Tuesday, December 15, 2020

जानिए ज्योतिष में फलकथन का क्या है आधार

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ज्योतिष में फलकथन का आधार मुख्यतः ग्रहों, राशियों और भावों का स्वाभाव, कारकत्‍व एवं उनका आपसी संबध है।
ग्रहों को ज्योतिष में जीव की तरह माना जाता है - राशियों एवं भावों को वह क्षेत्र मान जाता है, जहाँ ग्रह विचरण करते हैं। ग्रहों का ग्रहों से संबध, राशियों से संबध, भावों से संबध आदि से फलकथन का निर्धारण होता है।
ज्योतिष में ग्रहों का एक जीव की तरह 'स्‍वभाव' होता है। इसके अलाव ग्रहों का 'कारकत्‍व' भी होता है। राशियों का केवल 'स्‍वभाव' एवं भावों का केवल 'कारकत्‍व' होता है। स्‍वभाव और कारकत्‍व में फर्क समझना बहुत जरूरी है।
सरल शब्‍दों में 'स्‍वभाव' 'कैसे' का जबाब देता है और 'कारकत्‍व' 'क्‍या' का जबाब देता है। इसे एक उदाहरण से समझते हैं। माना की सूर्य ग्रह मंगल की मेष राशि में दशम भाव में स्थित है। ऐसी स्थिति में सूर्य क्‍या परिणाम देगा?
नीचे भाव के कारकत्‍व की तालिका दी है, जिससे पता चलता है कि दशम भाव व्यवसाय एवं व्यापार का कारक है। अत: सूर्य क्‍या देगा, इसका उत्‍तर मिला की सूर्य 'व्‍यवसाय' देगा। वह व्‍यापार या व्‍यवसाय कैसा होगा - सूर्य के स्‍वाभाव और मेष राशि के स्‍वाभाव जैसा। सूर्य एक आक्रामक ग्रह है और मंगल की मेष राशि भी आक्रामक राशि है अत: व्‍यवसाय आक्रामक हो सकता है। दूसरे शब्‍दों में जातक सेना या खेल के व्‍यवयाय में हो सकता है, जहां आक्रामकता की जरूरत होती है। इसी तरह ग्रह, राशि, एवं भावों के स्‍वाभाव एवं कारकत्‍व को मिलाकर फलकथन किया जाता है।

दुनिया की समस्त चल एवं अचल वस्तुएं ग्रह, राशि और भाव से निर्धारित होती है। चूँकि दुनिया की सभी चल एवं अचल वस्तुओं के बारे मैं तो चर्चा नहीं की जा सकती, इसलिए सिर्फ मुख्य मुख्य कारकत्‍व के बारे में चर्चा करेंगे।

सबसे पहले हम भाव के बारे में जानते हैं। भाव के कारकत्‍व इस प्रकार हैं -
प्रथम भाव : प्रथम भाव से विचारणीय विषय हैं - जन्म, सिर, शरीर, अंग, आयु, रंग-रूप, कद, जाति आदि।

द्वितीय भाव: दूसरे भाव से विचारणीय विषय हैं - रुपया पैसा, धन, नेत्र, मुख, वाणी, आर्थिक स्थिति, कुटुंब, भोजन, जिह्य, दांत, मृत्यु, नाक आदि।

तृतीय भाव : तृतीय भाव के अंतर्गत आने वाले विषय हैं - स्वयं से छोटे सहोदर, साहस, डर, कान, शक्ति, मानसिक संतुलन आदि।

चतुर्थ भाव : इस भाव के अंतर्गत प्रमुख विषय - सुख, विद्या, वाहन, ह्दय, संपत्ति, गृह, माता, संबंधी गण,पशुधन और इमारतें।

पंचव भाव : पंचम भाव के विचारणीय विषय हैं - संतान, संतान सुख, बुद्धि कुशाग्रता, प्रशंसा योग्य कार्य, दान, मनोरंजन, जुआ आदि।

षष्ठ भाव : इस भाव से विचारणीय विषय हैं - रोग, शारीरिक वक्रता, शत्रु कष्ट, चिंता, चोट, मुकदमेबाजी, मामा, अवसाद आदि।

