Monday, February 25, 2019

वृषभ राशि वालो के रुके हुए काम होंगे पूरे देखै26 फरवरी के राशिफल https://youtu.be/FMjSsSKkzgs

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वृषभ राशि वालो के रुके हुए काम होंगे पूरे देखै26 फरवरी के राशिफल https://youtu.be/FMjSsSKkzgs

Posted By KanpurpatrikaMonday, February 25, 2019

Friday, February 22, 2019

जाने ईश्वर आपकी मदद कैसे करते है

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जाने ईश्वर आपकी मदद कैसे करते है
अक्सर हम सभी का यह प्रश्न रहता है की क्या ईश्वर है
अगर है तो क्या वह हमारी मदद करते है !
और जब वो हमारे साथ हर पल रहते है अगर हा तो कैसे समझे की ईश्वर खुद हमारी मदद कर रहे है !
इन सभी बातो और प्रश्नों को लेकर यह हमारा विडियो है इस विडियो को अंत तक अवश्य जरर देखे और ऐसे ही धार्मिक वीडियोस देखने के लिए हमारे यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब अवश्य करे |
हम यह कैसे माने की ईश्वर हमारी मदद करते है और यह अहसास कैसे लगे की हो कि  ईश्वर है और इस विश्वाश को और दृणता से कैसे कहे की हा ईश्वर हमारी मदद करते है और वो हमें मुश्किल पलो से बचाते है |
क्या ईश्वर सबके साथ होता है यह वह कुछ भाग्यशाली लोग ही होते है जिनकी ईश्वर मदद करता है |इन सभी सवालो के जवाब के लिए आप हमरा यह विडियो अंत तक अवश्य देखे और पसंद आने पर लाइक और सब्सक्राइब अवश्य करे ।

ईश्वर इस प्रथ्वी पर है और कुछ भाग्यशाली लोगो की मदद के लिए हमेशा अग्रसर रहते है और उनके साथ मित्रवत व्यवहार  भी करते है और वो भाग्यशाली लोग जब किसी मुसीबत में फसते है तो ईश्वर तुरंत उन्हें उस मुसीबत से बचा लेते है |बिगडे कामो को ईश्वर खुद आकार आसान  बना देते है और ऐसे ही भाग्यशाली लोगो में जिन्हें ईश्वर मदद करता है उसमे कही आप का नाम तो नहीं जानिए ।
कुछ खास नाम वाले लोग और कुछ भाग्यशाली लोग जिनकी मदद के लिए ईश्वर हमेशा आगे  रहेत है आइये जानते है की वो कौन से संकेत है जिसने हम यह जान सकते है की ईश्वर हमारी मदद  कर रहे है |
संकेत नंबर एक “
जब भी आप किसी बड़ी मुसीबत में फस जाए और आपको बचने का कोई रास्ता न दिखे और कोई अंजान व्यक्ति या जानकार ही क्यों न जो बैगैर लालच  के आपकी मदद के लिए आये और आप को बचा ले तो समझ लेना ईश्वर  आपकी मदद के लिए स्वयं आये है |
संकेत नंवबर दो
जब भी आप यह मान बैठे की आप हार गए है और कोई रास्ता नज़र भी नहीं आ रहा है और अचानक कोई आपकी मदद करे या कोई ऐसा विचार जो आपकी हार को जीत में बदल दे तो तुरंत समझ जाना की ईश्वर आपकी मदद कर रहे है |
संकेत नंबर ३ जब भी आप किसी कार्य को कठिन समझे या किसी कार्य के लिए जा रहे हो और वह काम अपने आप बन जाए आसान  लगे जिसको आप मुश्किल समझ रहे थे तो समझ लेना ईश्वर ने आपका कठिन कार्य खुद आसान बना दिया है |
संकेत नंबर 4 जब भी स्वप्न में आप मंदिर पूजा घर पूजा पाठ मंत्र उच्चारण करते दिखे तो समझ लेना की ईश्वर आपके साथ है |
संकेत नंबर पांच जब भी आपकी नींद प्रातः ३ से 5 बजे के बीच अचानक खुल जाए तो इसे व्यर्थ न जाने दे यह ईश्वर का सीधे तौर पर संकेत होता है की वह आपको कुछ दे रहे है |
संकेत नंबर 6 जब भी आप उदास हो और आपके काम न बन रहे हो और कोई आकर आपसे कहे की यह काम सिर्फ तुम ही कर सकते हो तो समझ लेना की ईश्वर ने खुद आकार आपकी मदद की है |
KASPM अर्थात K A S P M  नाम अक्षर वाले जातक जिनका नाम इन अक्षरों से शुरू होता है ईश्वर उनकी मदद अवश्य करते है |
अगर आप के साथ भी   ईश्वर के इन सात संकेतो में से कोई भी संकेत मिल रहे है तो आप अवश्य यह समझ लीजिये की ईश्वर आपकी मदद कर रहे है और उस ईश्वर या कुल देवी की आप ज्यादा निष्ठा दृणता और विश्वास के साथ पूजा करे क्योंकि वह आपकी मदद करते ही रहेंगे|

