Tuesday, March 9, 2021

❖▩ஜआज का पंचांग, 10 मार्च 2021, बुधवार,❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग, 10 मार्च 2021, बुधवार,❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
          ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

10 मार्च 2021, बुधवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष, फाल्गुन मास की प्रविष्टा 27, उत्तरायण, दक्षिणगोल, बसन्त ऋतु, तिथि द्वादशी दोपहर 2:41 तक तदनन्तर त्र्योदशी, नक्षत्र श्रवण, सूर्योदय 6:40am, सूर्यास्त 6:28pm, राहुकाल दोपहर 12:00 से 1:30

तिथि: प्रदोष व्रत

🐏 *मेष (Aries):*आज ऑफिस की परिस्थितियाँ आपके लिये विशेष रूप से लाभकारी रहने वाली हैं। माता-पिता से आशीर्वाद प्राप्त होगा। रुका हुआ धन आपको वापस प्राप्त हो सकता है। आत्मविश्वास और मनोबल में वृद्धि होगी। इंजीनियर्स को नये प्रोजेक्ट्स में काम मिल सकता है।

🐂 *वृषभ (Tauras):*असंयमित भोजन के कारण स्वास्थ्य नरम हो सकता है। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य अच्छा रहेगा। परिवार जनों के प्रति आप कृतज्ञ रहेंगे। व्यवसाय उत्तम किन्तु धीमी गति से होगा। विश्वसनीय लोगों से ही सम्पर्क रखें। कोर्ट-कचहरी के मामलों में आप भाग्यशाली रहेंगे।

👭 *मिथुन (Gemini)कुछ तनाव भरी स्थितियों का सामना करना पड़ेगा। इस कारण से आप चिड़चिड़े भी हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को जॉब बदलने से पहले थोड़ी जाँच-परख कर लेनी चाहिये। भारी और तलाभुना भोजन करने से आपको बचना चाहिये। किसी रिश्तेदार से शुभ समाचार मिलेगा।

🦀 *कर्क (Cancer):*प्रभावशाली लोगों से आपके सम्बन्ध प्रगाढ़ होंगे। घर में सुख-शान्ति बनी रहेगी। बुद्धि और विवेक का सही उपयोग करेंगे। आर्थिक मामलों में आपको सफलता मिल सकती है। सोशल मीडिया में आप आज काफी सक्रिय रहने वाले हैं। स्वास्थ्य की कोई समस्या दूर होगी।

🦁 *सिंह (Leo):आज कुछ नया सीखने का प्रयास करेंगे। अचल सम्पत्ति के मामले में आपको लाभ प्राप्त होगा। सोचे हुए कार्य आज आसानी से पूरे हो जायेंगे। अपने व्यक्तित्व को निखारने का प्रयास करें। जॉब को लेकर यात्रा हो सकती है। आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*कला क्षेत्र से जुड़े लोगों को आज सम्मान मिलेगा। दाम्पत्य सम्बन्ध में मधुरता रहेगी। भविष्य को लेकर कुछ नये निर्णय ले सकते हैं। मित्रों और बड़े भाई-बहनों की सलाह आपके लिये लाभकारी होगी। नये व्यवसाय को शुरू करने में जल्दबाज़ी न करें। आपके पराक्रम में वृद्धि होगी।

⚖ *तुला (Libra):*परिजनों के स्वभाव से आप व्यथित हो सकते हैं। मनोनुकूल कार्य व्यवसाय शुरू करने में आसानी होगी। कार्यक्षेत्र पर आपको अधिक ध्यान देना पड़ेगा। समाज की भलाई के लिये काम करेंगे। आपकी भावुकता और उदारता का लोग गलत लाभ उठा सकते हैं।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):बच्चों की समस्याओं को सुनेंगे और दूर करेंगे। पैतृक व्यवसाय में आप कुछ नवाचार कर सकते हैं। सुस्त पड़े कारोबार में तेजी आयेगी। धार्मिक स्थल की यात्रा करने की योजना बनायेंगे। विदेश में शिक्षा के लिये उत्सुक छात्रों को लाभ मिल सकता है।