सप्तम भाव : विवाह, पत्‍नी, यौन सुख, यात्रा, मृत्यु, पार्टनर आदि विचारणीय विषय सप्तम भाव से संबंधित हैं।

अष्टम भाव : आयु, दुर्भाग्य, पापकर्म, कर्ज, शत्रुता, अकाल मृत्यु, कठिनाइयां, सन्ताप और पिछले जन्म के कर्मों के मुताबिक सुख व दुख, परलोक गमन आदि विचारणीय विषय आठवें भाव से संबंधित हैं।

नवम भाव : इस भाव से विचारणीय विषय हैं - पिता, भाग्य, गुरु, प्रशंसा, योग्य कार्य, धर्म, दानशीलता, पूर्वजन्मों का संचि पुण्य।

दशम भाव : दशम भाव से विचारणीय विषय हैं - उदरपालन, व्यवसाय, व्यापार, प्रतिष्ठा, श्रेणी, पद, प्रसिद्धि, अधिकार, प्रभुत्व, पैतृक व्यवसाय।

एकादश भाव : इस भाव से विचारणीय विषय हैं - लाभ, ज्येष्ठ भ्राता, मुनाफा, आभूषण, अभिलाषा पूर्ति, धन संपत्ति की प्राप्ति, व्यापार में लाभ आदि।

द्वादश भाव : इस भाव से संबंधित विचारणीय विषय हैं - व्यय, यातना, मोक्ष, दरिद्रता, शत्रुता के कार्य, दान, चोरी से हानि, बंधन, चोरों से संबंध, बायीं आंख, शय्यासुख, पैर आदि।
इस बार इतना ही। ग्रहों का स्‍वभाव/ कारकत्‍व व राशियों के स्‍वाभाव की चर्चा हम अगले पाठ में करेंगे।

Posted By KanpurpatrikaTuesday, December 15, 2020

कमरे में सूर्यदेव की प्रतिमा अवश्य लगाएं

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घर में सूर्यदेव के साथ सात घोड़ों की तस्वीर पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। घर में जहां कीमती जेवरात रखे हों, वहां तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से घर में कभी आर्थिक परेशानी नहीं आती है। बच्चों के स्टडी रूम में सूर्यदेव की प्रतिमा लगाने से सकारात्मक परिणाम सामने आने लगते हैं। परिवार में अगर कोई व्यक्ति रोगी है तो उसके कमरे में सूर्यदेव की प्रतिमा अवश्य लगाएं। वास्तु के अनुसार रसोईघर में तांबे की सूर्य प्रतिमा लगाने से कभी अन्न की कमी नहीं होती। कार्यालय या दुकान में सूर्य प्रतिमा लगाने से उन्नति के अवसर मिलते 

Posted By KanpurpatrikaTuesday, December 15, 2020

❖▩ஜआज का पंचांग,17 दिसम्बर 2020,गुरुवार,❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग,17 दिसम्बर 2020,गुरुवार,❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
       ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

17 दिसम्बर 2020, गुरुवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष मास की प्रविष्टा 3, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु,  तिथि तृतीया 03:17 सायं तक तदन्तर चतुर्थी उत्तरार्षाढा 07:13 सायं तक तदन्तर श्रवण  सूर्य उदय 6:50 प्रातः, सूर्यास्त 5:21सायं , राहुकाल दोपहर 1:24 से 2:42 दोपहर तक।

 🌞 🛕 *राशिफल*🛕🌞 

🐏 *मेष (Aries):*कार्यक्षेत्र में आपको प्रयासों में सफलता मिलेगी। सरकारी नौकरी से जुड़े जातकों को शानदार लाभ मिलेगा। माता-पिता का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। धैर्य और सहनशीलता के कारण महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शानदार सिद्ध होंगे। भविष्य को लेकर नयी योजना बना सकते हैं। सीनियर्स का आपके प्रति व्यवहार अच्छा रहेगा।

🐂 *वृषभ (Tauras):*मन लगाकर अपना काम पूरा करेंगे। अपनी जिम्मेदारियों से पीछे न हटें। अजनबी लोगों से ज्यादा बातें न करें। शरीर में शिथिलता रहेगी। आपको किसी काम के लिये पुरस्कार प्राप्त हो सकता है। परिवार में हर्ष और उल्लास का वातावरण रहेगा।

