Sunday, November 1, 2020

🕉 *3 नवंबर2020 आज का राशिफल व पंचांग*🕉

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🕉 *3 नवंबर2020 आज का राशिफल व पंचांग*🕉 

🚩🌺💥* आज का पंचांग🚩🌺💥

आज का पंचांग: 3 नवम्बर 2020, मंगलवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, कार्तिक मास की प्रविष्टा 18, दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमन्त ऋतु, तिथि तृतीया, नक्षत्र रोहिणी, सूर्योदय 6:49am, सूर्यास्त 5:33pm, राहुकाल अपरान्ह 3:00 से 4:30 ACT

🐏 *मेष (Aries):* ACT।धन को लेकर कोई जोखिम लेना उचित नहीं होगा। नये कपड़े और आभूषण खरीद सकते हैं। मन थोड़ा अशान्त रहेगा। सामाजिक लोग आपके कार्यों से नाखुश रहेंगे। किसी मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। मनोरंजन में धन खर्च होगा।

🐂 *वृषभ (Tauras):*ACT।दैनिक कार्यों को काफी अच्छी तरह समायोजित कर पायेंगे। जीवनसाथी के साथ सम्बन्ध और मधुर होंगे। ऑफिस में आपकी सलाह और बातों को काफी महत्व मिलेगा। कारोबार में अपेक्षित लाभ मिलने के प्रबल योग हैं। कई दिनों से चली आ रही आर्थिक समस्या आज दूर होगी।

👭 *मिथुन (Gemini):* ACT।अति आत्मविश्वास के कारण काम बिगड़ सकते हैं। घर में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अनावश्यक खर्चों पर नियन्त्रण करें। काम समय पर पूरा न होने से तनाव में रहेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिन्ता रहेगी।

🦀 *कर्क (Cancer):*ACT।आपकी मेहनत से व्यवसाय में अपेक्षित लाभ बढ़ेगा। पारिवारिक समस्याओं से मुक्ति प्राप्त कर लेंगे। आपका आत्मबल बढ़ा हुआ रहेगा। आकस्मिक धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। परोपकार में रुचि लेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिन्ता दूर होगी।


🦁 *सिंह (Leo):* ACT।आकस्मिक धन लाभ प्राप्त हो सकता है। सामाजिक सम्बन्धों में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य कुछ कमजोर रहेगा। घरेलू कार्य से यात्रा हो सकती है। पुराने नुक़सानों को रिकवर करने का अवसर प्राप्त होगा। व्यक्तिगत सम्बन्धों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

👧🏻 *कन्या (Virgo):* ACT।किसी परिजन की गलत आदतों से मन व्यथित होगा। सामाजिक कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। लेखन आदि कार्यों से जुड़े रहेंगे। दाम्पत्य सम्बन्धों में कड़वाहट रहेगी। घर के काम में व्यस्त रहेंगे।

⚖ *तुला (Libra):* ACT। समाज में अपनी प्रतिष्ठा को लेकर भय रहेगा। पैतृक सम्पत्ति को लेकर विवाद हो सकते हैं। अपनी योजनाओं से भटकना भारी पड़ सकता है। शरीर में पानी की कमी न होने दें। मशीनों का प्रयोग करने में सावधानी रखें।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):* ACT । लेन-देन में सावधानी रखें। व्यापार में शानदार धन लाभ मिल सकता है। जीवनसाथी का सहयोग आपको बहुत सहायता प्रदान करेगा। घर में सुख-शान्ति का वातावरण रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाक़ात हो सकती है।

🏹 *धनु (Sagittarius):* ।ACT। उधार दिया हुआ धन आज वापस मिल सकता है। पूरा दिन व्यस्त रहेंगे। कार्यस्थल में किसी के भरोसे न रहें। आपका मूड बहुत ही अच्छा रहेगा। आपकी कार्यशैली में बदलाव कर सकते हैं। आय से अधिक व्यय न करें।

🐊 *मकर (Capricorn):* ।ACT सामाजिक समारोह में भाग ले सकते हैं। प्रेमी जन आपका मनोबल बढ़ाने में सहायता करेगा। रिश्तों को बचाने का प्रयास करें। आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। बच्चों को नाराज न करें बल्कि उन्हें समय दें। उच्च शिक्षा की तरफ प्रवृत्त होंगे।