🏹 *धनु (Sagittarius):*परिवार की आवश्यकताओं को प्राथमिकता में रखें। आपको अहंकार से बचना चाहिये। नया वाहन खरीद सकते हैं। छोटी-छोटी बातों को ज्यादा महत्व न दें। असंयमित भोजन के कारण दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। फालतू के कार्यों में अपने मूल्यवान समय को बर्बाद न करें।

🐊 *मकर (Capricorn):*प्रतियोगी परीक्षा में शानदार परिणाम मिल सकते हैं। आकस्मिक धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। व्यापार और नौकरीपेशा दोनों ही तरह के लोगों के लिये दिन काफी शुभ सिद्ध होगा। सभी आवश्यक कार्यों को अपने नियन्त्रण में ही रखें। जीवनसाथी आपको कोई शुभ खबर सुना सकता है।

⚱ *कुंभ (Aquarius)*शारीरिक और मानसिक रूप से थोड़ा थका हुआ सा महसूस कर सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण कार्य के रुकने के कारण निगेटिविटी आ सकती है। लोग आपके कार्य का श्रेय लेने का प्रयास कर सकते हैं। अचानक यात्रा करने से थोड़ी परेशानी होगी। आज आपको दोस्तों के साथ समय बिताना चाहिये।

🧜‍♀ *मीन (Pisces ) *कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिये प्रोत्साहित होंगे। बॉस आपकी पीठ थपथपा सकते हैं। आपनी रचनात्मक अभियोग्यता लोगों के सामने निखर कर आयेगी। किसी बड़ी कम्पनी से जॉब के ऑफर मिल सकते हैं। यदि आप वक्ता हैं तो आपको किसी बड़े मंच से सम्मान मिल सकता है।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaTuesday, March 09, 2021

Monday, March 8, 2021

शनि और चन्द्रमा जनित विषयोग का द्वादश भाव मे प्रभाव

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शनि और चन्द्रमा जनित विषयोग  का द्वादश भाव मे प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार ‘‘आयु, मृत्यु, भय, दुख, अपमान, रोग, दरिद्रता, दासता, बदनामी, विपत्ति, निन्दित कार्य, नीच लोगों से सहायता, आलस, कर्ज, लोहा, कृषि उपकरण तथा बंधन का विचार शनि ग्रह से होता है।

‘‘अपने अशुभ कारकत्व के कारण शनि ग्रह को पापी तथा अशुभ ग्रह कहा जाता है। परंतु यह पूर्णतया सत्य नहीं है। वृष, तुला, मकर और कुंभ लग्न वाले जातक के लिए शनि ऐश्वर्यप्रद, धनु व मीन लग्न में शुभकारी तथा अन्य लग्नों में वह मिश्रित या अशुभ फल देता है।

भावानुसार ‘विष योग’ का फल 
प्रथम भाव (लग्न) -इस योग के कारण माता के बीमार रहने या उसकी मृत्यु से किसी अन्य स्त्री (बुआ अथवा मौसी) द्वारा उसका बचपन में पालन-पोषण होता है। उसे सिर और स्नायु में दर्द रहता है। शरीर रोगी तथा चेहरा निस्तेज रहता है। जातक निरूत्साही, वहमी एवं शंकालु प्रवृत्ति का होता है। आर्थिक संपन्नता नहीं होती। नौकरी में पदोन्नति देरी से होती है। विवाह देर से होता है। दांपत्य जीवन सुखी नहीं रहता। इस प्रकार जीवन में कठिनाइयां भरपूर होती हैं।

द्वितीय भाव -घर के मुखिया की बीमारी या मृत्यु के कारण बचपन आर्थिक कठिनाई में व्यतीत होता है। पैतृक संपत्ति मिलने में बाधा आती है। जातक की वाणी में कटुता रहती है। वह कंजूस होता है। धन कमाने के लिए उसे कठिन परिश्रम करना पड़ता है। जीवन के उत्तरार्द्ध में आर्थिक स्थिति ठीक रहती है। दांत, गला एवं कान में बीमारी की संभावना रहती है।