👭 *मिथुन (Gemini):*घर में किसी परिजन से झगड़ा हो सकता है। मूड स्विंग को नियन्त्रण रखें। निवेश करने में समझदारी दिखानी आवश्यक है। आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिये। अपने कार्य को गम्भीरता से लें। जीवनसाथी की कोई बात बुरी लग सकती है।

🦀 *कर्क (Cancer):*लेखन कार्यों से जुड़े लोगों को शानदार लाभ प्राप्त हो सकता है। स्थायी सम्पत्ति खरीदने के योग बन रहे हैं। आपको कोई उपहार प्राप्त होगा। नया कारोबार शुरू कर रहे हैं तो सहयोगियों से लाभ होगा। नव विवाहित लोग किसी यात्रा की योजना बना सकते हैं।

🦁 *सिंह (Leo):*आपका मन प्रसन्न रहेगा। किसी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती है। विरोधियों पर आप भारी पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से दिन शुभ है। ससुराल पक्ष से अच्छा समाचार मिलेगा। सन्तान के विवाह की समस्या दूर होगी।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*किसी से सहायता प्राप्त करने में न हिचकें। मित्रों के साथ मनोरञ्जक यात्रा हो सकती है। आपकी निर्णय क्षमता में कमी आ सकती है। राजनीति से जुड़े लोगों को उच्च पद मिल सकता है। प्रियजनों के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे। धार्मिक कार्यों में व्यस्तता होगी। अपनी क्षमताओं पर सन्देह न करें।

⚖ *तुला (Libra):*धैर्य और संयम से काम लेना चाहिये। जीवनस्तर को सुधारने का प्रयास करेंगे। कार्यक्षेत्र में दौड़धूप अधिक करनी पड़ेगी। उच्चाधिकारियों के साथ आपका व्यवहार अच्छा रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):*आय के नये साधन प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन हो सकता है। यात्रा मनोरञ्जक रहेगी। नये रिश्ते की शुरुआत हो सकती है। नये कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी।

🏹 *धनु (Sagittarius):*सारे काम आसानी से पूरे हो जायेंगे। कारोबार में तरक्की होगी। घर-परिवार में प्रसन्नता का माहौल रहेगा। बड़ों की सलाह लें उसका लाभ प्राप्त होगा । किसी बड़ी कम्पनी से जॉब ऑफर हो सकती है। बड़ी सम्पत्ति में निवेश कर सकते हैं।

🐊 *मकर (Capricorn):*नये प्रोजेक्ट में हिस्सा ले सकते हैं। आवश्यक कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। अपने विचारों को सकारात्मक रखें। अपनी योग्यता पर भरोसा रखें। सेहत को लेकर काफी ध्यान देंगे। इश्योरेंस और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ प्राप्त होगा।

⚱ *कुंभ (Aquarius)*जोड़ों में दर्द और गैस की समस्या हो सकती है। विवादास्पद विषयों से स्वयं को दूर रखें। मन में कुछ चिन्तायें रहेंगी जिसके कारण आप अपने काम में फोकस नहीं कर पायेंगे। व्यायाम और खानपान को लेकर लापरवाही न करें। कार्यक्षेत्र में नीरसता रहेगी।

🧜‍♀ *मीन (Pisces):*परिजनों से शानदार सहयोग प्राप्त होगा। किसी भी निर्णय पर पहुँचने से पहले उस पर विचार अवश्य कर लें। शासन और प्रशासन से जुड़े लोगों को प्रमोशन प्राप्त हो सकता है। घरेलू वस्तुओं को खरीदने के लिये मार्केट जा सकते हैं। आपको कोई शॉपिंग कूपन मिल सकता है। स्वयं में काफी ऊर्जा की अनुभूति करेंगे।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaTuesday, December 15, 2020