⚱ *कुंभ (Aquarius)* :ACT साझेदारी में किये गये कार्यों में अवरोध हो सकते हैं। हृदय रोगियों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिये। जॉब में अचानक जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ेगा। छोटी-छोटी बातों को तूल न दें। आपकी नींद प्रभावित हो सकती है।


🧜‍♀ *मीन (Pisces):* ACT सम्पत्ति सम्बन्धी विवादों का निपटारा होगा। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आयेगा। सरकारी अधिकारियों से लाभ प्राप्त होगा। आपके व्यक्तित्व में आकर्षण रहेगा। दिन खुशनुमा और शान्तिपूर्ण सिद्ध होगा।

ASTROLOGER ASHISH

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

Posted By KanpurpatrikaSunday, November 01, 2020

Monday, October 26, 2020

जाने कैसे बगैर तोड़ फोड़ गणपति आराधना से दूर हो सकता है वास्तु दोष

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जाने कैसे बगैर तोड़ फोड़ गणपति आराधना से दूर हो सकता है वास्तु दोष

 सुन्दर व अच्छा घर बनाना या उसमें रहना हर व्यक्ति की इच्छा होती है । लेकिन घर में व्याप्त वास्तु दोष से काफी समस्याएं आ सकती है । वास्तुदोष के महंगे उपाय करने से पहले अगर आप गणपति आराधना मेंं ध्यान देते है तो आप काफी समस्याओं से बच सकते हैं ।
 क्योंकि आपके कई वास्तु दोषों का ईलाज गणपति पूजा से ही हो जाता है । वास्तु पुरुष की प्रार्थना पर ब्रह्मजी ने वास्तुशास्त्र के नियमों की रचना की थी । यह मानव कल्याण के लिए बनाया गया था , इसलिए इनकी अनदेखी करने पर घर के सदस्यों को शारीरिक , मानसिक , आर्थिक हानि भी उठानी पड़ती है । अतः वास्तु देवता की संतुष्टि के लिए भगवान गणेश जी को पूजना बेहतर लाभ देगा । इनकी आराधना के बिना वास्तुदेवता को संतुष्ट नहीं किया जा सकता । 

उपाय गणपति जी का वंदन कर वास्तुदोषों को शांत किए जाने में किसी प्रकार का संदेह नहीं होता है । मान्यता यह है कि नियमित गणेश जी की आराधना से वास्तु दोष उत्पन्न होने की संभावना बहुत कम होती है । इससे घर में खुशहाली आती है और तरक्की होती है । यदि घर के मुख्य द्वार पर एकदंत की प्रतिमा या चित्र लगाया गया हो तो उसके दूसरी तरफ ठीक उसी जगह पर गणेश जी की प्रतिमा इस प्रकार लगाए कि दोनों गणेशजी की पीठ मिली रहे । इस प्रकार से दूसरी प्रतिमा या चित्र लगाने से वास्तु दोषों का शमन होता है । भवन के जिस भाग में वास्तु दोष हो उस स्थान पर घी मिश्रित सिंदूर से स्वास्तिक दीवार पर बनाने से वास्तु दोष का प्रभाव कम होता है । घर या कार्यस्थल के किसी भी भाग में वक्रतुण्ड की प्रतिमा अथवा चित्र लगाए जा सकते हैं । किंतु प्रतिमा लगाते समय यह ध्यान अवश्य रखना चाहिए कि किसी भी स्थिति में इनका मुंह दक्षिण दिशा या नैर्ऋ त्य कोण में नहीं हो । इसका विपरीत प्रभाव भी हो सकता है ।