तृतीय भाव -  जातक की शिक्षा अपूर्ण रहती है। वह नौकरी से धन कमाता है। भाई-बहनों के साथ संबंध में कटुता आती है। नौकर विश्वासघात करते हैं। यात्रा में विघ्न आते हैं। श्वांस के रोग होने की संभावना रहती है।

चतुर्थ भाव -  माता के सुख में कमी, अथवा माता से विवाद रहता है। जन्म स्थान छोड़ना पड़ता है। मध्यम आयु में आय कुछ ठीक रहती है, परंतु अंतिम समय में फिर से धन की कमी हो जाती है। स्वयं दुखी दरिद्र होकर दीर्घ आयु पाता है। उसके मृत्योपरांत ही उसकी संतान का भाग्योदय होता है। पुरूषों को हृदय रोग तथा महिलाओं को स्तन रोग की संभावना रहती है।

पंचम भाव - में विष योग होने से शिक्षा प्राप्ति में बाधा आती है। वैवाहिक सुख अल्प रहता है। संतान देरी से होती है, या संतान मंदबुद्धि होती है। स्त्री राशि में कन्यायें अधिक होती हैं। संतान से कोई सुख नहीं मिलता।

षष्ठ भाव -  जातक को दीर्घकालीन रोग होते हैं। ननिहाल पक्ष से सहायता नहीं मिलती। व्यवसाय में प्रतिद्धंदी हानि करते हैं। घर में चोरी की संभावना रहती है।

सप्तम भाव -  स्त्री की कुंडली में विष योग होने से पहला विवाह देर से होकर टूटता है, और वह दूसरा विवाह करती है। पुरूष की कुंडली में यह युति विवाह में अधिक विलंब करती है। पत्नी अधिक उम्र की या विधवा होती है। संतान प्राप्ति में बाधा आती है। दांपत्य जीवन में कटुता और विवाद के कारण वैवाहिक सुख नहीं मिलता। साझेदारी के व्यवसाय में घाटा होता है। ससुराल की ओर से कोई सहायता नहीं मिलती।

अष्टम भाव - दीर्घकालीन शारीरिक कष्ट और गुप्त रोग होते हैं। टांग में चोट अथवा कष्ट होता है। जीवन में कोई विशेष सफलता नहीं मिलती। उम्र लंबी रहती है। अंत समय कष्टकारी होता है।

नवम भाव -  भाग्योदय में रूकावट आती है। कार्यों में विलंब से सफलता मिलती है। यात्रा में हानि होती है। ईश्वर में आस्था कम होती है। कमर व पैर में कष्ट रहता है। जीवन अस्थिर रहता है। भाई-बहन से संबंध अच्छे नहीं रहते।

दशम भाव -  पिता से संबंध अच्छे नहीं रहते। नौकरी में परेशानी तथा व्यवसाय में घाटा होता है। पैतृक संपत्ति मिलने में कठिनाई आती है। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं रहती। वैवाहिक जीवन भी सुखी नहीं रहता।

एकादश भाव -  बुरे दोस्तों का साथ रहता है। किसी भी कार्य मे लाभ नहीं मिलता। 1 संतान से सुख नहीं मिलता। जातक का अंतिम समय बुरा गुजरता है। बलवान शनि सुखकारक होता है।

द्वादश स्थान -  जातक निराश रहता है। उसकी बीमारियों के इलाज में अधिक समय लगता है। जातक व्यसनी बनकर धन का नाश करता है। अपने कष्टों के कारण वह कई बार आत्महत्या तक करने की सोचता है।

महर्षि पराशर ने दो ग्रहों की एक राशि में युति को सबसे कम बलवान माना है। सबसे बलवान योग ग्रहों के राशि परिवर्तन से बनता है तथा दूसरे नंबर पर ग्रहों का दृष्टि योग होता है। अतः शनि-चंद्र की युति से बना ‘विष योग’ सबसे कम बलवान होता है। इनके राशि परिवर्तन अथवा परस्पर दृष्टि संबंध होने पर ‘विष योग’ संबंधी प्रबल प्रभाव जातक को प्राप्त होते हैं।