Posted By KanpurpatrikaFriday, February 22, 2019

Thursday, February 21, 2019

पुलवामा के शहीदों को नमन

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भारत माँ के नारों से गूंज रहा हिमालय था
चौक चौराहो पर घूम रहा टोला दीवानो का था।
माँ के आंचल को लपेट सोया सैनिक दीवाना था
देश के लिए बलिदान दिया वो भाई हमारा था।
मौत को डराकर बांधे अपने बाजुओ में जो
रोशन करता नाम एक माँ का नही देश का वो ।
पता नही सैनिक की शहादत पर रोते है
वो तो खुशनसीब है जो माँ के आँचल से लिपटे है।
कौन कहता है सैनिक वीर गति को प्राप्त हुआ
वो तो लाखों में था जो अपनी माँ से मिला।
माना कि हम सभी देश भक्त है
पर वो तो माँ की सेवा में अभी भी मस्त है।
मौत भी रुककर झुककर सोचती होगी
इन वीरो की माँ किस दूध से इन्हें पोसती होगी।
एक ओर धरती एक ओर आसमान होता है
जब शहीद सैनिक का सम्मान होता है।
कभी दिल्ली कभी मुम्बई चाहे पुलवामा कर लो
बस एक बार सीना तान हमारी आंखों में देख लो।
हम समझ लेंगे बहादुर तुम भी हो
दूध और खून का रंग एक हो हो
पता नही क्यों तुम्हारी परवरिश में इतना भेद है
इसलिए ही तुम्हारी देश भक्ति में इतने छेद है।

Posted By KanpurpatrikaThursday, February 21, 2019

Wednesday, February 20, 2019

राहु का गोचर सबसे बड़ा झूठ

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आगामी 7 मार्च 2019 को राहु कर्क राशि को छोड़ कर अपनी उच्च राशि मिथुन में जा रहे है ।
और इस राशि परिवर्तन पर इंटरनेट पर फेसबुक, यूट्यूब चैनल, वेबसाइट्स पर इस राहु के गोचर पर विद्धवान ज्योतिषयोँ ने काफी लिखा हुआ है। जिससे काफी ज्यादा जातक परेशानी में है ।
कारण कुछ ज्योतिषी किसी राशि के लिए इसको लाभप्रद बता रहे है तो कोई नुकसान देह कोई उत्तर दिशा में फलित कर रहा है तो कोई दक्षिण दिशा में ।
इससे सामान्य जातक जो क्रेजी है उत्साहित है या वो जातक जो कई दिनों से आर्थिक रूप से परेशान है वो इस राशि परिवर्तन को बडी आस भारी नज़रो से देख रहे है कि शायद यह परिवर्तन उनको भी कुछ परिवर्तित कर दे ।लेकिन वो मझधार में फस गया कौन सच कह रहा कौन झूठ वो समझ ही नही पा रहा ।
ऎसे में उसे ज्योतिष पर ही संदेह होने लगता है।
आज यह लेख सिर्फ आप लोगो के लिए ही है कि ज्योतिष संदेह की दृष्टि से देखी जाने वाली विधा नही है संदेह से देखना है तो ज्योतिषी को देखो । दूसरा की चंद्र राशि और नाम राशि से किसी के भी जीवन का अगला पिछला बता पाना इतना आसान होता तो शायद कोई भी दूसरा आदमी पत्रकार की तरह ज्योतिषी होता ।
ज्योतिष में गणित औऱ फलित फिर ईष्ट देव की कृपा इन सब के बाद एक ज्योतिषी 70 प्रतिशत तक फलादेश करता है जब सूक्ष्म निरीक्षण करता है। चंद्र देव एक राशि पर सवा दो दिन गोचर में रहते है और इस समयावधि में सैकड़ो की संख्या में शिशु जन्म लेते है और इन सब का देह रंग व्यवहार और कर्म अलग अलग होता है
फिर इन वीडियोस को देख कर आप न खुश हो न दुखी किसी परिचित के जानकार ज्योतिषयोँ को कुंडली दिखाए और उसके बाद ही कोई भी उपाय जैसे दान रत्न धारण मंत्र जाप आदि करे।
और ज्योतिष सिर्फ आपको राह दिखाती है और उस पर मुश्किलो को थोड़ा बहुत कम किया जा सकता हैं न कि परिवर्तित । कर्म ही सबसे बड़ा धर्म है ।
पंडित आशीष जी त्रिपाठी
ज्योतिषचार्य व लेखक