Monday, December 14, 2020

स्वयं समझे अपनी लग्न और जन्म राशि को देखने का तरीका

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स्वयं समझे अपनी लग्न और जन्म राशि को देखने का तरीका 
भारतीय ज्योतिष विद्या का जन्म भी वेदों से हुआ है वेद से जन्म लेने के कारण इसे वैदिक ज्योतिष के नाम से जाना जाता है । भारतीय ज्योतिष में यह मान्यता है कि ब्रह्मांड में कुल 9 ग्रह ,12 भाव, 27 नक्षत्र व 12 राशियां है सूर्य परिवार में 7 ग्रह व दो छाया ग्रह है जो क्रमशः अपनी अपनी गति से पृथ्वी का चक्कर लगाते रहते हैं ।
भारतीय ज्योतिष शास्त्र पृथ्वी को केंद्र मानकर चलती है। राशीचक्र वह व्रत है जिस पर नवग्रह घूमते हुए से प्रतीत होते हैं । इसी राशि चक्र को अगर 12 भागों में विभाजित किया जाए ,तो प्रत्येक भाग एक राशि कहलाएगा । यह 12 राशियां इस प्रकार होगी पहली मेष दूसरी वृष  तीसरी मिथुन चौथी कर्क पांचवी सिंह छठी सातवी तुला आठवीं वृश्चिक 9 धनु 10 मकर 11 कुंभ 12 मीन।
 जैसे राशि चक्र को 12 भागों में विभाजित करने पर हमें 12 राशियां मिली उसी प्रकार अगर इस राशि चक्र को 27 भागों में बांटते हैं तो हमें 27 नक्षत्रों का पता चलता है । एक वृत्त को 360 कला या डिग्री में बांटा गया है इसलिए एक राशि 30 कला या 30 अंश की हुई । 
प्रत्येक राशि का एक स्वामी ग्रह होता है जो निम्न प्रकार है 


जिसमें सूर्य व चंद्र  एक-एक राशि के स्वामी होते हैं अन्य ग्रह 2 राशियों के स्वामी होते हैं राहु व केतु किसी भी राशि के स्वामी  नहीं माने गए हैं । किसी भी व्यक्ति की जन्म पत्रिका उसके जन्म समय का चित्र कहा जाता है । कुंडली या जन्मपत्रिका को देखकर यह कहा जा सकता है कि जन्म के समय आकाश में ग्रहों की स्थिति क्या थी । कुंडली में प्रथम ग्रहों का आकलन दो प्रकार से किया जाता है प्रथम वह ग्रह किस राशि में स्थित है और दूसरा वह ग्रह किस भाव में स्थित है।
 क्या होती है लग्न और जन्म राशि 
पृथ्वी अपने अक्ष पर 24 घंटे में एक बार पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है इस कारण से ही ग्रह नक्षत्र व राशियां 24 घंटे में एक बार पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर घूमते हुए प्रतीत होते हैं इस परिक्रमा में ही सभी राशियां और तारे 24 घंटे में एक बार पूर्व की ओर उदित और पश्चिम क्षितिज पर अस्त होते हुए नजर आते हैं । जब भी कोई व्यक्ति जन्म लेता है ,तो उस समय अक्षांश और देशांतर में जो राशि पूर्व क्षितिज पर उदित होती है वह राशि ही व्यक्ति की लग्न होती है। कुंडली में लग्न राशि प्रथम भाव में लिखी जाती है। कुंडली में 12 भागों को घड़ी के विपरीत दिशा में ही क्रमवार गिनते हुए राशि अंकित करते हैं । दाएं से बाएं क्रमवार राशियों की स्थापना सर्वप्रथम की जाती है। राशि का सूचकांक ही अनिवार्य रूप से 12 भाव में भरा जाता है। जैसे मेष के लिए एक वृष  के लिए 2 मिथुन के लिए 3 । ऐसे ही 12 भावों में रशिया क्रम वार भरी जाती है । जन्म के समय चंद्र जिस राशि में स्थित होते हैं वह जन्म राशि कहलाती है।