इसके अतिरिक्त शनि की तीसरी, सातवीं या दसवीं दृष्टि जिस स्थान पर हो और वहां जन्मकुंडली में चंद्रमा स्थित होने पर ‘विष योग’ के समान ही फल जातक को प्राप्त होते हैं।

उपाय शिवजी शनिदेव के गुरु हैं और चंद्रमा को अपने सिर पर धारण करते हैं। अतः ‘विषयोग’ के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए देवों के देव महादेव शिव की आराधना व उपासना करनी चाहिए। सुबह स्नान करके प्रतिदिन थोड़ा सरसों का तेल व काले तिल के कुछ दाने मिलाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हुये ‘ऊँ नमः शिवाय’ का उच्चारण करना चाहिए।

उसके बाद कम से कम एक माला ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जप करना चाहिए। शनिवार को शनि देव का संध्या समय तेलाभिषेक करने के बाद गरीब, अनाथ एवं वृद्धों को उरद की दाल और चावल से बनी खिचड़ी का दान करना चाहिए। ऐसे व्यक्ति को रात के समय दूध व चावल का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे चंद्रमा और निर्बल हो जाता है।

Posted By KanpurpatrikaMonday, March 08, 2021

❖▩ஜआज का पंचांग, 9 मार्च 2021, मंगलवार,❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग, 9 मार्च 2021, मंगलवार,❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
          ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

9 मार्च 2021, मंगलवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष, फाल्गुन मास की प्रविष्टा 26, उत्तरायण, दक्षिणगोल, बसन्त ऋतु, तिथि एकादशी सायं 3:03 तक तदनन्तर द्वादशी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, सूर्योदय 6:45 प्रातः , सूर्यास्त 6:28 सायं , राहुकाल अपरान्ह 3:00 से 4:30

तिथि : विजया एकादशी व्रत

🐏 *मेष (Aries):*कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव मजबूत होगा। सम्मानित व्यक्तियों के बीच आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सन्तान की प्रगति से गर्व की अनुभूति होगी। ऑफिस में आपका वर्चस्व मजबूत होगा। पैतृक सम्पत्ति के मार्ग में आ रही बाधा दूर होगी। शासन की योजनाओं का लाभ मिलेगा।

🐂 *वृषभ (Tauras):*परिस्थितियों को सही दिशा में प्रयोग करने की कोशिश करें। धार्मिक कार्यों में आप विशेष रुचि लेंगे। व्यावसायिक यात्रा का लाभ मिलेगा। नयी नौकरी के लिये इंटरव्यू दे सकते हैं। मेहनत का सकारात्मक फल मिलने से मानसिक सन्तोष प्राप्त होगा। दाम्पत्य सम्बन्धों को मधुर बनाने का प्रयास करेंगे।

👭 *मिथुन (Gemini) मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। मान-सम्मान की चिन्ता रहेगी। अनावश्यक कार्यों में व्यस्तता हो सकती है। प्रेम सम्बन्धों में एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें। गुस्से के कारण परिजनों से मतभेद उभर सकते हैं। अपनी योजनाओं में अचानक बदलाव न करें।

🦀 *कर्क (Cancer):*अपनी क्षमताओं का सदुपयोग करें। व्यवसाय में विशेष आर्थिक निवेश कर सकते हैं। प्रेम सम्बन्धों में मधुरता बढ़ेगी। समाज के कार्यों में आप सहयोग करेंगे। लोग आपकी बातों से प्रभावित रहेंगे। आराम और मनोरञ्जन के मूड में रहेंगे।