घर में बैठे हुए गणेश जी तथा कार्यस्थल पर खड़े गणपति जी का चित्र लगाना चाहिए , किंतु यह ध्यान रखें कि खड़े गणेश जी के दोनों पैर जमीन का स्पर्श करते हुए हों । इससे कार्य में स्थिरता आने की संभावना रहती है । भवन के ब्रह्म स्थान अर्थात् केंद्र में , ईशान कोण एवं पूर्व दिशा में सुखकर्ता की मूर्ति अथवा चित्र लगाना शुभ रहता है । किंतु टॉयलेट अथवा ऐसे स्थान पर गणेशजी का चित्र नहीं लगाना चाहिए जहां लोगों को थूकने आदि से रोकना हो । यह गणेशजी के चित्र का अपमान होगा । सुख , शांति , समृद्धि की चाह रखने वालों के लिए घर में सफेद रंग के विनायक की मूर्ति , चित्र लगाना चाहिए । सर्व मंगल की कामना करने वालों के लिए सिंदूरी रंग के गणपति की आराधना अनुकूल रहती है । इससे शीघ्र फल की प्राप्ति होती है । विघ्नहर्ता की मूर्ति अथवा चित्र में उनके बाएं हाथ की ओर संड घुमी हुई हो इस बात का ध्यान रखना चाहिए । 
सर्व मंगल की कामना करने वालों के लिए सिंदूरी रंग के गणपति की आराधना अनुकूल रहती है । इससे शीघ्र फल की प्राप्ति होती है । विघ्नहर्ता की मूर्ति अथवा चित्र में उनके बाएं हाथ की ओर संड घुमी हुई हो इस बात का ध्यान रखना चाहिए । दाएं हाथ की ओर घुमी हुई सूंड वाले गणेश जी हठी होते हैं तथा उनकी साधना - आराधना कठिन होती है । शास्त्रों में कहा गाया है कि दाएं सूंड वाले गणपति देर से भक्तों पर प्रसन्न होते हैं । मंगल मूर्ति भगवान को मोदक एवं उनका वाहन मूषक अतिप्रिय है । अत : घर में चित्र लगाते समय ध्यान रखें कि चित्र में मोदक या लड्डू और चूहा अवश्य होना चाहिए । इससे घर में बरकत होती है । इस तरह आप भी बिना तोड़ - फोड़ के गणपति पूजन के द्वारा से घर के वास्तुदोष को दूर कर सकते हैं


Posted By KanpurpatrikaMonday, October 26, 2020

Saturday, September 19, 2020

नशा और नशे बाज़ ,एक उलझा हुआ जाल

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सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या करने बाद बहस शुरू हुई कि यह आत्महत्या है या फिर हत्या,केस की जांच पडताड़ के बीच यह  मामला दो राज्यो की अस्मिता बन गया । विवाद और बड़ गया जब बिहार पुलिस को बी एम सी ने 14 दिन क्वारन्टीन रहने को कह दिया।
टी वी चैनल से लेकर सोशल मीडिया तक मे इस मामले को राष्ट्रीय स्तर का बना दिया। मामला अब सुशांत की हत्या और आत्म हत्या से बढ़ कर राजनीति की गलियों में प्रवेश करते जा रहा था।
दिनप्रतिदिन न्यूज़ चैनल को इस मामले में टीआरपी बढ़ती मिल रही थी वही राजनीति गलियारों में उन्हें राजनीति और जो चर्चा से बाहर थे उन्हें भी इस मामले में लाइम लाइट होने तक भरपूर मौका मिल रहा था।
कुल मिलाकर सुशांत की हत्या आत्महत्या से सब अपने अपने उल्लू को सीधा करने में लगे हुए थे।
शायद काफी दिनों बाद महीनों तक कोरोना के चलने वाली ख़बर जो हाथ लगी थी इस मौके को कोई कैसे छोड़ सकता था। मामला और पेचीदा हो गया जब सुशांत केस में ड्रग्स का मामला सामने आया।केस सी बी आई के हाथ मे था लेकिन जांच का रुख अब ड्रग्स और नशे के कारोबार की ओर बढ़ गया। अभिनेत्री समेत कई ड्रग माफिया और ड्रग का सेवन करने वाले जेल जा चुके थे लेकिन केस एक बार फिर बॉलीवुड से पुलिस राजनीति सी बी आई से होता हुआ और वापस बॉलीवुड के रण क्षेत्र में आ चुका था।  अब बॉलीवुड दो गुटों में बट चुका था ।कोई बाहर वाले तो कोई थाली में खा कर छेद करने की बात करने लगा ।बात सिर्फ इतनी सी थी कि बॉलीवुड में कौन नशे का सेवन करता और कौन नही करता।
कहने को तो कोई भी पाक साफ नही होगा लेकिन मौका अपनी छवि आम जनता के बीच मे भुनाने का था तो कोई भी  इस हाथ लगे मौके को कैसे छोड़ देता। 
केस वही था सुशांत की हत्या या आत्महत्या।
बात अब नशे और नशे के सौदागरों पर आकर शुरू हो गई थी। कोई भी आम मजदूर रिक्शेवाले या दिहाड़ी मजदूर जो 8 से 10 घंटे तक मजदूरी करता है वह काम शुरू होने से पहले नशे का सेवन करता या फिर खत्म होने के बाद ये बात आम है और सभी इस बात से परिचित भी है।
वही बॉलीवुड में अभिनेता और अभिनेत्री से लेकर क्रू मेंबर तक जो 8 8 घंटे की शिफ्ट  में लगातार काम करते रहते है स्वभाविक सी बात है कि वह अपनी थकावट दूर करने के लिए किसी न किसी प्रकार के नशे का सेवन जरूर करते होंगे।  अंतर इतना कि कुछ सामने आ जाते है और ज्यादा संख्या वाले छुपे ही रह जाते है।
यह बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री है यहाँ नशे की ही नही किसी भी किस्म के मुद्दे को उठाएंगे तो छोटे से लेकर बडे तक सभी इसकी जद में आ जाएंगे।मामला कास्टिंग काउच का हो मी टू का हो डी2 गैंग या अन्य माफियाओ का पैसा फिल्मो में लगता हो शोषण हो या किसी को काम दिलाना हो या नही ।
सब की सब हमाम में नंगे है। यह कहावत बॉलीवुड में 100 प्रतिशत सटीक बैठती है। येक ऐसा जाल है जो उलझा भी है इसमें फॅसे भी सभी है।

