर्य, चंद्र और दशम भाव की शक्ति पहले दिए हुए 14 नियमों के आधार पर निर्धारित की जा सकती है। योग इस प्रकार हैं -

योगकारक ग्रह
सूर्य और चंन्‍द्र को छोडकर हर ग्रह दो राशियों का स्‍वामी होता हैं। अगर किसी कुण्‍डली में कोई ग्रह एक साथ केन्‍द्र और त्रिकोण का स्‍वामी हो जाए तो उसे योगकारक ग्रह कहते हैं। योगकारक ग्रह उत्‍तम फल देते हैं और कुण्‍डली की संभावना को भी बढाते हैं।

उदाहरण कुम्‍भ लग्‍न की कुण्‍डली में शुक्र चतुर्थ भाव और नवम भाव का स्‍वामी है। चतुर्थ केन्‍द्र स्‍थान होता है और नवम त्रिकोण स्‍थान होता है अत: शुक्र उदाहरण कुण्‍डली में एक साथ केन्‍द्र और त्रिकोण का स्‍वामी होने से योगकारक हो गया है। अत: उदाहरण कुण्‍डली में शुक्र सामान्‍यत: शुभ फल देगा यदि उसपर कोई नकारात्‍मक प्रभाव नहीं है।

राजयोग
अगर कोई केन्‍द्र का स्‍वामी किसी त्रिकोण के स्‍वामी से सम्‍बन्‍ध बनाता है तो उसे राजयोग कहते हैं। राजयोग शब्‍द का प्रयोग ज्‍योतिष में कई अन्‍य योगों के लिए भी किया जाता हैं अत: केन्‍्द्र-त्रिकोण स्‍वा‍मियों के सम्‍बन्‍ध को पारा‍शरीय राजयोग भी कह दिया जाता है। दो ग्रहों के बीच राजयोग के लिए निम्‍न सम्‍बन्‍ध देखे जाते हैं -
1 युति
2 दृष्टि
3 परिवर्तन

युति और दृष्टि के बारे में हम पहले ही बात कर चुके हैं। परिवर्तन का मतलब राशि परिवर्तन से है। उदाहरण के तौर पर सूर्य अगर च्ंद्र की राशि कर्क में हो और चन्‍द्र सूर्य की राशि सिंह में हो तो इसे सूर्य और चन्‍द्र के बीच परिवर्तन सम्‍बन्‍ध कहा जाएगा।

धनयोग
एक, दो, पांच, नौ और ग्‍यारह धन प्रदायक भाव हैं। अगर इनके स्‍वामियों में युति, दृष्टि या परिवर्तन सम्‍बन्‍ध बनता है तो इस सम्‍बन्‍ध को धनयोगा कहा जाता है।

दरिद्र योग
अगर किसी भी भाव का युति, दृष्टि या परिवर्तन सम्‍बन्‍ध तीन, छ:, आठ, बारह भाव से हो जाता है तो उस भाव के कारकत्‍व नष्‍ट हो जाते हैं। अगर तीन, छ:, आठ, बारह का यह सम्‍बन्‍ध धन प्रदायक भाव (एक, दो, पांच, नौ और ग्‍यारह) से हो जाता है तो यह दरिद्र योग कहलाता है।

जिस कुण्‍डली में जितने ज्‍यादा राजयोग और धनयोग होंगे और जितने कम दरिद्र योग होंगे वह जातक उतना ही समृद्ध होगा।

Posted By KanpurpatrikaTuesday, December 22, 2020