🦁 *सिंह (Leo):जीवनसाथी के प्रति भावनात्मक लगाव बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में सभी काम सुचारू रूप से हो जायेंगे। पुराने मित्रों से अचानक मुलाक़ात हो सकती है। अपनी योजनाओं में बदलाव कर सकते हैं। मार्केटिंग और फाइनेंस क्षेत्र से जुड़े लोगों को धन लाभ होगा।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*अपने ऊपर अत्यधिक विश्वास करने से बचें। कोई बड़ा व्यावसायिक निर्णय लेने का अवसर मिलेगा। समय की महत्व को कम न आँकें। करियर में आगे बढ़ने के लिये सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। रुका हुआ सरकारी काम आज पूरा हो सकते हैं।

⚖ *तुला (Libra):*अपने विचारों को सदैव सकारात्मक रखें। नकारात्मक विषयों पर चिन्तन करने के बजाय अपने काम पर ध्यान दें। शेयर मार्केट से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। नये कारोबार को लेकर प्लानिंग कर सकते हैं। शिक्षा और प्रतियोगिता में आपको लाभ मिलेगा।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):घर के लिये उपयोगी वस्तुओं को खरीद सकते हैं। अधीनस्थ कर्मचारियों से आपके सम्बन्ध मजबूत होंगे। आपकी दैनिक दिनचर्या बहुत ही अच्छी रहेगी। आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। जॉब में स्थानान्तरण और पदोन्नति दोनों की सम्भावना प्रबल है।

🏹 *धनु (Sagittarius):*कानूनी अड़चनों को दूर कर लेंगे। अपने कार्यों को दूसरों पर न थोपें। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। सभी काम सुचारू रूप से चलेंगे। अपनी दबी हुई क्षमताओं को विकसित करने का प्रयास करेंगे। गैस और अपच की समस्या होने पर ध्यान दें।

🐊 *मकर (Capricorn):*प्रतियोगी परीक्षाओं में आपको सफलता मिल सकती है। सामाजिक कार्यों में आप व्यस्त रहेंगे। रिश्तों की मर्यादा को ध्यान में रखें। लोग आपके विचारों को सुनने के लिये उत्सुक रहेंगे। आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में सुदृढ़ होगी।

⚱ *कुंभ (Aquarius)*वाहन प्रयोग में आपको सावधानी रखनी चाहिये। परिवार की जिम्मेदारियों से पीछे न हटें। ईर्ष्या रखने वाले लोगों से दूरी बनाकर रखें। चंचलता और जिद्दी व्यवहार के कारण परेशानी हो सकती है। व्यवसाय में उलझनों का सामना करना पड़ेगा। विदेश यात्रा होने के योग बन रहे हैं।

🧜‍♀ *मीन (Pisces ) *आपमें परोपकार की भावना प्रबल रहेगी। आपको कोई शुभ समाचार मिलने वाला है। व्यवसाय में सार्थक लाभ मिलने से मन उत्साहित रहेगा। कोई विशिष्ट कार्य होने से आपका उत्साह बढ़ेगा। मित्रों के साथ समय व्यतीत करेंगे।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaMonday, March 08, 2021

Sunday, March 7, 2021

सदा विजयी होने के लिए जानिए विजया एकादशी कथा माहात्म्य -

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सदा विजयी होने के लिए जानिए विजया एकादशी कथा माहात्म्य -

फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी विजया एकादशी के नाम से जानी जाती है। इस साल विजया एकादशी 9 मार्च 2021 को है। नाम के अनुसार ही इस एकादशी का व्रत करने वाला सदा विजयी रहता है। 

प्राचीन काल में कई राजा-महाराजा इस व्रत के प्रभाव से अपनी निश्चित हार को भी जीत में बदल चुके हैं। विजया एकादशी व्रत के बारे में पद्म पुराण और स्कन्द पुराण में अति सुन्दर वर्णन मिलता है। कहा जाता है कि कि जब जातक शत्रुओं से घिरा हो तब विकट से विकट से परिस्थिति में भी विजया एकादशी के व्रत से जीत सुनिश्चित की जा सकती है। कहा जाता है कि विजया एकादशी का व्रत करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है।