Posted By KanpurpatrikaSaturday, September 19, 2020

Thursday, June 25, 2020

जब दर्शको ने कहा थैंक्यू यू बिग बी

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कोरोना काल में मास्क जीवन का हिस्सा बन चुका है । यह एक अंग्रेजी का शब्द है । मास्क कहने की इतनी आदत सी पड़ गई है कि किसी ने सोचा ही नहीं कि जीवन के लिए बेहद जरूरी इस मास्क को हिंदी में क्या कहते हैं । मास्क को हिंदी में कहते हैं- नासिकामुखसंरक्षक कीटाणुरोधक वायुछानक वस्त्रडोरीयुक्तपट्टिका । यह अनुवाद वाकई मास्क को हिंदी में अच्छी तरह से परिभाषित कर रहा है । नाक और मुंह की रक्षा करने के साथ कीटाणुओं को रोककर हवा को छानने वाली कपड़े से बनी यह पट्टी डोरी से ही तो बांधी जाती है ।
अब इस मास्क जो कि जीवन का जरूरी हिस्सा बन चुका हूं का हिंदी अनुवाद  महानायक अमिताभ बच्चन ने कर लिया है । अमिताभ ने इंस्टाग्राम पर मास्क पहने एक तस्वीर साझा की है , जिस पर उनकी हाल ही में रिलीज फिल्म गुलाबो सिताबो का पोस्टर छपा हुआ है । इस तस्वीर को साझा करने के साथ ही उन्होंने इंस्टाग्राम पर हल्के फुल्के अंदाज में लिखा कि बड़ा परिश्रम करने के बाद उन्हें मास्क का हिंदी अनुवाद आखिरकार मिल ही गया । 

Posted By KanpurpatrikaThursday, June 25, 2020

Monday, June 15, 2020

सुशांत के शांत होने की क्या ये थी वजह !

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हने को तो यह #सिल्वर #स्क्रीन है लेकिन कही न कही वह स्क्रीन #डार्क ब्लैक भी है। #सुशांत की #मौत ने जहां #बॉलीवुड में कई #दशक पहले #आत्महत्या कर जान देने वाली #दिव्या #भारती की याद दिला दी तो वही #गुलशन कुमार #हत्याकांड को फिर से ताजा कर दिया।

