Wednesday, December 16, 2020

राशियों की गणना

Filled under:

राशियों की गणना

 राशि की गणना करने के लिए आपको ज्योतिषी विद्या का ज्ञान होना चाहिए । विद्वानों के अनुसार आकाश मंडल 360 अंश का एक भचक्र मौजूद है जिसे 12 राशियों व 27 नक्षत्रों में बांटा गया है । इस तरह एक राशि 30 अंश की बनती है । राशियों की गणना सूर्य राशि , चंद्र राशि , नाम राशि तीन तरह से की जाती है । मुख्यत : सूर्य और चंद्र राशि ज्यादा चलन में हैं । लेकिन जब जातक की जन्म तिथि , समय आदि का सही ब्यौरा मौजूद न हो तो उसके नाम से भी राशि का निर्धारण किया जा सकता है । राशियों का नामकरण राशि वास्तव में आकाश में स्थित ग्रहों की नक्षत्रावली की एक विशेष आकृति व उपस्थिति का नाम है । आकाश में न तो कोई भेड़ और न कोई शेर है , आसानी से पहचानने के लिए तारा समूहों की आकृति की समानता और स्वभाव को ध्यान में रखकर महर्षियों ने परिचित वस्तुओं के स्वभाव के आधार पर राशियों का नामकरण किया है । ज्योतिषीय गणना की दृष्टि से पहली राशि मेष को माना गया है । दूसरी वृषभ , तीसरी मिथुन , चौथी कर्क , पांचवी सिंह , छठी कन्या , सातवीं तुला , आठवीं वृश्चिक , नौंवी धनु , दसवीं मकर , , ग्यारहवीं कुंभ और बारहवीं राशि मीन है ।

ज्योतिष शास्त्र में राशि का महत्व राशि का महत्व ज्योतिष शास्त्र में इस बात से लगाया जा सकता है कि , राशि के बिना ज्योतिष आधार हीन है । ज्योतिष में 12 राशि का विशेष महत्व हैं । ये राशियां जातक के जीवन को प्रभावित करती हैं । इन्हीं राशियों की स्थिति की गणना के आधार पर ज्योतिषाचार्य जातक की कुंडली में जन्म राशि , राशि ग्रह तथा राशि स्वामी का आकलन कर जातक के गुण - अवगुण , प्रवृत्ति , व्यवहार और जातक को जीवन में कितनी सफलता प्राप्त होगी इसका पता लगाते हैं । जन्म राशि के अनुसार जातक के आने वाले वर्ण के आधार पर उसके निवास स्थान का नाम , व्यापार स्थल का नाम या व्यापार का नामकरण करना बहुत ही शुभ माना जाता है । 
राशि के प्रकार जैसा कि ऊपर भी जानकारी दी गई है कि राशियों का निर्धारण सूर्य , चंद्रमा व नाम के आधार पर होता है इसी से राशियों को अलग - अलग वर्ग में रखा जा सकता है । मुख्यत : राशियां चंद्र राशि , सूर्य राशि व नाम राशि तीन प्रकार की होती है । वहीं प्रत्येक राशि में किसी खास तत्व की प्रधानता मिलती है , इसके आधार पर राशियों को चार वर्गों में बांटा जाता है । इनमें जल , अग्नि , पृथ्वी और वायु तत्व प्रधान राशियां शामिल हैं । कर्क , वृश्चिक एवं मीन जैसा कि इनके नाम से भी लग रहा है यह राशियां जल तत्व प्रधान मानी जाती हैं । मेष , सिंह और धनु को अग्नि तत्व प्रधान राशि माना जाता है , मिथुन , तुला और कुंभ वायु प्रधान राशि मानी जाती हैं तो वहीं वृषभ , कन्या और मकर राशियां भू तत्व प्रधान राशइयां मानी जाती हैं ।