Posted By KanpurpatrikaWednesday, February 20, 2019

Monday, October 15, 2018

वस्तु उपाय

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☆☆ ज्योतिष-झरोखा - 105

★ नक्षत्र + निवास

•• आजकल समय और परिस्तिथियाँ ऐसे हो गए हैं कि - अपना घर लेना और उसे अपनी इच्छा अनुसार बनाना आसान काम नहीं है । मत्स्य-पुराण, भविष्य-पुराण और स्कन्द-पुराण में वास्तु विषयक सामग्री मिलती है । परंतु महानगरों व् नगरों में सभी को वास्तु का लाभ मिल जाये, ऐसा असंभव सा होता जा रहा है । अथवा समस्या होता जा रहा है । शहरों की स्थिति ऐसी हो गई है कि - जहाँ जगह मिले निवास कर लो । ऐसे में वास्तु-सिद्धांत कैसे अपनाये जायें । अगर कोई किराये पे रहता है तो ये और भी जटील समस्या हो जाती है । व्यक्ति सदा इस बात से चिंतित रहता है कि - मेरा घर, मेरे लिये शुभ है कि नहीं ।
लेकिन हमारे शास्त्रों ने, ग्रंथो ने और विभिन्न पुस्तकों ने हमें कई उपाय सुझाएं हैं । जैसे एक ये है कि - जिस नक्षत्र में आप जन्मे है उससे संबंधित सामग्री से घर की सजावट करें तो आपका घर आपके लिये बहुत अनुकूल हो सकता है । कई दोषों का निवारण भी हो सकता है ।
जैसे - अगर आप अश्विनी, मघा अथवा मुला नक्षत्र में जन्मे है तो ध्यान रखे कि - आप केतु के नक्षत्र में जन्मे हैं ।
घर के पर्दे और बेदशीट्स का रंग धूम्र अथवा मटमैला सा हो तो सार्थक होगा । बैठक में एक ड्रैगन का चित्र अला-बला, जादू-टोने और भूत-प्रेत के डर से रक्षा करेगा । घर में गुलाब अथवा चन्दन की सुगंध फैली हो और चन्दन की लकड़ी की कोई सुन्दर वस्तु हो तो शक्ति मिलती है । बैडरूम में कांसे की कोई प्रतिमा याँ पंच-धातु का कोई आभूषण अवश्य रखें ।
लेकिन पहले कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान अवश्य रखें ।
बैडरूम की दीवारों पर ज्यादा कीलें ना ठुकी हो, नहीं तो चैन की नींद मुश्किल हो जाती है । घर का फर्नीचर बहेड़ा, पीपल, बरगद और करंज की लकड़ी से ना बना हो अन्यथा अशांति, क्लेश और प्रेतबाधा तक हो सकती है । बैडरूम में सांप, ड्रैगन के चित्र ना लगायें, ये चित्र यौनजीवन में विसंगतियां लाते हैं । पूर्व दिशा याँ उत्तर दिशा में स्टोर अथवा कबाड़खाना नहीं होना चाहिये । घर में इन दिशाओं में जितना कम भार होगा गृहस्थी उतनी ही सुखपूर्वक चलेगी । पानी का संग्रह उत्तर-पूर्व दिशा में करें । पश्चिम और उत्तर दिशा में सर करके सोने से रोग और अशांति होती है । खिड़कियों के कांच टूटे-फूटे हो तो छोटी-मोटी समस्यायें घर में लगी ही रहती हैं । खिड़कियां घर में अंदर की तरफ खुलती हो तो शुभ होता है ।
वास्तु-शास्त्री खिड़कियों को वास्तु की आँख कहते हैं, ये ज्ञान प्राप्ति का शक्तिशाली माध्यम है ।
उस कमरे में कदापि नहीं सोना चाहिये जिस कमरे की छत ना हो । घर में सीलन ना हो और प्रवेश द्वार का रंग उखड़ा ना हो, ये दरिद्रता और रोग के सूचक माने जाते हैं । घर के मुख्य द्वार के पास कूड़ा-करकट अशुभ फल देता है ।