विजया एकादशी व्रत करने वाले के जीवन में शुभ कर्मों में वृद्धि, मनोवांछित फलों की प्राप्ती होती है और कष्टों का नाश होता है। इतना ही नहीं जो भी इस एकादशी का व्रत विधि विधान और सच्चे मन से करता है वह भगवान विष्णु का कृपापात्र बन जाता है।

विजया एकादशी कथा माहात्म्य - 

अर्जुन भगवान श्री कृष्ण से एकादशी का महात्मय सुन कर आनन्द विभोर हो रहे हैं। जया एकादशी के महात्मय को जानने के बाद अर्जुन कहते हैं माधव फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी का क्या महात्मय है आपसे मैं जानना चाहता हूं अत: कृपा करके इसके विषय में जो कथा है वह सुनाएं।

अर्जुन द्वारा अनुनय पूर्वक प्रश्न किये जाने पर श्री कृष्णचंद जी कहते हैं प्रिय अर्जुन फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी विजया एकादशी के नाम से जानी जाती है। इस एकादशी का व्रत करने वाला सदा विजयी रहता है। 

हे अर्जुन तुम मेरे प्रिय सखा हो अत: मैं इस व्रत की कथा तुमसे कह रहा हूं, आज तक इस व्रत की कथा मैंने किसी को नहीं सुनाई। तुमसे पूर्व केवल देवर्षि नारद ही इस कथा को ब्रह्मा जी से सुन पाए हैं। तुम मेरे प्रिय हो इसलिए तुम मुझसे यह कथा सुनो।

त्रेतायुग की बात है श्री रामचन्द्र जी जो विष्णु के अंशावतार थे अपनी पत्नी सीता को ढूंढते हुए सागर तट पर पहुंचे। सागर तट पर भगवान का परम भक्त जटायु नामक पक्षी रहता था। उस पक्षी ने बताया कि सीता माता को सागर पार लंका नगरी का राजा रावण ले गया है और माता इस समय आशोक वाटिका में हैं। 

जटायु द्वारा सीता का पता जानकर श्रीराम चन्द्र जी अपनी वानर सेना के साथ लंका पर आक्रमण की तैयारी करने लगे परंतु सागर के जल जीवों से भरे दुर्गम मार्ग से होकर लंका पहुंचना प्रश्न बनकर खड़ा था।

भगवान श्री राम इस अवतार में मर्यादा पुरूषोत्तम के रूप में दुनियां के समझ उदाहरण प्रस्तुत करना चाहते थे अत: आम मानव की भांति चिंतित हो गये। जब उन्हें सागर पार जाने का कोई मार्ग नहीं मिल रहा था तब उन्होंने लक्ष्मण से पूछा कि हे लक्ष्मण इस सागर को पार करने का कोई उपाय मुझे सूझ नहीं रहा अगर तुम्हारे पास कोई उपाय है तो बताओ। 

श्री रामचन्द्र जी की बात सुनकर लक्ष्मण बोले प्रभु आपसे तो कोई भी बात छिपी नहीं है आप स्वयं सर्वसामर्थवान है फिर भी मैं कहूंगा कि यहां से आधा योजन दूर परम ज्ञानी वकदाल्भ्य मुनि का निवास हैं हमें उनसे ही इसका हल पूछना चाहिए।

भगवान श्रीराम लक्ष्मण समेत वकदाल्भ्य मुनि के आश्रम में पहुंचे और उन्हें प्रणाम करके अपना प्रश्न उनके सामने रख दिया। मुनिवर ने कहा हे राम आप अपनी सेना समेत फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी का व्रत रखें, इस एकादशी के व्रत से आप निश्चित ही समुद्र को पार कर रावण को पराजित कर देंगे। 

श्री रामचन्द्र जी ने तब उक्त तिथि के आने पर अपनी सेना समेत मुनिवर के बताये विधान के अनुसार एकादशी का व्रत रखा और सागर पर पुल का निर्माण कर लंका पर चढ़ाई की। राम और रावण का युद्ध हुआ जिसमें रावण मारा गया।