स्वभाव के अनुसार भी राशियां तीन प्रकार की मानी जाती हैं इनमें चर , स्थिर और द्विस्वभाव वाली राशियां हैं । मेष , कर्क , तुला और मकर राशि को चर राशि माना जाता है वहीं वृषभ , सिंह , वृश्चिक व कुंभ राशि स्थिर राशि मानी जाती हैं , मिथुन , कन्या , धनु और मीन राशि को द्विस्वभाव वाली राशियां माना जाता है । इसके अलावा लिंग के आधार पर भी राशियों को विभाजित किया जाता है इनमें मेष , मिथुन , सिंह , तुला , धनु , कुंभ राशियां पुरुष राशियां मानी जाती हैं तो वहीं वृषभ , कर्क , कन्या , वृश्चिक , मकर और मीन राशियां स्त्री लिंगी राशियां मानी जाती हैं । 

चंद्र राशि इस राशिवली को ठीक से पहचानने के लिए समस्त आकाश - मण्डल की दूरी को 27 भागों में बांटकर कर प्रत्येक भाग का नाम एक - एक नक्षत्र रखा । सूक्ष्मता से समझने के लिए प्रत्येक नक्षत्र के चार भाग किए , जो चरण कहलाते हैं । चन्द्रमा प्रत्येक राशि में ढाई दिन संचरण करता है । उसके बाद वह अलग राशि में पहुँच जाता है । भारतीय मत से इसी राशि को प्रधानता दी जाती है । वैदिक ज्योतिष में सभी ग्रहों में सबसे अधिक महत्व चन्द्र को ही दिया गया है । इसे नाम की संज्ञा भी जाती है । क्योंकि ज्योतिष के अनुसार बालक का नाम रखने का आधार यही चन्द्र राशि होती है । जन्म के समय चन्द्र जिस नक्षत्र में स्थित होता है । उसके चरण के वर्ण से आरम्भ होने वाला नाम व्यक्ति का जन्म राशि नाम निर्धारित करता है ।

सूर्य राशि वर्तमान समय में राशिफल से संबंधित अधिकांश पुस्तकें पाश्चात्य ज्योतिष के आधार सूर्य राशि को महत्ता देते हुए प्रकाशित की जा रही हैं , जिस प्रकार वैदिक ज्योतिषाचार्य चन्द्र राशि को ही जातक की जन्म राशि मानते हैं और उसे मुख्यतः महत्व देते हैं , उसी प्रकार पाश्चात्य ज्योतिष ज्ञाता जातक की सूर्य राशि को अधिक महत्व देते हैं । माना जाता कि सूर्य जीवन में आत्मा का कारक है ।

 नाम राशि नाम राशि का आशय है आपके नाम का पहला अक्षर किस राशि से संबंध रखता है । ज्योतिष शास्त्र में जातक के नाम का विशेष महत्व है । दरअसल जातक का नाम उसके स्वभाव , गुण और व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ बतलाता है । इसलिए ज्योतिष शास्त्र में नाम राशि का विशेष स्थान है ।


Posted By KanpurpatrikaWednesday, December 16, 2020

❖▩ஜआज का पंचांग,18 दिसम्बर 2020,शुक्रवार,❖▩ஜ

Filled under:


❖▩ஜआज का पंचांग,18 दिसम्बर 2020,शुक्रवार,❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
       ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

18 दिसम्बर 2020, शुक्रवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष मास की प्रविष्टा 4, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु,  तिथि चतुर्थी 02:22 सायं तक तदन्तर पंचमी, श्रवण 07:04 सायं तक तदन्तर धनिष्ठा,  सूर्य उदय 6:51 प्रातः, सूर्यास्त 5:20 सायं , राहुकाल दोपहर 10:47 से 12:05 दोपहर तक।

 🌞 🛕 *राशिफल*🛕🌞 

🐏 *मेष (Aries):*जॉब में आपकी जवाबदेही बन सकती है। पिताजी का सहयोग और समर्थन प्राप्त होगा। जीवनसाथी से अपने मन की बातें साझा करेंगे। भविष्य के लिये योजना बना सकते हैं। नया घर खरीदने का विचार बना सकते हैं।

🐂 *वृषभ (Tauras):*बच्चों के द्वारा खुशी प्राप्त होगी। मेहनत का सार्थक परिणाम प्राप्त होने से मन में सन्तोष रहेगा। किसी यात्रा और पिकनिक पर जाने के लिये समय शानदार रहने वाला है। ऑफिस में आपके पक्ष का माहौल रहेगा। बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़े लोगों को इंसेंटिव बढ़ने से लाभ मिल सकता है।