घरों में वार्डरोब बनाने का फैशन भी है । अगर आप अपने घर में वार्डरोब बना रहे हैं तो इसे दक्षिण याँ पश्चिम में बनाना बेहतर रहेगा । चाहे पूरी दीवार ही क्यों ना घिर जाये । लेकिन अगर ऐसा संभव ना हो तो पूर्व और उत्तर में भी इसे बनाया जा सकता है लेकिन फिर पूरी दीवार नहीं घेरी जानी चाहिये । ईशान-कोण तो खुला रखना ही होगा । sb
अगर आप भरणी, पूर्वा-फाल्गुनी अथवा पूर्व-षाढा नक्षत्र में जन्मे है तो ध्यान रखे - आप शुक्र के नक्षत्र में जन्मे हैं । आपको अपने घर में सफ़ेद याँ फिरोज़ी रंग का इस्तेमाल करना चाहिये । स्फटिक के शो-पीस अथवा सफ़ेद चन्दन की लकड़ी के फ्रेम से जड़ी तस्वीरें आपको सुख प्रदान करेगी । आप अंग्रेजी रंग याँ कम चटकीले रंग भी घर की दीवारों पर लगा सकते हैं । मछली आकार वाले किसी बर्तन में पानी भरकर बैडरूम में रखना आपको बहुत सुख और शान्ति देगा ।
अगर आप कृतिका, उतरा-फाल्गुनी अथवा उतरा-षाढा नक्षत्र में जन्मे हैं तो आप सूर्य के नक्षत्र में जन्मे हैं । हल्क़े गुलाबी रंग अथवा कत्थई रंग का उपयोग आपके घर के लिये शुभ होगा । ताँबे की बनी वस्तुएं आपके घर की सजावट के लिये बहुत शुभ होगी । काले और गहरे नीले रंग का उपयोग ना करें । प्राकृतिक सुंदरता के चित्र और आकर्षक जानवरों के चित्र सजाने से मन को शान्ति मिलती है । रात्रि में सोते समय सिरहाने से लाल-चन्दन याँ एक ताँबे का टुकड़ा अवश्य रखें । sb
अगर आप रोहिणी, हस्त अथवा श्रवण नक्षत्र में पैदा हुये हैं तो आप चंद्र के नक्षत्र में पैदा हुये हैं । घर की सजावट में कलाकृतियां और चांदी का उपयोग भावनात्मक सुख देता है । बेडशीट्स और पर्दे, मोती जैसे रंग के हो तो सोने पे सुहागा होगा । घर में चमेली की सुगंध राहत प्रदान करती है । चांदी के शो-पीस और आभूषण उत्तम होंगे । वैसे हल्के पीले रंग का उपयोग भी सुखकारी होगा ।
अगर आपने मृगशिरा, चित्रा अथवा धनिष्ठा नक्षत्र में जन्म लिया है तो आपने मंगल के नक्षत्र में जन्म लिया है । सेनापति मंगल के नक्षत्र में जन्मे लोगों को घर की सजावट के प्रति थोड़ा सतर्क रहना चाहिये । सिन्दूरी और कोका-कोला जैसा रंग आपके घर के लिये शुभ सिद्ध होगा और ताँबे से बनी वस्तुएं सजावट के लिये उत्तम है । नीले और काले रंग का प्रयोग आप ना करें । दीवारों पर वीरतापूर्ण कारनामों के चित्र आपके मन प्रसन्न रख सकते हैं । sb
अंत में, फ्लैट याँ घर लेते समय ध्यान रखें कि - उत्तर याँ पूर्व में खिड़कियां अवश्य हो । पूर्व में खिड़कियां ना होने से बच्चों की पढ़ाई और हेल्थ पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है । और उत्तर में खिड़कियां ना होने से आर्थिक व्यवस्था का संतुलन बिगड़ जाता हैं । sb
फैशन और आधुनिकता के चलते लोग घरों में बड़े-बड़े और सुन्दर दर्पण लगाते हैं । ताकि अपनेआपको सजते संवरते देखा जा सके । अपनी सुंदरता का आंकलन किया जा सके और कमी बेशी को दूर किया जा सके । sb