 भाव और राशि में अंतर
प्रत्येक कुंडली में 12 भाग होते हैं जिसमें 8 त्रिकोण आकार के और 4 आयताकार होते हैं । चार आयताकार भाव को में प्रथम भाग लग्न कहलाता है और वही प्रथम भाव होता है प्रथम भाव से दाएं से बाएं एंटी क्लॉक वाइज द्वितीय भाव तृतीय व क्रमवार गिनते हुए 12वे भाव तक आते हैं ।
भाव को हाउस या खाना भी कहा जाता है। भाव हमेशा स्थिर ही रहते हैं जैसे पहला आयताकार भाव प्रथम भाव हुआ तो वह हमेशा प्रथम ही भाव कहा जाएगा और क्रमवार गिनने पर वह 12 भाव हमेशा स्थिर ही रहेंगे। लेकिन इन भावों पर अंकित संख्या या राशि प्रत्येक कुंडली में बदली हुई नजर आती है । हम यह कहेंगे कि भाव व राशियां चलाएं मान होती हैं। जैसे प्रथम भाव पर दो नंबर अर्थात वृष राशि हो सकती है या फिर आठ नंबर वृश्चिक राशि हो सकती है । प्रथम भाव पर स्थित संख्या ही लग्न मानी जाती है।  कुंडली में स्थित 12 भाव हमेशा स्थिर रहते हैं या तो हमने जाना अब यह भी जानेंगे कि प्रत्येक भाव का स्वामी भी होता जो बदलता रहता है जैसे प्रथम भाव में अगर दो नंबर वृषभ राशि मिली हुई है तो प्रथम भाव के स्वामी ग्रह शुक्र कहलाएंगे 2सरे भाव मिथुन राशि हुई दुइत्तीय भाव के स्वामी ग्रह बुध होंगे । प्रथम भाव के स्वामी ग्रह को लग्नेश  2रे भाव के स्वामी ग्रह को द्वितीऐश तृतीय भाव के स्वामी ग्रह को तृतीऐश  व क्रमवार ऐसे ही आगे भी हम लिखेंगे । 

ग्रहों की भाव गत स्थिति

उदाहरण कुंडली में लग्न प्रथम भाव में दो अर्थात वृषभ राशि मिली  और प्रथम भाव के स्वामी ग्रह शुक्र जो अपने ही राशि में स्थित है और प्रथम भाव में ही द्वितीय भाव के स्वामी ग्रह बुध भी लग्न अर्थात प्रथम भाव में स्थित है राहु ग्रह 2त्तीय भाव में दाएं से बाएं पर स्थित है छठे भाव में शनि सप्तम भाव में गुरु अष्टम भाव में चंद्रमा केतु व द्वादश भाव में मंगल व सूर्य स्थिति है । इन ग्रह स्थिति को हम भावगत स्थिति  कहेंगे ।

Posted By KanpurpatrikaMonday, December 14, 2020

❖▩ஜआज का पंचांग,16 दिसम्बर 2020,बुधवार,❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग,16 दिसम्बर 2020,बुधवार,❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
       ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

16 दिसम्बर 2020, बुधवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष मास की प्रविष्टा 2, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु,  तिथि द्वितीया 04:54 सायं तक तदन्तर तृतीया, नक्षत्र पूर्वाषाढा 08:04 सायं तक तदन्तर उत्तरार्षाढा  सूर्य उदय 6:50 प्रातः, सूर्यास्त 5:21सायं , राहुकाल दोपहर 12:04 से 1:23 दोपहर तक।

 🌞 🛕 *राशिफल*🛕🌞 

🐏 *मेष (Aries):*जॉब में इच्छानुसार स्थानांतरण मिल सकता है। सहकर्मी आपका मनोबल बढ़ायेंगे। रिश्तेदारों और सम्बन्धियों से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। आय के स्तोत्रों में बढ़ोत्तरी होगी। बुजुर्ग सदस्यों के स्वास्थ्य में सुधार होगा।

🐂 *वृषभ (Tauras):*शत्रु आपके विरुद्ध मुखर हो सकते हैं। प्रेम सम्बन्धों को लेकर जल्दबाज़ी न करें। अपनी दिनचर्या और खानपान को सन्तुलित रखें। शिक्षा में परेशानी हो सकती है। शारीरिक कष्ट और मानसिक तनाव की स्थिति बन सकती है। कुछ लोग आपसे ईर्ष्या भाव रखते हैं।