👭 *मिथुन (Gemini):*जीवनसाथी के कोप का भाजन बनना पड़ सकता है। किसी व्यक्ति के उकसावे में आकर काम न करें। कोई बुरी सूचना प्राप्त हो सकती है। गलत कार्यों और लोगों से दूर रहें। आपको अति-आत्मविश्वास के कारण परेशानी झेलनी पड़ेगी। अदूरदर्शी व्यवहार के कारण आपके कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

🦀 *कर्क (Cancer):*किसी व्यवसायिक योजना पर धन खर्च कर सकते हैं। मित्र और परिजन आपको सही सलाह देंगे। आपको नया ज्ञान और अनुभव आज प्राप्त हो सकता है। अविवाहित लोगों को प्रेम प्रस्ताव आज मिल सकता है। शान्त मन से अपने काम में व्यस्त रहेंगे और समय का सही सदुपयोग करेंगे।

🦁 *सिंह (Leo):*मन में हर्ष की भावना जन्म लेगी। भाग्य की प्रबलता से काम पूरे हो जायेंगे। शाम को किसी विशेष कारण से मन खिन्न हो सकता है। खनिज और दुर्लभ वस्तुओं का व्यापार करने वाले जातकों के लिये दिन विशेष लाभकारी है। ऑफिस में आप अपने कार्यों से इतर दूसरे कार्यों में व्यस्त हो सकते हैं।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*छात्रों के लिये भविष्य के फैसले लेने के लिये महतपूर्ण दिन सिद्ध हो सकता है। प्रेमी जोड़े अपने विवाह को लेकर थोड़े चिन्तित रहेंगे। कारोबार की दृष्टि से समय अच्छा है। पर्यटन की योजना बना सकते हैं। अधूरे कार्य को पूरा करने का मन बनायेंगे।

⚖ *तुला (Libra):*आपको अपनी जीवनशैली में परिवर्तन करने की आवश्यकता है। किसी बड़े कार्य को शुरू करना आपके हित में नहीं है। ऑफिस में किसी साथी से मनमुटाव हो सकता है। वैवाहिक जीवन को पूरा समय नहीं दे पायेंगे। शाम के समय थोड़ा चिन्तित रहेंगे।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):*गृहस्थ जीवन में शान्ति और प्रेम का वातावरण रहेगा। विरोधियों के ऊपर आप भारी पड़ेंगे। आपके तकनीक कौशल में वृद्धि होगी। प्रेमी जन आपके प्रति समर्पित रहेगा और रोमांटिक मूड में रहेगा। उच्चाधिकारियों से सहयोग और आश्वासन मिल सकता है।

🏹 *धनु (Sagittarius):*पुराने रोगों के कारण परेशानी हो सकती है। कारोबारियों को अपनी मशीनों की मेंटीनेंस आदि पर ध्यान देना चाहिये। क्रोध में आकर किसी से बात न करें वरना बात बिगड़ सकती है। दाम्पत्य जीवन में ससुराल या किसी भी पक्ष का हस्तक्षेप न होने दें। दिन बड़ी शान्ति और सामान्य तरीके से बिताना बेहतर होगा।

🐊 *मकर (Capricorn):*आपको कारोबारी यात्रा का अवसर प्राप्त हो सकता है। आज आप हँसी-मज़ाक वाले मूड में रहेंगे। कार्यक्षेत्र में सब कुछ आपके अनुकूल ही रहेगा। बिजनेस पार्टनर्स से सम्बन्ध मधुर रहेंगे। मन आनन्दित रहने के कारण कठिन कार्यों को भी सहजता से कर लेंगे। घर वाले आपसे काफी प्रसन्न हो सकते हैं।

⚱ *कुंभ (Aquarius)*किसी पुरानी बात को दोबारा तूल न दें। लोगों की गलतियों पर क्षुब्ध न हों बल्कि उसमें सुधार करने के लिये सकारात्मक तरीके से प्रेरित करें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतनी बेहद आवश्यक है। परिजनों की सेहत को लेकर परेशान हो सकते हैं। जीवनसाथी के प्रति काफी भावुक रहेंगे।