ध्यान रखे कि - दर्पण की ऊँचाई ऐसी हो कि - उसमे पैरों का प्रतिबिम्ब ना दिखाई दे । सात फ़ीट की ऊँचाई में नीचे के तीन फ़ीट छोड़कर ऊपर के चार फ़ीट में ही दर्पण लगाया जाना चाहिये । दर्पण की लंबाई-चौड़ाई समान होनी चाहिये । अगर लंबाई की तुलना में चौड़ाई कम हो तो और अच्छा होगा । sb
अगर आप आर्द्रा, स्वाति अथवा शतभिषा नक्षत्र में जन्म लिये हैं । तो आपने राहु के नक्षत्र में जन्म लिया है । कबूतरी रंग, हल्का काला और नीला रंग इस नक्षत्र में जन्मे लोगों को खूब रास आता है । इसके विपरीत पीला और गहरा लाल रंग अशांति उत्पन्न कर देता है । दीवारों पर हिंसक पशुओं के चित्र मानसिक शान्ति भंग कर सकते हैं । स्टीलयुक्त लकड़ी से बना फर्नीचर घर के लिये उत्तम सिद्ध होगा ।
अगर आप पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वा-भाद्रपद नामक गुरु बृहस्पति के नक्षत्रों में जन्म लिये है । तो दीवारों पर पीला रंग तथा पीतल से बने शो-पीस आपको शान्ति और समृद्धि दोनों ही देंगे । सुनहरा और पीली आभा लिये सफ़ेद रंग भी आपके लिये उत्तम सिद्ध होगा । sb दीवारों पर फलों और वनस्पतियों के चित्र आपको राहत देंगे । फूलदान में ताजे फूल रखने से समृद्धि बढ़ती है । घर में स्वर्ण-पात्र और स्वर्ण शो-पीस भी उत्तम सिद्ध होते हैं । बादामी, चिरौंजी और स्वर्ण रंग का भी उपयोग कर सकते हैं । sb
अगर आप पुष्य, अनुराधा अथवा उतरा-भाद्रपद नक्षत्र में जन्म लिये हैं तो आप शनि के नक्षत्र में जन्म लिये है । दीवारों पर नीला रंग स्वास्थ और समृद्धि के लिये बहुत अच्छा है । वैसे कबूतरी रंग और आसमानी रंग भी सुखद सिद्ध होगा । सजावट के लिये शुद्ध स्टील अथवा मिश्रीत धातुओं का प्रयोग कर सकते हैं । जामिनुया और बादली रंग का उपयोग दुर्घटनाओं से आपकी रक्षा करेगा । संतो और महापुरुषों की तस्वीरे बैठक में लगाने से सुखद अहसास होता है । sb
अगर आप अश्लेषा, ज्येष्ठा अथवा रेवती नक्षत्र में जन्मे हैं तो आप बुध के नक्षत्र में जन्मे हैं । दीवारों पर हरा और हल्का रंग आपको विवादों से बचाता है । दूर्वा-रंग और लकड़ी का अधिक प्रयोग बहुत शुभ होता है । सजावट के लिये हरे-भरे मैदानों के चित्र और विचित्र रंगों के चित्र उत्तम होते हैं । शुभ्र और कत्थई रंगो का उपयोग ना करें ।सजावट में तुम्भी का प्रयोग समृद्धि देता है । sb
बहरहाल शयनकक्ष में फूलों का गुलदस्ता अवश्य रखें । लेकिन दूध टपकने वाले फूल-पौधे और कटीले गुलदस्ते ना रखें । इसमें गुलाब के फूलों की मनाही नहीं है । देवमूर्ति और पूजा के उपकरण सजावट के लिये उपयोग ना करें तो अच्छा है । बैडरूम में दवाइयाँ, कटु रस के पत्ते, जुठे बर्तन और झाड़ू नहीं रखने चाहिये । संध्या के समय ईशान-कोण में घी का दीपक लगाने से खुशहाली और समृद्धि बढ़ती है । sb
सुरेश भारद्वाज - उल्हासनगर, मुम्बई.

Posted By KanpurpatrikaMonday, October 15, 2018