हे अर्जुन विजया एकादशी की जो कथा है वह मैंने तुमसे कहा अब इस व्रत का जो विधान है वह तुम मुझसे सुनो। श्री रामचन्द्र जी ने जिस विधि से विजया एकादशी का व्रत किया उसी विधि से विजया एकादशी का व्रत करना चाहिए। 

दशमी के दिन एक वेदी बनाकर उस पर सप्तधान रखें फिर अपने सामर्थ्य के अनुसार स्वर्ण, रजत, ताम्बा अथवा मिट्टी का कलश बनाकर उस पर स्थापित करें। एकदशी के दिन उस कलश में पंचपल्लव रखकर श्री विष्णु की मूर्ति स्थापित करें और विधि सहित धूप, दीप, चंदन, फूल, फल एवं तुलसी से प्रभु का पूजन करें। व्रत के पूरे दिन भगवान की कथा का पाठ एवं श्रवण करें और रात्रि में कलश के सामने बैठकर जागरण करे। द्वादशी के दिन कलश को योग्य ब्राह्मण अथवा पंडित को दान कर दें।

अत: हे राजन्! जो कोई मनुष्य विधिपूर्वक इस व्रत को करेगा, दोनों लोकों में उसकी अवश्य विजय होगी। श्री ब्रह्माजी ने नारदजी से कहा था कि हे पुत्र! जो कोई इस व्रत के महात्म्य को पढ़ता या सुनता है, उसको वाजपेय यज्ञ का फल प्राप्त होता है।

विजया एकादशी मुहूर्त-

एकादशी तिथि प्रारम्भ- मार्च 08, 2021 सोमवार को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट से

एकादशी तिथि समाप्त- मार्च 09, 2021 मंगलवार को 03 बजकर 02 मिनट तक 

पारण का समय- 10 मार्च, बुधवार सुबह 06 बजकर 36 से सुबह 8 बजकर 58 मिनट तक

।। आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो ।। 

                 🙏  धन्यवाद  🙏

Posted By KanpurpatrikaSunday, March 07, 2021

❖▩ஜआज का पंचांग, 8 मार्च 2021, सोमवार,,❖▩ஜ

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❖▩ஜआज का पंचांग, 8 मार्च 2021, सोमवार,,❖▩ஜ

🌞🛕 *जय रामजी की*🛕🌞 

 🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹

       *🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
          ▩ஜआज का पंचांग ۩۞۩ஜ

8 मार्च 2021, सोमवार, विक्रमी सम्वत 2077, शाका 1942, फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष, फाल्गुन मास की प्रविष्टा 25, उत्तरायण, दक्षिणगोल, बसन्त ऋतु, तिथि दशमी सायं 3:45 तक तदनन्तर एकादशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, सूर्योदय 6:50am, सूर्यास्त 6:27pm, राहुकाल प्रातः 7:30 से 9:00

तिथि: स्वामी दयानन्द सरस्वती जयन्ती

🐏 *मेष (Aries):*व्यक्तिगत जीवन से काफी सन्तुष्ट रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपको पुरस्कार मिल सकता है। आज दिन भर महत्वपूर्ण कार्यों में लगे रहेंगे। भाई-बहनों से जुड़ी कोई शुभ सूचना मिल सकती है। आप दूसरों की सहायता करने का प्रयास करेंगे।

🐂 *वृषभ (Tauras):*कोई महत्वपूर्ण कार्य आज टल सकता है। कार्यक्षेत्र में ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। अपने आत्मविश्वास को बनाये रखें। अत्यधिक भावुक होने से कुछ गलतियाँ कर सकते हैं। शोधकार्यों और अनुसंधान में सफलता मिलेगी। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन सामान्य रहेगा।

👭 *मिथुन (Gemini) सन्तान से शुभ समाचार मिल सकता है। नये मित्रों से आपको मिलने का अवसर मिलेगा। व्यवसाय में आपको बेहतरीन उन्नति मिलेगी। अति आत्मविश्वास से आपको बचना चाहिये। बीमार लोगों की सेहत में सुधार आयेगा।