🧜‍♀ *मीन (Pisces):*किसी विवादित मामले का हल निकल सकता है। जीवन काफी सुखमय प्रतीत होगा। आपके साहस और उत्साह दोनों की ही कमी नहीं रहेगी। घर में किसी मांगलिक कार्यक्रम को लेकर चर्चा होगी। मैकेनिकल इंजीनियर्स के लिये दिन विशेष रूप से शुभ रहेगा।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaWednesday, December 16, 2020

Tuesday, December 15, 2020

जानिए ज्योतिष में फलकथन का क्या है आधार

Filled under:




ज्योतिष में फलकथन का आधार मुख्यतः ग्रहों, राशियों और भावों का स्वाभाव, कारकत्‍व एवं उनका आपसी संबध है।
ग्रहों को ज्योतिष में जीव की तरह माना जाता है - राशियों एवं भावों को वह क्षेत्र मान जाता है, जहाँ ग्रह विचरण करते हैं। ग्रहों का ग्रहों से संबध, राशियों से संबध, भावों से संबध आदि से फलकथन का निर्धारण होता है।
ज्योतिष में ग्रहों का एक जीव की तरह 'स्‍वभाव' होता है। इसके अलाव ग्रहों का 'कारकत्‍व' भी होता है। राशियों का केवल 'स्‍वभाव' एवं भावों का केवल 'कारकत्‍व' होता है। स्‍वभाव और कारकत्‍व में फर्क समझना बहुत जरूरी है।
सरल शब्‍दों में 'स्‍वभाव' 'कैसे' का जबाब देता है और 'कारकत्‍व' 'क्‍या' का जबाब देता है। इसे एक उदाहरण से समझते हैं। माना की सूर्य ग्रह मंगल की मेष राशि में दशम भाव में स्थित है। ऐसी स्थिति में सूर्य क्‍या परिणाम देगा?
नीचे भाव के कारकत्‍व की तालिका दी है, जिससे पता चलता है कि दशम भाव व्यवसाय एवं व्यापार का कारक है। अत: सूर्य क्‍या देगा, इसका उत्‍तर मिला की सूर्य 'व्‍यवसाय' देगा। वह व्‍यापार या व्‍यवसाय कैसा होगा - सूर्य के स्‍वाभाव और मेष राशि के स्‍वाभाव जैसा। सूर्य एक आक्रामक ग्रह है और मंगल की मेष राशि भी आक्रामक राशि है अत: व्‍यवसाय आक्रामक हो सकता है। दूसरे शब्‍दों में जातक सेना या खेल के व्‍यवयाय में हो सकता है, जहां आक्रामकता की जरूरत होती है। इसी तरह ग्रह, राशि, एवं भावों के स्‍वाभाव एवं कारकत्‍व को मिलाकर फलकथन किया जाता है।

दुनिया की समस्त चल एवं अचल वस्तुएं ग्रह, राशि और भाव से निर्धारित होती है। चूँकि दुनिया की सभी चल एवं अचल वस्तुओं के बारे मैं तो चर्चा नहीं की जा सकती, इसलिए सिर्फ मुख्य मुख्य कारकत्‍व के बारे में चर्चा करेंगे।

सबसे पहले हम भाव के बारे में जानते हैं। भाव के कारकत्‍व इस प्रकार हैं -
प्रथम भाव : प्रथम भाव से विचारणीय विषय हैं - जन्म, सिर, शरीर, अंग, आयु, रंग-रूप, कद, जाति आदि।

द्वितीय भाव: दूसरे भाव से विचारणीय विषय हैं - रुपया पैसा, धन, नेत्र, मुख, वाणी, आर्थिक स्थिति, कुटुंब, भोजन, जिह्य, दांत, मृत्यु, नाक आदि।

तृतीय भाव : तृतीय भाव के अंतर्गत आने वाले विषय हैं - स्वयं से छोटे सहोदर, साहस, डर, कान, शक्ति, मानसिक संतुलन आदि।

चतुर्थ भाव : इस भाव के अंतर्गत प्रमुख विषय - सुख, विद्या, वाहन, ह्दय, संपत्ति, गृह, माता, संबंधी गण,पशुधन और इमारतें।

पंचव भाव : पंचम भाव के विचारणीय विषय हैं - संतान, संतान सुख, बुद्धि कुशाग्रता, प्रशंसा योग्य कार्य, दान, मनोरंजन, जुआ आदि।