अगर बात करे #बॉलीवुड की #सिल्वरस्क्रीन पर चमकने की तो यहां किसको चमकाना और किसको मिटाना है यह ऊपर बैठे #'आका ' तय करते है। #आशिकी फिल्म में #अनु अग्रवाल और #राहुल राय की जोड़ी ने फिल्म  को #सुपर-डुपर हिट करा दिया, नवजवानो के दिलों में #आशिकी फिल्म सर चढ़ कर बोल रही थी, लेकिन उसके बाद न #राहुल रॉय को #हिट फिल्म मिली न ही अनु अग्रवाल को। वैसे ही जैसे #लगान फिल्म में #आमिर खान के साथ #ग्रेसी सिंह ने जबरदस्त #अभिनय कर #सुर्खियाँ तो बटोरी लेकिन उसके बाद जैसे #गायब ही हो गईं।
 यह कुछ उदारहण हैं की #सिल्वर स्क्रीन असल में #ब्लैक #स्क्रीन है जहां जो दीखता है वो बिकता नहीं और जो बिकता है वो दिखता नहीं। बेचना क्या है और दिखाना क्या है, यह ऊपर बैठे आका तय करते है और अगर उन आकाओं की #लाइन से #लाइन मिला कर आप नहीं चलते ,तो शायद आप की #लाइफलाइन भी न चल पाए। न जाने कितने #स्टार #चमकते #सितारों की तरह आए और कहा अंधेर में गुम हो गए, पता ही नहीं चला। न जाने कितने अँधेरे से आए और सितारों की तरह चमक रहे हैं। 
 अगर यह कहा जाए कि #सुशांत सिंह #राजपूत ने #आत्महत्या कर ली #डिप्रेशन में आकर तो यह कहना गलत हो सकता है कि जो #संघर्ष की #सीढ़ी चढ़ कर ऊपर गया हो, वह कभी #आत्माहत्या नहीं कर सकता। हां, उसे #सुसाइड करने के लिए #उकसाया जा सकता है। 
 अगर #कैरियर की चिंता से कोई ज्यादा #डिप्रेशन में आ जाए तो वह जाएगा जिसकी अपनी #पत्नी हमेशा #लाइम लाइट  में रहती हो ,जिसके #पिता हमेशा चर्चा में रहते हो और वह बंदा ज्यादा कुछ उस #सिल्वर #स्क्रीन में अपने बलबूते न कर पाया हो, क्या उसे #डिप्रेशन नहीं हो सकता, हो सकता है लेकिन नहीं हुआ क्योंकि उसको मालूम है की उसको करना क्या है। लेकिन  यहां जो #आत्महत्या कर रहा है वह #आत्महत्या न करके अपने #करियर को यूं ही खत्म नहीं कर सकता क्योंकि वो जनता है की उसका करियर तो अब #परवान चढ़ा है। मैं अपने ही करियर को क्यों ख़त्म करू और यह बात मैं किसी से कह भी नहीं सकता तो करू तो क्या करू एक तरफ #कुआं है तो दूसरी तरफ #खाई ,जो सही समझ में आया वह चुन लिया, जिस उम्र में संघर्ष होता है उस उम्र में कोई #डिप्रेशन में जा रहा है अर्थात उसके ऊपर इतना #प्रेशर है की वह करे क्या, किसको बताए कि वह #दोहरे #चरित्र में जी रहा है और दोहरे चरित्र में सबसे #हंसता-बोलता है लेकिन वही जो ब्लैक स्क्रीन का चरित्र है, उसे वो पसंद नहीं आता। अब उन दोनों चरित्रों में लड़ाई होती है और जीतता है वो नकली चरित्र जिसके #सोशल #मीडिया में अनगिनत #फलोवेर्स व दोस्त हैं जिसको काफी लोग #पसंद करते है ंलेकिन सच क्या है ये तो वो जानता है जो गया या वो जानता है जिसने उसे भेजा है। 
वो लोग ऐसे सफेदपोश हैं जिनके सभी से अच्छे सम्बन्ध हैं और इस खेल में सभी शामिल हैं। उनकी थ्योरी है- “हमाम में सब नंगे हैं, जो नहीं हैं, उनको नंगा करो क्योंकि अगर एक भी पकड़ा गया तो सभी पकड़े जाएँगे।” उन्होंने खुलासा किया कि कास्टिंग डायरेक्टर वगैरह कट/कमीशन स्ट्रेटेजी पर काम करते हैं और शिकार के रूप में ऐसे नॉन-मुम्बइया अभिनेताओं को ढूँढ़ते हैं, जिनका न कोई कनेक्शन हो और न ही ज्यादा संपत्ति हो।

#सवाल #कई है #लेकिन #जवाब #एक ही है - #ॐ शांति।
Ashish C Tripathi 

Posted By KanpurpatrikaMonday, June 15, 2020