🦀 *कर्क (Cancer):*विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम के लिये अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी। आर्थिक उन्नति के नये मार्ग प्रशस्त होंगे। लेन-देन करने से पूर्व थोड़ी जांच-परख अवश्य कर लें। आज आप स्वादिष्ट भोजन विशेष रूप से मिष्ठान्न का आनन्द उठा सकते हैं। अधीनस्थ कर्मचारियों से आपको लाभ प्राप्त होगा।

🦁 *सिंह (Leo):परिजनों की दृष्टि में आपका सम्मान बढ़ेगा। आपकी आर्थिक स्थिति बहुत ही अच्छी रहने वाली है। प्रेम विवाह को पारिवारिक सहमति मिल सकती है। आज काफी तरोताजा महसूस करेंगे। सभी कार्य आसानी से पूर्ण हो जायेंगे। घर में भोज का किसी उत्सव का आयोजन कर सकते हैं।

👧🏻 *कन्या (Virgo):*नौकरीपेशा लोगों को लगन से काम करना चाहिये। नया वाहन खरीदने का विचार बनायेंगे। आप परेशानी के दौरान भी सकारात्मक बने रहेंगे। घर में किसी वस्तु की अचानक जरूरत पड़ने के कारण उसे खरीदना पड़ेगा। सहकर्मियों पर एकतरफा विश्वास न करें।

⚖ *तुला (Libra):*नये अनुबन्ध आज आपको मिल सकते हैं। प्रेमी जन के साथ आज घूमने जाने का विचार बनायेंगे। कार्य सम्बन्धित लक्ष्यों को आसानी से पूरा कर लेंगे। अपनी कार्यशैली में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं। पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे। नये विचारों का सृजन होगा।

🦂 *वृश्चिक (Scorpio):वित्तीय मामलों में आपको काफी अनिश्चचितता का सामना करना पड़ेगा। भ्रम की स्थितियों के कारण वादविवाद न करें। आपके घर मेहमान आ सकते हैं। दूसरों की बातों पर सीधे यकीन न करें। शरीर में थकावट हो सकती है। आपके सौन्दर्य में वृद्धि होगी।

🏹 *धनु (Sagittarius):*अपने काम के प्रति पूर्ण समर्पण भाव रखेंगे। नयी जॉब का प्रस्ताव आ सकता है। लोग आपको सहयोग कर सकते हैं। उच्चाधिकारियों से आपको प्रशंसा प्राप्त होगी। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। मनोवांछित वस्तु के प्राप्त होने के योग भी बन रहे हैं।

🐊 *मकर (Capricorn):*भोगविलास में आज काफी प्रवृत्त रहेंगे। अनुशासनहीनता के कारण काम बिगड़ सकते हैं। बच्चों के करियर को लेकर थोड़े सचेत रहें। आज आपको अपना ध्यान स्थिर रखना चाहिये। शेयर मार्केट में ध्यानपूर्वक ही निवेश करें।

⚱ *कुंभ (Aquarius)*उत्तम स्वास्थ्य सुख का आनन्द उठायेंगे। किसी इच्छानुसार काम होने से मन प्रसन्नचित्त रहेगा। आज छुट्टी लेकर कहीं घूमने निकल सकते हैं। जीवनसाथी के साथ आपका सामंजस्य बेहतरीन रहेगा। उलझे हुए मामलों को सुलझाते चले जायेंगे।

🧜‍♀ *मीन (Pisces ) *विद्यार्थी नये कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिये आज का दिन काफी शुभ रहेगा। आपके मन में किसी वस्तु के प्रति प्रबल आकर्षण रहेगा। प्रेमी जन को आज काफी समय देंगे। लीवर की समस्याओं को ध्यान में रखें।

*💥🌺🚩आपका दिन शुभ हो 🚩🌺💥*

     पंडित आशीष त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य 

    *🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
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       *😍आपका दिन शुभ हो😍*
     *🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*

Posted By KanpurpatrikaSunday, March 07, 2021