षष्ठ भाव : इस भाव से विचारणीय विषय हैं - रोग, शारीरिक वक्रता, शत्रु कष्ट, चिंता, चोट, मुकदमेबाजी, मामा, अवसाद आदि।

सप्तम भाव : विवाह, पत्‍नी, यौन सुख, यात्रा, मृत्यु, पार्टनर आदि विचारणीय विषय सप्तम भाव से संबंधित हैं।

अष्टम भाव : आयु, दुर्भाग्य, पापकर्म, कर्ज, शत्रुता, अकाल मृत्यु, कठिनाइयां, सन्ताप और पिछले जन्म के कर्मों के मुताबिक सुख व दुख, परलोक गमन आदि विचारणीय विषय आठवें भाव से संबंधित हैं।

नवम भाव : इस भाव से विचारणीय विषय हैं - पिता, भाग्य, गुरु, प्रशंसा, योग्य कार्य, धर्म, दानशीलता, पूर्वजन्मों का संचि पुण्य।

दशम भाव : दशम भाव से विचारणीय विषय हैं - उदरपालन, व्यवसाय, व्यापार, प्रतिष्ठा, श्रेणी, पद, प्रसिद्धि, अधिकार, प्रभुत्व, पैतृक व्यवसाय।

एकादश भाव : इस भाव से विचारणीय विषय हैं - लाभ, ज्येष्ठ भ्राता, मुनाफा, आभूषण, अभिलाषा पूर्ति, धन संपत्ति की प्राप्ति, व्यापार में लाभ आदि।

द्वादश भाव : इस भाव से संबंधित विचारणीय विषय हैं - व्यय, यातना, मोक्ष, दरिद्रता, शत्रुता के कार्य, दान, चोरी से हानि, बंधन, चोरों से संबंध, बायीं आंख, शय्यासुख, पैर आदि।
इस बार इतना ही। ग्रहों का स्‍वभाव/ कारकत्‍व व राशियों के स्‍वाभाव की चर्चा हम अगले पाठ में करेंगे।

Posted By KanpurpatrikaTuesday, December 15, 2020

कमरे में सूर्यदेव की प्रतिमा अवश्य लगाएं

Filled under:

घर में सूर्यदेव के साथ सात घोड़ों की तस्वीर पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। घर में जहां कीमती जेवरात रखे हों, वहां तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से घर में कभी आर्थिक परेशानी नहीं आती है। बच्चों के स्टडी रूम में सूर्यदेव की प्रतिमा लगाने से सकारात्मक परिणाम सामने आने लगते हैं। परिवार में अगर कोई व्यक्ति रोगी है तो उसके कमरे में सूर्यदेव की प्रतिमा अवश्य लगाएं। वास्तु के अनुसार रसोईघर में तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से कभी अन्न की कमी नहीं होती। कार्यालय या दुकान में सूर्य प्रतिमा लगाने से उन्नति के अवसर मिलते 

Posted By KanpurpatrikaTuesday, December 15, 2020

❖▩ஜआज का पंचांग,17 दिसम्बर 2020,गुरुवार,❖▩ஜ

Filled under:


❖▩ஜआज का पंचांग,17 दिसम्बर 2020,गुरुवार,❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
       ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

17 दिसम्बर 2020, गुरुवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष मास की प्रविष्टा 3, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु,  तिथि तृतीया 03:17 सायं तक तदन्तर चतुर्थी उत्तरार्षाढा 07:13 सायं तक तदन्तर श्रवण  सूर्य उदय 6:50 प्रातः, सूर्यास्त 5:21सायं , राहुकाल दोपहर 1:24 से 2:42 दोपहर तक।

 🌞 🛕 *राशिफल*🛕🌞 

🐏 *मेष (Aries):*कार्यक्षेत्र में आपको प्रयासों में सफलता मिलेगी। सरकारी नौकरी से जुड़े जातकों को शानदार लाभ मिलेगा। माता-पिता का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। धैर्य और सहनशीलता के कारण महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शानदार सिद्ध होंगे। भविष्य को लेकर नयी योजना बना सकते हैं। सीनियर्स का आपके प्रति व्यवहार अच्छा रहेगा।