👭 *मिथुन (Gemini):*पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा। वैवाहिक जीवन शुभता युक्त रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। किसी मांगलिक उत्सव में भाग ले सकते हैं। आपका ध्यान अपने कार्यों को पूरा करने में लगा रहेगा। ट्रैवलिंग के लिये समय अच्छा है।न प्राप्त हो सकता है। उपलब्धियों का आनन्द उठायेंगे।

🦀 *कर्क (Cancer):*घर परिवार की चिन्ता दूर होगी। अल्प प्रयासों से ही कठिन कार्य बन जायेंगे। फाइनेंस सम्बन्धी महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं। आपके पराक्रम और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर का नवीनीकरण जैसा कुछ करने का विचार बनेगा। बेरोजगारों को नयी नौकरी मिल सकती है।

🦁 *सिंह (Leo):*प्रभावशाली व्यक्तियों से आपका सम्पर्क मजबूत होगा। पूर्व नियोजित कार्ययोजना को कार्यान्वित करने में आसानी होगी। अपने सम्बन्धों को खराब न होने दें। घर का वातावरण संतुलित रहेगा। अटका हुआ काम आज शुरू हो सकता है।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*अनचाही यात्रा करनी पड़ सकती है। धन हानि होने की आशंका है। नया कार्य शुरू करना आज हितकारी नहीं होगा। परिवार जनों की उपेक्षा का शिकार हो सकते हैं। स्वास्थ्य कुछ नरम गरम रहेगा।

⚖ *तुला (Libra):*नये कारोबारी अनुबन्ध हो सकते हैं। रुका हुआ धन आज प्राप्त हो सकता है। प्रेमी जन आज काफी अच्छे मूड में होंगे। आप एक अच्छे परामर्शदाता के रूप में विख्यात हो सकते हैं। आस-पड़ोस में आपकी काफी प्रशंसा होगी। काफी अच्छे मूड में रहेंगे।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):*जीवनसाथी के साथ सम्बन्धों में विश्वास को महत्व दें। खांसी जुकाम और वायरल इन्फेक्शन की आशंका बन रही है। अपने कार्यों को गम्भीरता से लेना आपके लिये बेहद आवश्यक है। मन में नये विचार कौंधेंगे। आवश्यक कार्य समय पर पूरे नहीं होंगे। व्यर्थ की चर्चाओं से दूर रहें।

🏹 *धनु (Sagittarius):*कार्यक्षेत्र में काम का दबाव कम होगा। आज आप एकदम आराम के मूड में रहेंगे। व्यापार में कुछ तकनीकी सुधार कर सकते हैं। भाग्य का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। धन का उपयोग अपने जीवनस्तर को सुधारने के लिये करेंगे। शाम को दोस्तों के साथ पार्टी कर सकते हैं।

🐊 *मकर (Capricorn):*आज आपको स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिये। आलस्य की वजह से कार्यों में विलम्ब होने की सम्भावना है। सहकर्मियों और व्यापारिक साझेदारों के साथ अपने सम्बन्ध खराब न करें। धन को लेकर किसी पर ज्यादा भरोसा न करें। पुराना ऋण उतारना पड़ सकता है।

⚱ *कुंभ (Aquarius)*घरवालों के व्यवहार से आप काफी खुश रहेंगे। प्रोफेशनल लाइफ भी काफी शानदार रहेगी। सन्तान की उपलब्धि से गर्वित होंगे। परिवार की जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करेंगे। विद्यार्थियों को करियर में आगे बढ़ने के दूसरे विकल्प मिल सकते हैं।

🧜‍♀ *मीन (Pisces):*पूरी गम्भीरता के साथ अपने कार्यों में जुटे रहेंगे। व्यवसाय में उत्पादकता बढ़ेगी। जमीन और वाहन खरीद सकते हैं। यदि जॉब बदलना चाहते हैं तो भी समय आपके लिये काफी उत्तम रहने वाला है। इंटरव्यू आदि में सफलता मिलने के प्रबल योग हैं। लोगों की सहायता करके आपको मानसिक सन्तोष प्राप्त होगा।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaMonday, December 14, 2020