🐂 *वृषभ (Tauras):*मन लगाकर अपना काम पूरा करेंगे। अपनी जिम्मेदारियों से पीछे न हटें। अजनबी लोगों से ज्यादा बातें न करें। शरीर में शिथिलता रहेगी। आपको किसी काम के लिये पुरस्कार प्राप्त हो सकता है। परिवार में हर्ष और उल्लास का वातावरण रहेगा।

👭 *मिथुन (Gemini):*घर में किसी परिजन से झगड़ा हो सकता है। मूड स्विंग को नियन्त्रण रखें। निवेश करने में समझदारी दिखानी आवश्यक है। आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिये। अपने कार्य को गम्भीरता से लें। जीवनसाथी की कोई बात बुरी लग सकती है।

🦀 *कर्क (Cancer):*लेखन कार्यों से जुड़े लोगों को शानदार लाभ प्राप्त हो सकता है। स्थायी सम्पत्ति खरीदने के योग बन रहे हैं। आपको कोई उपहार प्राप्त होगा। नया कारोबार शुरू कर रहे हैं तो सहयोगियों से लाभ होगा। नव विवाहित लोग किसी यात्रा की योजना बना सकते हैं।

🦁 *सिंह (Leo):*आपका मन प्रसन्न रहेगा। किसी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती है। विरोधियों पर आप भारी पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से दिन शुभ है। ससुराल पक्ष से अच्छा समाचार मिलेगा। सन्तान के विवाह की समस्या दूर होगी।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*किसी से सहायता प्राप्त करने में न हिचकें। मित्रों के साथ मनोरञ्जक यात्रा हो सकती है। आपकी निर्णय क्षमता में कमी आ सकती है। राजनीति से जुड़े लोगों को उच्च पद मिल सकता है। प्रियजनों के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे। धार्मिक कार्यों में व्यस्तता होगी। अपनी क्षमताओं पर सन्देह न करें।

⚖ *तुला (Libra):*धैर्य और संयम से काम लेना चाहिये। जीवनस्तर को सुधारने का प्रयास करेंगे। कार्यक्षेत्र में दौड़धूप अधिक करनी पड़ेगी। उच्चाधिकारियों के साथ आपका व्यवहार अच्छा रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):*आय के नये साधन प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन हो सकता है। यात्रा मनोरञ्जक रहेगी। नये रिश्ते की शुरुआत हो सकती है। नये कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी।

🏹 *धनु (Sagittarius):*सारे काम आसानी से पूरे हो जायेंगे। कारोबार में तरक्की होगी। घर-परिवार में प्रसन्नता का माहौल रहेगा। बड़ों की सलाह लें उसका लाभ प्राप्त होगा । किसी बड़ी कम्पनी से जॉब ऑफर हो सकती है। बड़ी सम्पत्ति में निवेश कर सकते हैं।

🐊 *मकर (Capricorn):*नये प्रोजेक्ट में हिस्सा ले सकते हैं। आवश्यक कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। अपने विचारों को सकारात्मक रखें। अपनी योग्यता पर भरोसा रखें। सेहत को लेकर काफी ध्यान देंगे। इश्योरेंस और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ प्राप्त होगा।

⚱ *कुंभ (Aquarius)*जोड़ों में दर्द और गैस की समस्या हो सकती है। विवादास्पद विषयों से स्वयं को दूर रखें। मन में कुछ चिन्तायें रहेंगी जिसके कारण आप अपने काम में फोकस नहीं कर पायेंगे। व्यायाम और खानपान को लेकर लापरवाही न करें। कार्यक्षेत्र में नीरसता रहेगी।

🧜‍♀ *मीन (Pisces):*परिजनों से शानदार सहयोग प्राप्त होगा। किसी भी निर्णय पर पहुँचने से पहले उस पर विचार अवश्य कर लें। शासन और प्रशासन से जुड़े लोगों को प्रमोशन प्राप्त हो सकता है। घरेलू वस्तुओं को खरीदने के लिये मार्केट जा सकते हैं। आपको कोई शॉपिंग कूपन मिल सकता है। स्वयं में काफी ऊर्जा की अनुभूति करेंगे।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaTuesday, December 15, 2020